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पर्यषण पर्व की तीसरे दिन की आर्जव धर्म की आराधना

Mon, 17 Sep 2018 01:48 AM IST
Updated Mon, 17 Sep 2018 01:48 AM IST
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पर्यषण पर्व की तीसरे दिन की आर्जव धर्म की आराधना
पर्यूषण पर्व की तीसरे दिन की आर्जव धर्म की आराधना
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आदिनाथ मंदिर में दसलक्षण पर्व पर धार्मिक आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। जैन समुदाय के दस दिवसीय पर्यूषण पर्व के तीसरे दिन रविवार को आर्जव धर्म की आराधना श्रद्धा भक्ति के साथ की गई। इस पर्व के दौरान श्रद्धालु व्रत-उपवास कर रहे हैं, वहीं धार्मिक सांस्कृतिक आयोजनों में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल भी हो रहे हैं।

रविवार को पर्यूषण पर्व के तृतीय दिन नईबस्ती स्थित आदिनाथ जैन मंदिर में श्रमण संस्कृति संस्थान सांगानेर जयपुर (राजस्थान) से आए युवा पंडित अनेकांत शास्त्री ने उत्तम आर्जव धर्म के बारे में प्रवचन देते हुए कहा कि मन-वचन-कार्य की सरलता का नाम आर्जव है। जैसा अपने मन में विचार किया जाये, वैसा ही दूसरों से कहा जाये और वैसा ही कार्य किया जाये। छल कपट से मनुष्य का जीवन दुखमय हो जाता है। जीवन में सुख-शांति चाहने वाले प्राणी को सदैव जीवन को छल कपट, ईर्ष्या, द्वेष आदि विकारों से रहित रखना चाहिए। जो बात मन में है, उसे ही वचन द्वारा प्रकट करना आर्जव है और उसके विरुद्ध मायाचार है, अधर्म है। अपनी मन: स्थिति को व्यक्त करना शुभ है, मन की बात छिपाकर बनावटी बात मुंह से कहना अशुभ का संकेत माना गया है। धर्म में प्रवेश करने के लिए इस मायाचार से मुक्त होना आवश्यक है। मायाचारी अपने कपट व्यवहार को कितना ही छिपाए, देर-सबेर वह प्रकट होता ही है। आर्जव धर्म का ध्येय है कि सभी को सरल स्वभाव रखना चाहिए, मायाचारी त्यागना चाहिए। प्रात:काल में जहां अभिषेक, शांतिधारा के बाद दसलक्षण पर्व की संगीत की स्वर लहरियों के बीच पूजन किया गया, वहीं तत्वार्थसूत्र का वाचन किया गया। दोपहर में इष्टोपदेश ग्रंथ पर प्रवचन हुए, रात्रि में प्रत्येक धर्म पर प्रवचन के साथ ही संगीतमय भव्य आरती का आयोजन किया गया। सांस्कृतिक आयोजन के तहत खुआ प्रश्नमंच का आयोजन जैन पंचायत के अध्यक्ष अनिल अंचल की अध्यक्षता में किया गया, जिसमें सही उत्तर देने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत भी किया गया। नया मंदिर में मुनिश्री अविचल सागर महाराज ने अपने प्रवचन में धर्मसभा में कहा कि उत्तम आर्जव धर्म मन के सौंदर्य को निखारता है। यह पर्व आत्म जागरण का पर्व है। आत्म सौंदर्य को बढ़ाने के लिए यह पर्व जागरूक करने आता है। इस मौके पर महामंत्री डॉ. अक्षय टड़ैया, प्रदीप सतरवांस, आदिनाथ मंदिर के प्रबंधक द्वय जितेंद्र जैन, शुभेंदू जैन, राजकुमार कैप्टन, डा. सुनील संचय, अक्षय अलया, सतेंद्र जैन, आलोक मोदी, मनोज जैन, राजेश जैन, मनीष जैन, सोमचंद्र जैन, सचिन जैन, श्रेयांस चंद्र जैन रेल्वे, जिनेंद्र जैन, विनोद जैन उपस्थित रहे।
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