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भाई, बहिन के साथ नगर भ्रमण को निकले भगवान जगन्नाथ
Updated Sun, 15 Jul 2018 03:52 AM IST
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नगर भ्रमण को निकले भगवान जगन्नाथ
दर्शन को उमड़ा सैलाब, हाथों से रथ खींचने को आतुर रहे श्रद्धालु
गरुड़ ध्वज रथ पर सवार हुए जगन्नाथ, पंचमध्वज रथ पर सुभद्रा व सुदर्शन रथ पर बलराम
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। जगन्नाथपुरी की तर्ज पर शहर में भव्य जगन्नाथ रथयात्रा निकाली गई। भाई बहिन के साथ निकली रथयात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए और भगवान का हथ अपने हाथों से खींचने को आतुर रहे। गरुड़ ध्वज रथ पर भगवान जगन्नाथ और पंचम ध्वज रथ पर बहिन सुभद्राजी व सुदर्शन रथ पर भाई बलरामजी सवार हुए। रथयात्रा के स्वागत में नगर भ्रमण के दौरान जगह-जगह तोरणद्वार सजाए गए और श्रद्धालुओं ने आरती और पुुष्प बारिश से भगवान की अगवानी की। उज्जैन के ढोल, गरजती फूलों की तोप और कृष्णा लोक कलामंडल की प्रस्तुतियां विशेष आकर्षण रहीं।
श्रीजगदीश मंदिर रथयात्रा समिति व श्रीजगदीश मंदिर समिति द्वारा भगवान जगन्नाथ मंदिर रथ यात्रा की तैयारियां गत एक माह से चल ही थीं। शनिवार को सुबह से ही हुंडैत परिवार और जगन्नाथरथयात्रा समिति की ओर से भगवान का अभिषेक किया गया। इसके बाद सुबह करीब 10 बजे से यहां अन्य धार्मिक आयोजन के साथ महिला संकीर्तन मंडल द्वारा भजन कीर्तन आदि कार्यक्रम दिन भर चलते रहे। शाम करीब साढ़े चार बजे से भगवान के रथों को श्रीजगदीश मंदिर प्रांगण के बाहर लाया गया और फिर मलूक पीठाधीश्वर राजेंद्रदास देवाचार्य महाराज व अन्य महंतों द्वारा मंत्रोच्चार के साथ मंदिर के गर्भगृह से भगवान जगन्नाथ, बलरामजी व सुभद्रता को झुलाते हुए गरुड़ ध्वज, पंचमध्वज व सुदर्शन रथों पर विराजमान किया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ के जयकारे लगाते हुए रथों पर फूलों की बारिश की। राई सैंरा नृत्य भी रथयात्रा की शोभा बढ़ा रहा था। अखाड़ों का हैरतअंगेज प्रदर्शन भी किया गया, जहां एक से एक नायाब करतब दिखाए गए। वह रामराजा मंदिर दुर्गा वाहिनी द्वारा हैरतअंगेज करतब दिखाए, जो विशेष आकर्षण रहा। यात्रा के दौरान इस बार विशेष आकर्षण के रूप में अंतर्राष्ट्रीय श्रीकृष्ण भावनामृत संघ इस्कॉन मंदिर वृंदावन के देशी विदेशी भक्तों द्वारा हरिनाम का भव्य संकीर्तन करते मंडली के लोग अपनी डपली व वाद्य यंत्र बजाते चल रहे थे। अशोक डोंगरापार्टी करनाल हरियाणा के कलाकारों द्वारा राधाकृष्ण, महादेव शंकर, मां काली और हनुमानजी के भावपूर्ण नृत्य करते हुए मंडली के लोग चल रहे थे। उज्जैन महाकाल दरबार के ढोल व तांसों की धमक और भीषण गर्जना के साथ पुष्पवर्षा करती हुए तोप का भव्य प्रदर्शन भी किया जाता रहा है। तेज गर्जना की बंदूकों से भगवान का भव्य स्वागत भी जगह-जगह किया गया। भगवान जगन्नाथजी की रथयात्रा घंटाघर, सदरकांटा, पानी की बड़ी टंकी, तलैयापुरा, महावीरपुरा, रावरपुरा, चौबयाना, रघुनाथजी बड़ा मंदिर, आजादचौक फिर सावरकरचौक होते हुए रात्रि में श्रीजगदीश मंदिर वापस लौटी। जगदीश मंदिर के सामने भगवान जगन्नाथजी, बलभद्रजी और सुभद्राजी की भव्य आरती का आयोजन किया गया। इस मौके पर श्रीजगदीश मंदिर समिति के अध्यक्ष सुधांशु शेखर हुंडैत, चंद्रविनोद हुंडैत, राजेंद्र हुंडैत, श्यामसुंदर हुंडैत, आदर्शकांत हुंडैत, केदारनाथ हुंडैत, विभाकांत हुंडैत, रामनाथ हुंडैत, पंकज हुंडैत, हिमांशु हुुंडैत, किंजल्क हुंडैत, पीयूष हुुंडैत, अनुज हुंडैत, गुड्डूराजा बुंदेला, देवेंद्र गुरु, डा.तेजस श्रीवास्तव, राजीव हुंडैत, गिरीश पाठक, रामगोपाल नामदेव, डा.सतीश सुड़ेले सहित सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित रहे।
महिला भक्तों ने खींचा सुभद्राजी का रथ
भगवान जगन्नाथ रथयात्रा में सुभद्राजी के पद्म ध्वज रथ को महिला श्रद्धालुओं द्वारा श्रद्धा व भक्ति के साथ अपने हाथों से खींचकर पूरी यात्रा में आगे बढ़ाया गया। महिला भक्तों की सुरक्षा को यहां महिला पुलिस बल के साथ व्यायामशाला की मंडली भी साथ-साथ चल रही थी। सुभद्राजी के रथ खींचने में जिला पंचायत अध्यक्ष सरिता यादव के अलावा सैकड़ों की संख्या में महिला श्रद्धालु शामिल रहीं।
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जगन्नाथ का भात जगत पसारे हाथ
श्रीजगदीश मंदिर में भगवान जगन्नाथजी के पूजन व आरती के बाद भगवान को छप्पन प्रकार का भोग लगाया गया। इसके बाद रात्रि में भगवान की रथयात्रा वापस आने पर महाआरती के आयोजन के बाद भगवान को भात का भोग लगाया गया और प्रसाद स्वरूप वितरण किया गया। ऐसी किंवदंती है कि जो भी भगवान के इस भात स्वरूप भोग को हाथ पसार कर ग्रहण करता है, उस पर भगवान की असीम कृपा होती है। इसीलिए कहा जाता है कि जगन्नाथ का भात जगत पसारे हाथ।
पुष्पवर्षा से किया स्वागत
सर्व ब्राह्मण महामंडल जनकल्याण ट्रस्ट द्वारा भगवान जगन्नाथ रथयात्रा का भव्य स्वागत आरती, फूलमाला व चंदन लगाकर किया गया। इसके साथ ही समिति द्वारा प्रसाद वितरण किया गया। इस मौके पर प्रभात दीक्षित, रामेश्वर सड़ैया, भगवत नारायण बाजपेयी, उमाशंकर विदुआ, प्रदीप चौबे, परतानंद द्विवेदी, ललित कौशिक, धर्मेंद्र रावत, कमलापत रिछारिया, डा.सतीश सुड़ेले, अशोक रिछारिया, नीलू तिवारी, आदित्य नारायण बबेले, दुुर्गा पाठक, सुनील चौबे, अशोक गोस्वामी, राजाराम गोस्वामी, राकेश त्रिवेदी, विक्की कौशिक, रविकांत तिवारी आदि उपस्थित रहे।
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दर्शन को उमड़ा सैलाब, हाथों से रथ खींचने को आतुर रहे श्रद्धालु
गरुड़ ध्वज रथ पर सवार हुए जगन्नाथ, पंचमध्वज रथ पर सुभद्रा व सुदर्शन रथ पर बलराम
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। जगन्नाथपुरी की तर्ज पर शहर में भव्य जगन्नाथ रथयात्रा निकाली गई। भाई बहिन के साथ निकली रथयात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए और भगवान का हथ अपने हाथों से खींचने को आतुर रहे। गरुड़ ध्वज रथ पर भगवान जगन्नाथ और पंचम ध्वज रथ पर बहिन सुभद्राजी व सुदर्शन रथ पर भाई बलरामजी सवार हुए। रथयात्रा के स्वागत में नगर भ्रमण के दौरान जगह-जगह तोरणद्वार सजाए गए और श्रद्धालुओं ने आरती और पुुष्प बारिश से भगवान की अगवानी की। उज्जैन के ढोल, गरजती फूलों की तोप और कृष्णा लोक कलामंडल की प्रस्तुतियां विशेष आकर्षण रहीं।
श्रीजगदीश मंदिर रथयात्रा समिति व श्रीजगदीश मंदिर समिति द्वारा भगवान जगन्नाथ मंदिर रथ यात्रा की तैयारियां गत एक माह से चल ही थीं। शनिवार को सुबह से ही हुंडैत परिवार और जगन्नाथरथयात्रा समिति की ओर से भगवान का अभिषेक किया गया। इसके बाद सुबह करीब 10 बजे से यहां अन्य धार्मिक आयोजन के साथ महिला संकीर्तन मंडल द्वारा भजन कीर्तन आदि कार्यक्रम दिन भर चलते रहे। शाम करीब साढ़े चार बजे से भगवान के रथों को श्रीजगदीश मंदिर प्रांगण के बाहर लाया गया और फिर मलूक पीठाधीश्वर राजेंद्रदास देवाचार्य महाराज व अन्य महंतों द्वारा मंत्रोच्चार के साथ मंदिर के गर्भगृह से भगवान जगन्नाथ, बलरामजी व सुभद्रता को झुलाते हुए गरुड़ ध्वज, पंचमध्वज व सुदर्शन रथों पर विराजमान किया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ के जयकारे लगाते हुए रथों पर फूलों की बारिश की। राई सैंरा नृत्य भी रथयात्रा की शोभा बढ़ा रहा था। अखाड़ों का हैरतअंगेज प्रदर्शन भी किया गया, जहां एक से एक नायाब करतब दिखाए गए। वह रामराजा मंदिर दुर्गा वाहिनी द्वारा हैरतअंगेज करतब दिखाए, जो विशेष आकर्षण रहा। यात्रा के दौरान इस बार विशेष आकर्षण के रूप में अंतर्राष्ट्रीय श्रीकृष्ण भावनामृत संघ इस्कॉन मंदिर वृंदावन के देशी विदेशी भक्तों द्वारा हरिनाम का भव्य संकीर्तन करते मंडली के लोग अपनी डपली व वाद्य यंत्र बजाते चल रहे थे। अशोक डोंगरापार्टी करनाल हरियाणा के कलाकारों द्वारा राधाकृष्ण, महादेव शंकर, मां काली और हनुमानजी के भावपूर्ण नृत्य करते हुए मंडली के लोग चल रहे थे। उज्जैन महाकाल दरबार के ढोल व तांसों की धमक और भीषण गर्जना के साथ पुष्पवर्षा करती हुए तोप का भव्य प्रदर्शन भी किया जाता रहा है। तेज गर्जना की बंदूकों से भगवान का भव्य स्वागत भी जगह-जगह किया गया। भगवान जगन्नाथजी की रथयात्रा घंटाघर, सदरकांटा, पानी की बड़ी टंकी, तलैयापुरा, महावीरपुरा, रावरपुरा, चौबयाना, रघुनाथजी बड़ा मंदिर, आजादचौक फिर सावरकरचौक होते हुए रात्रि में श्रीजगदीश मंदिर वापस लौटी। जगदीश मंदिर के सामने भगवान जगन्नाथजी, बलभद्रजी और सुभद्राजी की भव्य आरती का आयोजन किया गया। इस मौके पर श्रीजगदीश मंदिर समिति के अध्यक्ष सुधांशु शेखर हुंडैत, चंद्रविनोद हुंडैत, राजेंद्र हुंडैत, श्यामसुंदर हुंडैत, आदर्शकांत हुंडैत, केदारनाथ हुंडैत, विभाकांत हुंडैत, रामनाथ हुंडैत, पंकज हुंडैत, हिमांशु हुुंडैत, किंजल्क हुंडैत, पीयूष हुुंडैत, अनुज हुंडैत, गुड्डूराजा बुंदेला, देवेंद्र गुरु, डा.तेजस श्रीवास्तव, राजीव हुंडैत, गिरीश पाठक, रामगोपाल नामदेव, डा.सतीश सुड़ेले सहित सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित रहे।
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महिला भक्तों ने खींचा सुभद्राजी का रथ
भगवान जगन्नाथ रथयात्रा में सुभद्राजी के पद्म ध्वज रथ को महिला श्रद्धालुओं द्वारा श्रद्धा व भक्ति के साथ अपने हाथों से खींचकर पूरी यात्रा में आगे बढ़ाया गया। महिला भक्तों की सुरक्षा को यहां महिला पुलिस बल के साथ व्यायामशाला की मंडली भी साथ-साथ चल रही थी। सुभद्राजी के रथ खींचने में जिला पंचायत अध्यक्ष सरिता यादव के अलावा सैकड़ों की संख्या में महिला श्रद्धालु शामिल रहीं।
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जगन्नाथ का भात जगत पसारे हाथ
श्रीजगदीश मंदिर में भगवान जगन्नाथजी के पूजन व आरती के बाद भगवान को छप्पन प्रकार का भोग लगाया गया। इसके बाद रात्रि में भगवान की रथयात्रा वापस आने पर महाआरती के आयोजन के बाद भगवान को भात का भोग लगाया गया और प्रसाद स्वरूप वितरण किया गया। ऐसी किंवदंती है कि जो भी भगवान के इस भात स्वरूप भोग को हाथ पसार कर ग्रहण करता है, उस पर भगवान की असीम कृपा होती है। इसीलिए कहा जाता है कि जगन्नाथ का भात जगत पसारे हाथ।
पुष्पवर्षा से किया स्वागत
सर्व ब्राह्मण महामंडल जनकल्याण ट्रस्ट द्वारा भगवान जगन्नाथ रथयात्रा का भव्य स्वागत आरती, फूलमाला व चंदन लगाकर किया गया। इसके साथ ही समिति द्वारा प्रसाद वितरण किया गया। इस मौके पर प्रभात दीक्षित, रामेश्वर सड़ैया, भगवत नारायण बाजपेयी, उमाशंकर विदुआ, प्रदीप चौबे, परतानंद द्विवेदी, ललित कौशिक, धर्मेंद्र रावत, कमलापत रिछारिया, डा.सतीश सुड़ेले, अशोक रिछारिया, नीलू तिवारी, आदित्य नारायण बबेले, दुुर्गा पाठक, सुनील चौबे, अशोक गोस्वामी, राजाराम गोस्वामी, राकेश त्रिवेदी, विक्की कौशिक, रविकांत तिवारी आदि उपस्थित रहे।