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रनगांव और गिदवाहा गांव अब भी कुपोषित

Thu, 21 Jun 2018 02:28 AM IST
Updated Thu, 21 Jun 2018 02:28 AM IST
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रनगांव और गिदवाहा गांव अब भी कुपोषित
रनगांव और गिदवाहा गांव अब भी कुपोषित
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जिला पोषण समिति की बैठक में की गई गोद लिए गांवों की समीक्षा
अन्य 100 गांव को कुपोषण मुक्त कराये जाने की प्रक्रिया शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। जिला पोषण समिति की बैठक मेें कुपोषण मुक्त करने के लिए गोद लिए गांव में कुपोषण की स्थिति की समीक्षा प्रभारी जिलाधिकारी योगेंद्र बहादुर सिंह ने की। उन्होंने अधिकारियों को बचे हुए दो गांव को भी कुपोषण से पूर्ण रूप से मुक्त कराने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।

राज्य पोषण मिशन के अंतर्गत जिला पोषण समिति की एक बैठक बुधवार को दोपहर बाद तीन बजे कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई, जिसमें प्रभारी जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से स्वास्थ्य व पोषण संबंधी जानकारी ली। बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी पुष्पा वर्मा द्वारा कुपोषण मुक्त गांव, स्वास्थ्य एवं पोषण से संबंधित विषयों पर एजेंडा के अनुसार समीक्षा कराई। सर्वप्रथम माह मई 2018 मे संपन्न हुई जिला पोषण समिति की बैठक में डीएम द्वारा दिये गये निर्देशों के अनुपालन सें संबंधित बिंदुओं पर अवगत कराया गया कि विगत माह मई 2018 की संपन्न हुई बैठक में जारी निर्देशों का अनुपालन करा लिया गया है। कुपोषण मुक्त बनाये जाने के लिए संबंधित बिंदु पर बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा जानकारी दी गई कि 02 अनिवार्य कोर एवं 12 आवश्यक मानकों को पूर्ण कराते हुए गोद लिए गये 50 गांव के सापेक्ष 48 गांव कुपोषण मुक्त घोषित किये जा चुके है। विकास खंड मड़ावरा के 02 गांव रनगांव एवं गिदवाहा कुपोषण मुक्त किये जाने हेतु शेष रह गए हैं, जो माह के अंत तक कुपोषण मुक्त हो जायेंगे। द्वितीय चरण में जनपद के 100 गांव को कुपोषण मुक्त कराये जाने की प्रक्रिया प्रांरभ कर दी गयी है। आयुक्त झाँसी मंडल द्वारा 12 जून को आयोजित मंडलीय समीक्षा बैठक में दिये गये निर्देश के क्रम में मुख ्य विकास अधिकारी शिव नारायन द्वारा कुपोषण मुक्त गांव बनाये जाने से संबंधित बिन्दु पर बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी सहित अन्य नोडल विभाग के जनपद स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि घोषित किये गये कुपोषण मुक्त गांवों में अपने विभाग से संबंधित दोनों अनिवार्य कोर एवं 12 आवश्यक मानकों का सत्यापन कर लिया जाये। शीघ्र ही इस विषय की जांच शासन स्तर सेंम्भावित है। बैठक में बाल विकास परियोजना अधिकारी/ पोषण मिशन प्रभारी बच्चू लाल गुप्ता द्वारा बताया गया कि परियोजना कार्यालय में पोषाहार की आपूर्ति प्राप्त हो गयी है। नामित अधिकारियों से सत्यापन कराकर आंगनबाड़ी केंद्रों पर आपूर्ति कर पोषाहार माह की 05, 15 एवं 25 व ग्राम स्वास्थ्य पोषण दिवस सत्रों के दौरान ग्राम प्रधान/सभासदों/मातृ समिति अध्यक्षयों की उपस्थिति में पोषाहार का वितरण लाभार्थियों में कराया जायेगा। बैठक के दौरान पोषण पुर्नावास केन्द्रों पर अतिकुपोषित बच्चों का संदर्भन एवं उपचार कराये जाने, प्रसव के दौरान गर्भवती महिलाओं की समस्त जांचें, एवं गंभीर खतरे वाली महिलाओं का चिह्नांकन एवं संदर्भन व उपचार, गर्भवती महिलाओं एवं किशोरियों को निर्धारित मात्रा में आयरन फोलिक एसिड गोलियों का वितरण एवं ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता पोषण समिति मद में उपलब्ध धनराशि के नियमानुसार उपभोग ग्राम प्रधान की अध्यक्षता में कराया जा रहा है, इसके लिए आंगनबाड़ी, एएनएम, आशा की बैठक आदि बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गयी। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रताप सिंह, अपर मुख्य अधिकारी जेएस बक्शी, सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
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