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मड़ावरा
Updated Wed, 19 Jul 2017 02:06 AM IST
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गायब व्यापारी भोपाल के होटल में मिला
मड़ावरा (ललितपुर)।
रविवार को अपने घर से टीकमगढ़ जाने की बात कहकर निकले कस्बे के गल्ला व्यापारी के गायब होने के बाद 24 घंटे अंदर पुलिस ने भोपाल के एक होटल से बरामद कर लिया है। गौरतलब है कि कस्बा निवासी सुरेशचंद्र असाटी पेशे से गल्ला व्यापारी हैं, जो रविवार सुबह अपने व्यापार के काम से टीकमगढ़ जाने की बात कहकर घर से गए थे और दोपहर एक बजे कुंडेश्वर पहुंचने की जानकारी परिजनों को फोन पर दी, लेकिन देर शाम तक घर न लौटने और मोबाइल बंद हो जाने पर चिंतित परिजनों ने मामले की जानकारी मड़ावरा पुलिस को दी। घटना की जानकारी मिलते ही थानाध्यक्ष मड़ावरा विजय सिंह ने मामले के गंभीरता भांपते हुए सक्रियता दिखाते हुए व्यापारी का मोबाइल सर्विलांस पर लगवाते हुए उसकी लोकेशन ट्रेस कराई गई। मोबाइल की अंतिम लोकेशन रविवार रात्रि साढ़े दस बजे भोपाल की पाई गई। पुलिस की तत्परता और लोकेशन के आधार पर व्यापारी के परिजन सोमवार शाम भोपाल पहुंच गए और कई होटलों में तलाश शुरू कर दी। मंगलवार सुबह 4 बजे भोपाल के एक होटल से गायब व्यापारी को बरामद कर लिया गया। मंगलवार को अपने परिजनों के साथ घर वापस लौटे गल्ला व्यापारी ने बताया कि वह अपने इलाज लिए भोपाल चला गया था। मोबाइल डिस्चार्ज हो जाने और सफर की थकावट के चलते अपने घर जानकारी नहीं दे सका और होटल में जाकर सो गया।
फोटो- 14
कैप्शन- तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते लेखपाल
वीआरएस छंटनी पर लगायी जाए रोक
लेखपाल संघ ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
मड़ावरा (ललितपुर)। मड़ावरा तहसील लेखपाल संघ ने 50 वर्ष आयु पूर्ण कर चुके लेखपाल को अनिवार्य सेवानिवृत्ति के लिए कराई जाने वाली स्क्रीनिंग प्रक्रिया बंद कराने की मांग की। मुख्य सचिव को संबोधित एक ज्ञापन तहसीलदार हेमंत कुमार को सौंपते हुए लेखपाल संघ अध्यक्ष भरत कुमार दुबे ने बताया कि लेखपालों से एक बहुउद्देशीय कर्मचारी की तरह कार्य लिया जाता है और वह उसे पूरी निष्टा और जिम्मेवारी से संपादित किया जाता है। राजस्व और भूमि संबंधी कार्यों समेत अन्य शासकीय कार्यों के निर्वहन में लेखपालों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। लेखपाल संघ ने तथ्यों और परिस्थितियों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए स्क्रीनिंग प्रक्रिया बंद कराये जाने की मांग की है अन्यथा की स्थिति में 27 जुलाई को होने वाली संस्था की सर्वोच्च समिति की बैठक में लेखपाल आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इस दौरान भरत दुबे, रजत मिश्रा, गयाप्रसाद, अभय, दीनदयाल समेत तमाम लेखपाल मौजूद रहे।
मड़ावरा (ललितपुर)।
रविवार को अपने घर से टीकमगढ़ जाने की बात कहकर निकले कस्बे के गल्ला व्यापारी के गायब होने के बाद 24 घंटे अंदर पुलिस ने भोपाल के एक होटल से बरामद कर लिया है। गौरतलब है कि कस्बा निवासी सुरेशचंद्र असाटी पेशे से गल्ला व्यापारी हैं, जो रविवार सुबह अपने व्यापार के काम से टीकमगढ़ जाने की बात कहकर घर से गए थे और दोपहर एक बजे कुंडेश्वर पहुंचने की जानकारी परिजनों को फोन पर दी, लेकिन देर शाम तक घर न लौटने और मोबाइल बंद हो जाने पर चिंतित परिजनों ने मामले की जानकारी मड़ावरा पुलिस को दी। घटना की जानकारी मिलते ही थानाध्यक्ष मड़ावरा विजय सिंह ने मामले के गंभीरता भांपते हुए सक्रियता दिखाते हुए व्यापारी का मोबाइल सर्विलांस पर लगवाते हुए उसकी लोकेशन ट्रेस कराई गई। मोबाइल की अंतिम लोकेशन रविवार रात्रि साढ़े दस बजे भोपाल की पाई गई। पुलिस की तत्परता और लोकेशन के आधार पर व्यापारी के परिजन सोमवार शाम भोपाल पहुंच गए और कई होटलों में तलाश शुरू कर दी। मंगलवार सुबह 4 बजे भोपाल के एक होटल से गायब व्यापारी को बरामद कर लिया गया। मंगलवार को अपने परिजनों के साथ घर वापस लौटे गल्ला व्यापारी ने बताया कि वह अपने इलाज लिए भोपाल चला गया था। मोबाइल डिस्चार्ज हो जाने और सफर की थकावट के चलते अपने घर जानकारी नहीं दे सका और होटल में जाकर सो गया।
फोटो- 14
कैप्शन- तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते लेखपाल
वीआरएस छंटनी पर लगायी जाए रोक
लेखपाल संघ ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
मड़ावरा (ललितपुर)। मड़ावरा तहसील लेखपाल संघ ने 50 वर्ष आयु पूर्ण कर चुके लेखपाल को अनिवार्य सेवानिवृत्ति के लिए कराई जाने वाली स्क्रीनिंग प्रक्रिया बंद कराने की मांग की। मुख्य सचिव को संबोधित एक ज्ञापन तहसीलदार हेमंत कुमार को सौंपते हुए लेखपाल संघ अध्यक्ष भरत कुमार दुबे ने बताया कि लेखपालों से एक बहुउद्देशीय कर्मचारी की तरह कार्य लिया जाता है और वह उसे पूरी निष्टा और जिम्मेवारी से संपादित किया जाता है। राजस्व और भूमि संबंधी कार्यों समेत अन्य शासकीय कार्यों के निर्वहन में लेखपालों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। लेखपाल संघ ने तथ्यों और परिस्थितियों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए स्क्रीनिंग प्रक्रिया बंद कराये जाने की मांग की है अन्यथा की स्थिति में 27 जुलाई को होने वाली संस्था की सर्वोच्च समिति की बैठक में लेखपाल आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इस दौरान भरत दुबे, रजत मिश्रा, गयाप्रसाद, अभय, दीनदयाल समेत तमाम लेखपाल मौजूद रहे।
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