फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   युवा पेज: सरकारी स्कूलों में खेलकूद के लिए मिलने वाले बजट की खबर

युवा पेज: सरकारी स्कूलों में खेलकूद के लिए मिलने वाले बजट की खबर

Fri, 13 Jul 2018 01:09 AM IST
Updated Fri, 13 Jul 2018 01:09 AM IST
विज्ञापन
युवा पेज: सरकारी स्कूलों में खेलकूद के लिए मिलने वाले बजट की खबर
विज्ञापन

खेल के मद में एक विद्यार्थी को साल भर के लिए सिर्फ तीस पैसे
एक लाख 75 हजार बच्चों को 52 हजार 500 रुपये का बजट
बिना बजट, खेल सामग्री और बिना शिक्षकों के कैसे खेलेगा इंडिया
बीते 15 माह में नहीं हो सकी शारीरिक शिक्षा अनुदेशकों की भर्ती
ऋषि साहू
ललितपुर। परिषदीय व माध्यमिक स्कूलों में खेलकूद व शारीरिक शिक्षा को बढ़ावा देने के नाम पर मजाक किया जा रहा है। हाल ही में शासन ने जनपद के डेढ़ हजार परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले एक लाख 75 हजार बच्चों को खेलकूद के लिए प्रोत्साहित करने को 52 हजार 500 रुपये का बजट जारी किया हैं। इसमेंहर एक बच्चे के हिस्से में करीब तीस पैसे आ रहे हैं। यह अपने आप में एक बड़ा मजाक है। किसी भी विद्यार्थी को पूरे वर्ष के लिए दी गई महज तीस पैसे की राशि से उसे कैसे खेलकूद के क्षेत्र में आगे बढ़ाया जा सकता है। सरकार के वादे के बाद भी बीते 15 माह में शारीरिक शिक्षा अनुदेशकों की भर्ती नहीं हो सकी है।
खेलकूद को बढ़ावा देने के नाम सरकार द्वारा केवल खेलकूद रैली के लिए बजट दिया जाता है, जो केवल एक मजाक होता है और यह लंबे समय से होता चला आ रहा है। वर्तमान भाजपा सरकार व शासन द्वारा इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। हाल ही में शासन ने खेलकूद को बढ़ावा देने के नाम पर जनपद को 52 हजार 500 जारी किया है। गौरतलब है कि जनपद में करीब डेढ़ हजार परिषदीय विद्यालय है। इनमें पढ़ने वाले बच्चों की संख्या 01 लाख 75 हजार के करीब है। इस धनराशि का उपयोग विद्यालय स्तर, संकुल स्तर, ब्लॉक व जनपद स्तर पर आयोजित होने वाले खेलकूद प्रतियोगिताओं में होगा। यदि जनपद के प्रत्येक बच्चे पर खेलकूद के बजट का हिसाब लगाएं तो हर एक बच्चे के हिस्से में करीब 30 पैसे आएंगेे। यह खेलकूद को बढ़ावा देने के नाम पर केवल एक मजाक है। इसी पैसे से ब्लॉक स्तर पर जनपद स्तर पर आयोजित दो-तीन दिनों तक आयोजित होने वाली रैलियों का आयोजन कराया जाता है।
विज्ञापन


खेल सामग्री के लिए दिया गया कोई बजट
विगत दिनों मानव संसाधन मंत्रालय ने समग्र शिक्षा अभियान की शुरुआत के समय यह घोषणा की है कि खेला इंडिया प्रोग्राम के तहत सभी सरकारी स्कूलों में खेल सामग्री उपलब्ध कराने के लिए बजट दिया जाएगा। इसमें प्राथमिक विद्यालयों के लिए 05 हजार रुपए, उच्च प्राथमिक विद्यालयों के लिए 10 हजार रुपए और हाईस्कूल व इंटर मीडिएट स्कूलों के लिए 25 हजार रुपए का बजट उपलब्ध कराया जाएगा, लेकिन अभी तक कोई बजट जारी नहीं किया गया है। इसके साथ ही परिषदीय विद्यालयों में शासन द्वारा बिना कोई बजट दिए ही दो-दो फुटबॉलों की खरीदी करने के लिए निर्देश दिए गए थे। बजट नहीं होने के कारण कई विद्यालयों ने फुटबॉल भी नहीं खरीदी जा सकी। विगत माह अपर शिक्षा निदेशक रूबी सिंह ने इस सत्र में सभी विद्यालयों में बैडमिंटन की खरीद करने के निर्देश दिए हैं, इसके लिए भी कोई बजट जारी नहीं किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


दूसरी किश्त भी आएगी
जनपद में संचालित परिषदीय विद्यालयों की संख्या व इनमें पढने वाले बच्चों की संख्या के अनुसार इस बजट में खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन कराने में समस्या तो आती है। यह प्रथम किश्त की धनराशि जो ब्लॉक स्तर की खेल प्रतियोगिताओं के लिए जारी हुई है। अभी दूसरी किश्त आएगी जो जनपद स्तर पर आयोजित प्रतियोगिता के लिए होगी। फुटबॉल, बेडमिंटन व अन्य खेल सामग्री के लिए अभी कोई बजट नहीं आया है।
-मायाराम
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, ललितपुर।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed