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60 फीसदी खांसी, जुकाम के मरीज पहुंच रहे अस्पताल
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जिला अस्पताल में ओपीडी पर्चा बनवाने के लिए लगी लंबी कतार
- फोटो : LALITPUR
ललितपुर। दिन में पड़ रही तेज धूप व और रात में पड़ रही सर्दी से मौसम का मिजाज बदल रहा है। इससे मौसमी बीमारियां अपने पैर पसारने लगी हैं। इनमें सबसे अधिक खांसी व जुकाम हो रहा है। खांसी व जुकाम होने के कारण लोगों को कोरोना वायरल होने का भय सता रहा है। जिला अस्पताल में 60 फीसदी मरीज खांसी व जुकाम के पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि आने वाले मरीजों में बुखार के कोई लक्षण नहीं हैं। कोरोना वायरस से घबराने की जरूरत नहीं है।
नोवल कोरोना वायरल को लेकर विभिन्न गाइड लाइनों के माध्यम से जागरुक किया जा रहा है। इससे बचाव के लिए विभिन्न जानकारियां दी जा रही है। संक्रमण पर नियंत्रण रखने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों को निरस्त किया गया है। साथ ही विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी परीक्षा कार्यक्रम टाल दिया है। मौसम में हो रहे परिवर्तन में लापरवाही बरतने से मौसमी बीमारियां पनप रही हैं। इनमें सबसे अधिक खांसी व जुकाम के मरीज पहुंच रहे हैं। लेकिन, कोरोना वायरस को लेकर लोगों में भय बना हुआ है। इसका असर जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या को देखकर स्पष्ट हो रहा है। लोगों को मौसमी बीमारियों से अधिक भय कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर बना हुआ है। स्थिति यह है कि 1400 मरीजों में 800 से अधिक मरीज खांसी व जुुकाम के आ रहे हैं।
दो सप्ताह से मौसम में दिनों दिन परिवर्तन हो रहा है। दिन में अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस तक रहता है। दिन में तेज धूप निकलने से गर्मी बढ़ जाती है। शाम को तापमान में गिरावट होने से सर्दी बढ़ने लगती है। अधिकांश लोग सर्दी से अपना बचाव नहीं कर पा रहे हैं और लापरवाही के चलते मौसमी बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। इसका असर सरकारी व निजी अस्पतालों में देखने को मिल रहा है। मंगलवार को 689 पुरुष व 650 महिला मरीज उपचार कराने के लिए पहुंचे।
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बीमारियों की चपेट में बड़ों के साथ बच्चे भी आ रहे हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डा. मनीष जैन ने बताया कि सर्दी से बचाव नहीं कर पाने से बच्चों में खांसी, जुकाम, निमोनिया व अस्थमा जैसी बीमारियों हो रहीं है। वर्तमान में इन्हीं बीमारियों का प्रकोप बना हुआ है।
वरिष्ठ फिजीशियनों के पास मौसमी बीमारियों से प्रभावित मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें खांसी, जुकाम, बुखार, मलेरिया व टाईफाइड के मरीज आ रहे हैं। मंगलवार को जिला अस्पताल में विभिन्न बीमारियों के मरीज विशेषज्ञों के पास उपचार कराने पहुंचे। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. अमित चतुर्वेदी ने बताया कि मौसम के बदलने से बीमारियां फैल रही हैं। इससे लोगों को बचाव करने की अधिक आवश्यकता है। जिला अस्पताल में सामान्य दिनों की अपेक्षा मरीजों की संख्या दो गुनी अधिक हो गई है।
मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण पर्चा बनवाने से लेकर चिकित्सक की ओपीडी और अंत में दवा वितरण कक्ष के पास घंटों तक बारी आने का इंतजार करना पड़ रहा है।
इस तरह करें बचाव
- रात के समय बच्चों को सर्दी से बचाएं।
- फुल कपड़े पहनाएं।
- कपड़े गीले होने पर शीघ्र ही बदल दें।
- साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें।
- बीमार होने पर तुरंत चिकित्सक से इलाज कराएं।
चिकित्सकों ने बताया कि कोरोना वायरस से घबराने की आवश्यकता नही हैं। इससे बचाव की जरुरत है। वर्तमान में अधिकांश मौसमी बीमारियां पनप रहीं है। इनमें खांसी व जुकाम अधिक हो रहे हैं। इससे लोगों के कोरोना वायरस के संक्रमण होने का भय है।
नोवल कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए दिन में कई बार अपने हाथों को 20 सेंकेंड तक साबुन पानी से धोएं। बुखार होने वाले व्यक्ति के खांसते व छींकते समय दूरी बनाए रखें।
- डा. अमित चतुर्वेदी, वरिष्ठ फिजीशियन
भीड़ भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचाव करें। साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें। हाथों को बार-बार साफ करते रहें। अनावश्य यात्रा करने से बचाव करें।
- डा. मनीष कुमार, बाल रोग विशेषज्ञ
कोरोना वायरस से बचाव के लिए भीड़ भाड़ वाले स्थानों पर अनावश्यक रुप से न जाएं। मौसम परिवर्तन से सर्दी व खांसी के लगभग 60 प्रतिशत मरीज आ रहे हैं। हालांकि, इनमें बुखार के कोई लक्षण नहीं है।
- डा. राकेश कुमार दत्त
जुकाम होने के चलते जिला अस्पताल में इलाज कराने के लिए आए थे। जहां पर मरीजों की अधिक भीड़ जुट रही है। इलाज के लिए अधिक समय तक इंतजार करना पड़ा।
- अशोक त्रिपाठी, एडवोकेट
लगभग दो सप्ताह से पूरे घर को ही खांसी व जुकाम बना हुआ है। इसके चलते अपने परिवार सहित जिला अस्पताल में इलाज कराने के लिए आईं हूं।
- कृष्णा देवी
वर्तमान में अस्पताल में मरीजों की अधिक भीड़ लग रही है। लोगों को इलाज के लिए काफी इंतजार के बाद बारी आई और इलाज मिल सका।
- मनीष पस्तोर, एडवोकेट
खांसी व जुकाम से अधिक दिनों से पेरशान बने हैं। कोरोना के भय के चलते इलाज के लिए जिला अस्पताल आना पड़ा। हालांकि, इस तरह की कोई पेरशानी नही हैं।
- विजय सिंह
जिला अस्पताल में आने से पहले खांसी व जुकाम होनेे से अन्य बीमारी होने का भय सता रहा था, लेकिन इलाज के बाद अब कोई भय नहीं रहा है।
- छोटेराजा
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नोवल कोरोना वायरल को लेकर विभिन्न गाइड लाइनों के माध्यम से जागरुक किया जा रहा है। इससे बचाव के लिए विभिन्न जानकारियां दी जा रही है। संक्रमण पर नियंत्रण रखने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों को निरस्त किया गया है। साथ ही विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी परीक्षा कार्यक्रम टाल दिया है। मौसम में हो रहे परिवर्तन में लापरवाही बरतने से मौसमी बीमारियां पनप रही हैं। इनमें सबसे अधिक खांसी व जुकाम के मरीज पहुंच रहे हैं। लेकिन, कोरोना वायरस को लेकर लोगों में भय बना हुआ है। इसका असर जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या को देखकर स्पष्ट हो रहा है। लोगों को मौसमी बीमारियों से अधिक भय कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर बना हुआ है। स्थिति यह है कि 1400 मरीजों में 800 से अधिक मरीज खांसी व जुुकाम के आ रहे हैं।
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दो सप्ताह से मौसम में दिनों दिन परिवर्तन हो रहा है। दिन में अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस तक रहता है। दिन में तेज धूप निकलने से गर्मी बढ़ जाती है। शाम को तापमान में गिरावट होने से सर्दी बढ़ने लगती है। अधिकांश लोग सर्दी से अपना बचाव नहीं कर पा रहे हैं और लापरवाही के चलते मौसमी बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। इसका असर सरकारी व निजी अस्पतालों में देखने को मिल रहा है। मंगलवार को 689 पुरुष व 650 महिला मरीज उपचार कराने के लिए पहुंचे।
