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मनमर्जी समय पर हो रहा लोहिया बसों का संचालन 1
Updated Tue, 22 May 2018 04:20 AM IST
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मनमर्जी समय पर हो रहा लोहिया बसों का संचालन
डेढ़ घंटे पहले बस निकलने से यात्री हो रहे परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
शासन ने ग्रामीण क्षेत्र में आम जनता की सुविधा के लिए लोहिया ग्रामीण बस सेवा का संचालन किया गया है। लेकिन विभागीय कर्मचारियों की मनमानी के चलते बस सेवा नियमित नहीं चल रही है और कभी समय से पहले ही चलाई जा रही हैं। इसका खामियाजा आम लोगों को परेशान होकर भुगतना पड़ रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों के आम लोगों को सुविधा देने के लिए लोहिया ग्रामीण बस सेवा चलाई गई हैं। इसमें लोगों को सस्ते किराए पर यात्रा की सुविधा दी गई है। गांव से जिला मुख्यालय आने के लिए कई बसों में सफर करना पड़ता था। लेकिन लोहिया बसों के संचालन से ग्रामीण क्षेत्र केे लोग एक बस में सफर करके कम समय में ही मुख्यालय पहुंच रहे हैं। इन बसों के चलने का समय निर्धारित किया गया है। इससे लोगों को समय को लेकर किसी तरह की परेशानी न हो। लेकिन विभागीय अधिकारियों की देखरेख के अभाव में विभागीय कर्मचारी बस का संचालन अपने मनमाने समय पर कर रहे हैं। यात्रियों को अपने गांव/घर जाने के लिए बस स्टैंड पर आते हैं। जहां पर बस न होने से मायूस हो जाते हैं। क्योंकि बस अपने निश्चित समय के पहले ही निकल जाती है। जबकि लोगों को बस के जाने के समय की जानकारी होती है। इससे वह बस के चलने के समय से पहले ही आ जाते है। लेकिन हद तो तब हो जाती है जब कि बस अपने निर्धारित समय से लगभग डेढ़ घंटे पहले ही चली जाती है। तो कई बार यह हो जाता है कि बस अचानक ही एक दिन के लिए बंद हो जाए। ऐसी स्थिति में यात्रियों को रात गुजारने के लिए ठिकाना ढूंढते हैं। कुछ लोग तो स्थानीय होटलों में रुककर रात गुजार लेते हैं या तो निजी वाहन करके अपने घर पहुंच जाते है तो वहीं निर्धन परिवार के लोग रुकने के लिए रैन बसेरों की तलाश में लग जाते हैं।
इन बसों का नहीं है ठिकाना
झांसी से गुढ़ा के लिए लोहिया ग्रामीण बस सेवा का संचालन किया जा रहा है। जो सुबह झांसी से चलकर गुढ़ा जाती है। साथ शाम को भी गुढ़ा से झांसी के लिए चलाई गई है। जो ललितपुर से शाम आठ बजे झांसी के लिए जाती है। जो समय से पहले ही चलाई जा रही है। कभी-कभी नहीं आती है। झांसी से बालाबेहट के लिए भी लोहिया ग्रामीण बस चलाई जा रही है। जो शाम को ललितपुर से झांसी के लिए जाती है। जो बस अचानक ही बंद हो गई है।
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फोटो-13
निजी वाहन से जाना पड़ा घर
रिश्तेदारी में एक फलदान के कार्यक्रम में ललितपुर आया था। कार्यक्रम में शामिल होकर अपने घर बांसी जाने के लिए बस स्टैंड करीब सात बजकर पैंतालीस मिनट पर आया। जहां पर बस न देखकर परेशान हो गया। बाद में एक निजी वाहन को किराए पर लेकर अपने घर रात्री करीब साढ़े नौ बजे पहुंचा।
-हेमंत पुरोहित, बांसी
फोटो- 14
रिश्तेदार के यहां बिताई रात
निजी कार्य के लिए ललितपुर आया। अपना काम होने के बाद में आठ बजे की लोहिया बस से घर जाने के लिए बस स्टैंड पर आया । लेकिन बस स्टैंड पर 7 बजकर 50 मिनट पर बस नहीं मिली। इसके बाद अपने रिश्तेदार के यहां रात बिताने के लिए मजबूर हो गया।
-अखिलेश साहू
तालबेहट
कार्रवाई की जाएगी
बस को समय से पहले निकालने का कोई आदेश नहीं किया गया है। यदि समय से पहले बस चलाई जा रही है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारण बस नहीं चलाई गई हो। बस को बंद नहीं किया गया है।
