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आठ दिन से मोर्चरी में रखा है शव
Updated Tue, 12 Dec 2017 01:29 AM IST
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आठ दिन से मोर्चरी में रखा है शव
ललितपुर। जिला अस्पताल की लापरवाही के कारण आठ दिन पहले मिले अज्ञात शव का पोस्टमार्टम नहीं हो सका है। इतने दिन बीतने के बाद भी अस्पताल प्रशासन की ओर से शव का पोस्टमार्टम करवाने के लिए पुलिस के पास कोई सूचना नहीं है। आठ दिन हो जाने के कारण शव पूरी तरह सड़ चुका है और आसपास के लोगों को दुर्गंध के कारण जीना दुश्वार हो रहा है।
गौरतलब हो कि चार दिसंबर को शहर कोतवाली क्षेत्र के रेलवे स्टेशन के पास देवगढ़ रोड जाने वाली सड़क के किनारे स्थित नाली में 35 वर्षीय युवक अचेत अवस्था में मिला। स्थानीय लोगों ने एंबुलेंस को सूचना देकर उसे जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर शव को मोर्चरी में रखवा दिया। मानवता को शर्मसार करने वाली बात यह है कि आठ दिन बीतने के बाद भी शव की सूचना पुलिस को नहीं दी गई है और न ही पोस्टमार्टम की कोई प्रक्रिया शुरू की गई है। अज्ञात के शव को मृत अवस्था में लाए जाने की एंट्री एंबुलेंस के रजिस्टर में की गई है, जबकि अस्पताल प्रशासन के दस्तावेजों में इस शव का कोई उल्लेख नहीं किया गया है। इस कारण पुलिस ने भी इस ओर कोई प्रयास नहीं किए हैं। आठ दिन बीत जाने के कारण शव पूरी तरह सड़ चुका है और उसकी दुर्गंध से आसपास के लोगों का जीना मुश्किल हो रहा है।
यह है नियम
यदि किसी अज्ञात व्यक्ति को अस्पताल लाया जाता है और उसकी मौत हो जाती है, इसके बाद जिला अस्पताल प्रशासन इसका मेमो भेजकर पुलिस को सूचना देता है। अस्पताल की सूचना पर पहुंचकर पुलिस शव का पंचनामा भरती है और शव की शिनाख्त करने का प्रयास करती है। शिनाख्त न होने की दशा में अज्ञात में पंचनामा भर दिया जाता है। इसके अलावा यह भी नियम है कि अज्ञात शव का 48 घंटों के बाद दाह संस्कार की प्रक्रिया शुरू किया जाना अनिवार्य है, लेकिन अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के चलते इस शव को आठ दिन बीत चुके हैं, फिर भी कोई प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है।
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मामला संज्ञान में आ गया है। जांच करवाई जा रही है कि कहां पर गलती रह गई है। इस पूरे प्रकरण की जांच करवाकर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
डा. प्रताप सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
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ललितपुर। जिला अस्पताल की लापरवाही के कारण आठ दिन पहले मिले अज्ञात शव का पोस्टमार्टम नहीं हो सका है। इतने दिन बीतने के बाद भी अस्पताल प्रशासन की ओर से शव का पोस्टमार्टम करवाने के लिए पुलिस के पास कोई सूचना नहीं है। आठ दिन हो जाने के कारण शव पूरी तरह सड़ चुका है और आसपास के लोगों को दुर्गंध के कारण जीना दुश्वार हो रहा है।
गौरतलब हो कि चार दिसंबर को शहर कोतवाली क्षेत्र के रेलवे स्टेशन के पास देवगढ़ रोड जाने वाली सड़क के किनारे स्थित नाली में 35 वर्षीय युवक अचेत अवस्था में मिला। स्थानीय लोगों ने एंबुलेंस को सूचना देकर उसे जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर शव को मोर्चरी में रखवा दिया। मानवता को शर्मसार करने वाली बात यह है कि आठ दिन बीतने के बाद भी शव की सूचना पुलिस को नहीं दी गई है और न ही पोस्टमार्टम की कोई प्रक्रिया शुरू की गई है। अज्ञात के शव को मृत अवस्था में लाए जाने की एंट्री एंबुलेंस के रजिस्टर में की गई है, जबकि अस्पताल प्रशासन के दस्तावेजों में इस शव का कोई उल्लेख नहीं किया गया है। इस कारण पुलिस ने भी इस ओर कोई प्रयास नहीं किए हैं। आठ दिन बीत जाने के कारण शव पूरी तरह सड़ चुका है और उसकी दुर्गंध से आसपास के लोगों का जीना मुश्किल हो रहा है।
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यह है नियम
यदि किसी अज्ञात व्यक्ति को अस्पताल लाया जाता है और उसकी मौत हो जाती है, इसके बाद जिला अस्पताल प्रशासन इसका मेमो भेजकर पुलिस को सूचना देता है। अस्पताल की सूचना पर पहुंचकर पुलिस शव का पंचनामा भरती है और शव की शिनाख्त करने का प्रयास करती है। शिनाख्त न होने की दशा में अज्ञात में पंचनामा भर दिया जाता है। इसके अलावा यह भी नियम है कि अज्ञात शव का 48 घंटों के बाद दाह संस्कार की प्रक्रिया शुरू किया जाना अनिवार्य है, लेकिन अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के चलते इस शव को आठ दिन बीत चुके हैं, फिर भी कोई प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है।
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मामला संज्ञान में आ गया है। जांच करवाई जा रही है कि कहां पर गलती रह गई है। इस पूरे प्रकरण की जांच करवाकर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
डा. प्रताप सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक