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बिजली दरें बढ़ाने पर सपाइयों ने कलैक्ट्र्रेट में दिया धरना
Updated Fri, 08 Dec 2017 02:09 AM IST
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बिजली दरें बढ़ाने पर सपाइयों ने कलेक्ट्रेट में दिया धरना
ललितपुर।
प्रदेश सरकार द्वारा गत दिवस बढ़ाई गई बिजली दरों के खिलाफ कलेक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। सपाइयों ने यहां निकाय चुनाव में बिजली दरें बढ़ाने का प्रस्ताव सरकार द्वारा छिपाने का आरोप भी लगाया। सपा पदाधिकारियों ने राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन डीएम को देते हुए बढ़ी दरें वापस नहीं लेने पर सड़कों पर संघर्ष की चेतावनी दी है।
डीएम को दिए ज्ञापन में बताया गया कि भाजपा की आर्थिक नीतियों के चलते नोटबंदी व जीएसटी के कारण आम जनता बुरी तरह परेशान है। अभी राज्य में निकाय चुनाव खत्म होते ही भाजपा की प्रदेश सरकार ने जिस तरह बिजली दरें बढ़ाकर घरेलू, अर्थव्यवस्था पर चोट की है, उससे लोगों की कमर टूट गई है। नगरीय निकाय चुनाव के दिनों में बिजली दरों में वृद्धि का प्रस्ताव छिपाकर ठीक निकाय चुनाव प्रक्रिया समाप्त होते ही बिजली दरों में भारी वृद्धि करना ठीक नहीं है। आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने अपने जनकल्याण के तमाम कथित वादों को दरकिनार करते हुए बिजली की ग्रामीण उपभोक्ता दरों में 63 से 150 फीसदी और किसानों के कार्यों की दरों में 50 फीसदी वृद्घि कर दी गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में अनमीटर्ड कनेक्शन दरें बढ़ाने के साथ ही मीटर उपभोक्ता का फिक्स चार्ज भी बढ़ा दिया है। ग्रामीण मीटर्ड उपभोक्ता पहले 50 रुपये प्रति किलोवाट फिक्सचार्ज एवं 2.20 रुपए प्रतियूनिट के हिसाब से बिल चुकाते थे, जबकि अब उन्हें 80 रुपए प्रति किलोवाट फिक्स चार्ज और 5.50 रुपए प्रति यूनिट की दर से बिजली बिल का भुगतान करना होगा। आरोप लगाया है कि बिजली विभाग को घाटे से उबारने के लिए विभागीय भ्रष्टाचार, विद्युत चोरी, लाइनलॉस कम करने के बजाय बिजली दरों में बेतहासा वृद्घि करके गरीबों, किसानों व कमजोर वर्ग को अपना शिकार बनाया। आगे बताया गया कि पिछले शासनकाल में विद्युत उत्पादन क्षमता 8500 मेगावाट से बढ़ाकर 16 हजार 500 मेगावाट हो गया था। समाजवादी सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में 14 से 16 घंटे व शहरी क्षेत्रों में 22 से 24 घंटे तक विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था की थी। सपाईयों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर बिजली दरों के प्रस्ताव को वापस लेने की मांग की और ऐसा नहीं होने की दशा में सड़कों पर संघर्ष करने की चेतावनी दी है। धरना के दौरान जिला संगठन प्रभारी व जिला पंचायत सदस्य ज्योति सिंह लोधी, डा.सतीश सुड़ेले, शिशुपाल सिंह यादव, गुलाम मुहम्मद गामा, बालकृष्ण नायक, राजेश यादव, महेंद्र यादव, रमेश खटीक, करीम पप्पू राईन, गिरधारी यादव, लक्ष्मीनारायण विश्वकर्मा, शिवम मिश्रा, विजय यादव, संजय ग्वाला, प्रतीक इमलिया, गौरव जैन, रुपेश खटीक, कृष्ण स्वरुप निरंजन, अनुुराग खरे, रोहित, भरत कुमार, सेतु यादव, धनीराम रजक आदि उपस्थित रहे।
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ललितपुर।
प्रदेश सरकार द्वारा गत दिवस बढ़ाई गई बिजली दरों के खिलाफ कलेक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। सपाइयों ने यहां निकाय चुनाव में बिजली दरें बढ़ाने का प्रस्ताव सरकार द्वारा छिपाने का आरोप भी लगाया। सपा पदाधिकारियों ने राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन डीएम को देते हुए बढ़ी दरें वापस नहीं लेने पर सड़कों पर संघर्ष की चेतावनी दी है।
डीएम को दिए ज्ञापन में बताया गया कि भाजपा की आर्थिक नीतियों के चलते नोटबंदी व जीएसटी के कारण आम जनता बुरी तरह परेशान है। अभी राज्य में निकाय चुनाव खत्म होते ही भाजपा की प्रदेश सरकार ने जिस तरह बिजली दरें बढ़ाकर घरेलू, अर्थव्यवस्था पर चोट की है, उससे लोगों की कमर टूट गई है। नगरीय निकाय चुनाव के दिनों में बिजली दरों में वृद्धि का प्रस्ताव छिपाकर ठीक निकाय चुनाव प्रक्रिया समाप्त होते ही बिजली दरों में भारी वृद्धि करना ठीक नहीं है। आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने अपने जनकल्याण के तमाम कथित वादों को दरकिनार करते हुए बिजली की ग्रामीण उपभोक्ता दरों में 63 से 150 फीसदी और किसानों के कार्यों की दरों में 50 फीसदी वृद्घि कर दी गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में अनमीटर्ड कनेक्शन दरें बढ़ाने के साथ ही मीटर उपभोक्ता का फिक्स चार्ज भी बढ़ा दिया है। ग्रामीण मीटर्ड उपभोक्ता पहले 50 रुपये प्रति किलोवाट फिक्सचार्ज एवं 2.20 रुपए प्रतियूनिट के हिसाब से बिल चुकाते थे, जबकि अब उन्हें 80 रुपए प्रति किलोवाट फिक्स चार्ज और 5.50 रुपए प्रति यूनिट की दर से बिजली बिल का भुगतान करना होगा। आरोप लगाया है कि बिजली विभाग को घाटे से उबारने के लिए विभागीय भ्रष्टाचार, विद्युत चोरी, लाइनलॉस कम करने के बजाय बिजली दरों में बेतहासा वृद्घि करके गरीबों, किसानों व कमजोर वर्ग को अपना शिकार बनाया। आगे बताया गया कि पिछले शासनकाल में विद्युत उत्पादन क्षमता 8500 मेगावाट से बढ़ाकर 16 हजार 500 मेगावाट हो गया था। समाजवादी सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में 14 से 16 घंटे व शहरी क्षेत्रों में 22 से 24 घंटे तक विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था की थी। सपाईयों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर बिजली दरों के प्रस्ताव को वापस लेने की मांग की और ऐसा नहीं होने की दशा में सड़कों पर संघर्ष करने की चेतावनी दी है। धरना के दौरान जिला संगठन प्रभारी व जिला पंचायत सदस्य ज्योति सिंह लोधी, डा.सतीश सुड़ेले, शिशुपाल सिंह यादव, गुलाम मुहम्मद गामा, बालकृष्ण नायक, राजेश यादव, महेंद्र यादव, रमेश खटीक, करीम पप्पू राईन, गिरधारी यादव, लक्ष्मीनारायण विश्वकर्मा, शिवम मिश्रा, विजय यादव, संजय ग्वाला, प्रतीक इमलिया, गौरव जैन, रुपेश खटीक, कृष्ण स्वरुप निरंजन, अनुुराग खरे, रोहित, भरत कुमार, सेतु यादव, धनीराम रजक आदि उपस्थित रहे।
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