- रामलोट, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक
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डेढ़ घंटे पहले बस निकलने से यात्री हो रहे परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
शासन ने ग्रामीण क्षेत्र में आम जनता की सुविधा के लिए लोहिया ग्रामीण बस सेवा का संचालन किया गया है। लेकिन विभागीय कर्मचारियों की मनमानी के चलते बस सेवा नियमित नहीं चल रही है और कभी समय से पहले ही चलाई जा रही हैं। इसका खामियाजा आम लोगों को परेशान होकर भुगतना पड़ रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों के आम लोगों को सुविधा देने के लिए लोहिया ग्रामीण बस सेवा चलाई गई हैं। इसमें लोगों को सस्ते किराए पर यात्रा की सुविधा दी गई है। गांव से जिला मुख्यालय आने के लिए कई बसों में सफर करना पड़ता था। लेकिन लोहिया बसों के संचालन से ग्रामीण क्षेत्र केे लोग एक बस में सफर करके कम समय में ही मुख्यालय पहुंच रहे हैं। इन बसों के चलने का समय निर्धारित किया गया है। इससे लोगों को समय को लेकर किसी तरह की परेशानी न हो। लेकिन विभागीय अधिकारियों की देखरेख के अभाव में विभागीय कर्मचारी बस का संचालन अपने मनमाने समय पर कर रहे हैं। यात्रियों को अपने गांव/घर जाने के लिए बस स्टैंड पर आते हैं। जहां पर बस न होने से मायूस हो जाते हैं। क्योंकि बस अपने निश्चित समय के पहले ही निकल जाती है। जबकि लोगों को बस के जाने के समय की जानकारी होती है। इससे वह बस के चलने के समय से पहले ही आ जाते है। लेकिन हद तो तब हो जाती है जब कि बस अपने निर्धारित समय से लगभग डेढ़ घंटे पहले ही चली जाती है। तो कई बार यह हो जाता है कि बस अचानक ही एक दिन के लिए बंद हो जाए। ऐसी स्थिति में यात्रियों को रात गुजारने के लिए ठिकाना ढूंढते हैं। कुछ लोग तो स्थानीय होटलों में रुककर रात गुजार लेते हैं या तो निजी वाहन करके अपने घर पहुंच जाते है तो वहीं निर्धन परिवार के लोग रुकने के लिए रैन बसेरों की तलाश में लग जाते हैं।
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इन बसों का नहीं है ठिकाना
झांसी से गुढ़ा के लिए लोहिया ग्रामीण बस सेवा का संचालन किया जा रहा है। जो सुबह झांसी से चलकर गुढ़ा जाती है। साथ शाम को भी गुढ़ा से झांसी के लिए चलाई गई है। जो ललितपुर से शाम आठ बजे झांसी के लिए जाती है। जो समय से पहले ही चलाई जा रही है। कभी-कभी नहीं आती है। झांसी से बालाबेहट के लिए भी लोहिया ग्रामीण बस चलाई जा रही है। जो शाम को ललितपुर से झांसी के लिए जाती है। जो बस अचानक ही बंद हो गई है।
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निजी वाहन से जाना पड़ा घर
रिश्तेदारी में एक फलदान के कार्यक्रम में ललितपुर आया था। कार्यक्रम में शामिल होकर अपने घर बांसी जाने के लिए बस स्टैंड करीब सात बजकर पैंतालीस मिनट पर आया। जहां पर बस न देखकर परेशान हो गया। बाद में एक निजी वाहन को किराए पर लेकर अपने घर रात्री करीब साढ़े नौ बजे पहुंचा।
-हेमंत पुरोहित, बांसी
फोटो- 14
रिश्तेदार के यहां बिताई रात
निजी कार्य के लिए ललितपुर आया। अपना काम होने के बाद में आठ बजे की लोहिया बस से घर जाने के लिए बस स्टैंड पर आया । लेकिन बस स्टैंड पर 7 बजकर 50 मिनट पर बस नहीं मिली। इसके बाद अपने रिश्तेदार के यहां रात बिताने के लिए मजबूर हो गया।
-अखिलेश साहू
तालबेहट
कार्रवाई की जाएगी
बस को समय से पहले निकालने का कोई आदेश नहीं किया गया है। यदि समय से पहले बस चलाई जा रही है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारण बस नहीं चलाई गई हो। बस को बंद नहीं किया गया है।
- रामलोट, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक