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न्यायालय: मारपीट कर गंभीर रूप से घायल आरोपियों पर छह-छह साल की सजा
Updated Wed, 24 Jan 2018 02:09 AM IST
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मारपीट करने वालों को छह-छह साल की सजा
ललितपुर। साढ़े तीन साल पहले शहर कोतवाली क्षेत्र के बुढ़वार गांव में उधार सोडा न देने पर मारपीट करने वाले चार आरोपियों को एडीजे फास्टट्रैक मनोज कुमार शुक्ला की अदालत ने छह-छह साल की सजा सुनाई है। इसके अलावा आरोपियों पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता लखन लाल यादव ने बताया कि सात जून 2014 को बुढ़वार गांव निवासी निरपत पुत्र रघुनाथ अहिरवार ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि शाम चार बजे उनका पुत्र महेश अपनी दुकान पर बैठा हुआ था। इसी दौरान गांव का ही युवक मुकेश सोड़ा उधार लेने के लिए आया तो महेेश ने मना कर दिया। इस बात पर वह गाली-गलौज करने लगा। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट कर दी। चीखपुकार सुन बचाव के लिए आई महेश की भाभी आई तो आरोपी भाग गया। इसके कुछ देर बाद मुकेश, महेंद्र पुत्रगण भैयालाल अहिरवार, देवेंद्र पुत्र गुलाब और भैयालाल पुत्र धन्नू आ गए और महेश के साथ मारपीट करने लगे। बीच बचाव करने पर आरोपियों ने महेश की भाभी सत्यवती के सिर पर लाठी से प्रहार कर दिया, इससे उसका सिर फूट गया। वहीं, निरपत के साथ भी आरोपी के साथ मारपीट की गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को अचेत अवस्था में अस्पताल पहुंचाया। विवेचना में पुलिस ने मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर धाराओं में बढ़ोत्तरी कर आरोपियों को जेल भेज दिया। जहां कोर्ट से जमानत पर रिहा हो गए। न्यायालय में केस के दौरान वादी निरपत की मौत हो गई और उसके पुत्र महेश ने न्यायालय में आरोपियों के खिलाफ गवाही दी। मंगलवार को कोर्ट में सुनवाई के दौरान साक्ष्यों और सबूतों के आधार पर एडीजे फास्टट्रैक मनोज कुमार शुक्ला की अदालत ने सभी आरोपियों को छह-छह साल की सजा सुनाई। इसके अलावा न्यायालय ने आरोपियों पर दस-दस हजार जुर्माने की सजा सुनाई है।
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ललितपुर। साढ़े तीन साल पहले शहर कोतवाली क्षेत्र के बुढ़वार गांव में उधार सोडा न देने पर मारपीट करने वाले चार आरोपियों को एडीजे फास्टट्रैक मनोज कुमार शुक्ला की अदालत ने छह-छह साल की सजा सुनाई है। इसके अलावा आरोपियों पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता लखन लाल यादव ने बताया कि सात जून 2014 को बुढ़वार गांव निवासी निरपत पुत्र रघुनाथ अहिरवार ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि शाम चार बजे उनका पुत्र महेश अपनी दुकान पर बैठा हुआ था। इसी दौरान गांव का ही युवक मुकेश सोड़ा उधार लेने के लिए आया तो महेेश ने मना कर दिया। इस बात पर वह गाली-गलौज करने लगा। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट कर दी। चीखपुकार सुन बचाव के लिए आई महेश की भाभी आई तो आरोपी भाग गया। इसके कुछ देर बाद मुकेश, महेंद्र पुत्रगण भैयालाल अहिरवार, देवेंद्र पुत्र गुलाब और भैयालाल पुत्र धन्नू आ गए और महेश के साथ मारपीट करने लगे। बीच बचाव करने पर आरोपियों ने महेश की भाभी सत्यवती के सिर पर लाठी से प्रहार कर दिया, इससे उसका सिर फूट गया। वहीं, निरपत के साथ भी आरोपी के साथ मारपीट की गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को अचेत अवस्था में अस्पताल पहुंचाया। विवेचना में पुलिस ने मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर धाराओं में बढ़ोत्तरी कर आरोपियों को जेल भेज दिया। जहां कोर्ट से जमानत पर रिहा हो गए। न्यायालय में केस के दौरान वादी निरपत की मौत हो गई और उसके पुत्र महेश ने न्यायालय में आरोपियों के खिलाफ गवाही दी। मंगलवार को कोर्ट में सुनवाई के दौरान साक्ष्यों और सबूतों के आधार पर एडीजे फास्टट्रैक मनोज कुमार शुक्ला की अदालत ने सभी आरोपियों को छह-छह साल की सजा सुनाई। इसके अलावा न्यायालय ने आरोपियों पर दस-दस हजार जुर्माने की सजा सुनाई है।
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