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बीमारियों की चपेट में बड़ों के साथ बच्चे भी आ रहे हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डा. मनीष जैन ने बताया कि सर्दी से बचाव नहीं कर पाने से बच्चों में खांसी, जुकाम, निमोनिया व अस्थमा जैसी बीमारियों हो रहीं है। वर्तमान में इन्हीं बीमारियों का प्रकोप बना हुआ है।
वरिष्ठ फिजीशियनों के पास मौसमी बीमारियों से प्रभावित मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें खांसी, जुकाम, बुखार, मलेरिया व टाईफाइड के मरीज आ रहे हैं। मंगलवार को जिला अस्पताल में विभिन्न बीमारियों के मरीज विशेषज्ञों के पास उपचार कराने पहुंचे। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. अमित चतुर्वेदी ने बताया कि मौसम के बदलने से बीमारियां फैल रही हैं। इससे लोगों को बचाव करने की अधिक आवश्यकता है। जिला अस्पताल में सामान्य दिनों की अपेक्षा मरीजों की संख्या दो गुनी अधिक हो गई है।
मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण पर्चा बनवाने से लेकर चिकित्सक की ओपीडी और अंत में दवा वितरण कक्ष के पास घंटों तक बारी आने का इंतजार करना पड़ रहा है।
इस तरह करें बचाव
- रात के समय बच्चों को सर्दी से बचाएं।
- फुल कपड़े पहनाएं।
- कपड़े गीले होने पर शीघ्र ही बदल दें।
- साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें।
- बीमार होने पर तुरंत चिकित्सक से इलाज कराएं।
चिकित्सकों ने बताया कि कोरोना वायरस से घबराने की आवश्यकता नही हैं। इससे बचाव की जरुरत है। वर्तमान में अधिकांश मौसमी बीमारियां पनप रहीं है। इनमें खांसी व जुकाम अधिक हो रहे हैं। इससे लोगों के कोरोना वायरस के संक्रमण होने का भय है।
नोवल कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए दिन में कई बार अपने हाथों को 20 सेंकेंड तक साबुन पानी से धोएं। बुखार होने वाले व्यक्ति के खांसते व छींकते समय दूरी बनाए रखें।
- डा. अमित चतुर्वेदी, वरिष्ठ फिजीशियन
भीड़ भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचाव करें। साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें। हाथों को बार-बार साफ करते रहें। अनावश्य यात्रा करने से बचाव करें।
- डा. मनीष कुमार, बाल रोग विशेषज्ञ
कोरोना वायरस से बचाव के लिए भीड़ भाड़ वाले स्थानों पर अनावश्यक रुप से न जाएं। मौसम परिवर्तन से सर्दी व खांसी के लगभग 60 प्रतिशत मरीज आ रहे हैं। हालांकि, इनमें बुखार के कोई लक्षण नहीं है।
- डा. राकेश कुमार दत्त
जुकाम होने के चलते जिला अस्पताल में इलाज कराने के लिए आए थे। जहां पर मरीजों की अधिक भीड़ जुट रही है। इलाज के लिए अधिक समय तक इंतजार करना पड़ा।
- अशोक त्रिपाठी, एडवोकेट
लगभग दो सप्ताह से पूरे घर को ही खांसी व जुकाम बना हुआ है। इसके चलते अपने परिवार सहित जिला अस्पताल में इलाज कराने के लिए आईं हूं।
- कृष्णा देवी
वर्तमान में अस्पताल में मरीजों की अधिक भीड़ लग रही है। लोगों को इलाज के लिए काफी इंतजार के बाद बारी आई और इलाज मिल सका।
- मनीष पस्तोर, एडवोकेट
खांसी व जुकाम से अधिक दिनों से पेरशान बने हैं। कोरोना के भय के चलते इलाज के लिए जिला अस्पताल आना पड़ा। हालांकि, इस तरह की कोई पेरशानी नही हैं।
- विजय सिंह
जिला अस्पताल में आने से पहले खांसी व जुकाम होनेे से अन्य बीमारी होने का भय सता रहा था, लेकिन इलाज के बाद अब कोई भय नहीं रहा है।
- छोटेराजा