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जीएसटी: बिलों के संकलन को व्हाट्सएप नंबर जारी
Updated Fri, 17 Nov 2017 03:18 AM IST
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जीएसटी: बिलों के संकलन को व्हाट्सएप नंबर जारी
उपभोक्ता को दिए बिलों का अधिकारी करेंगे सत्यापन
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
व्यापारियों द्वारा उपभोक्ताओं को किसी माल की बिक्री पर गलत बिल देना या फर्जी बिल देना भारी पड़ सकता है। वाणिज्यकर विभाग ने नई व्यवस्था के तहत व्यापारियों द्वारा दिए जाने वाले बिल का संकलन करने के लिए उत्तर प्रदेश वाणिज्यकर का एक व्हाट्सएप नंबर जारी किया है। जिस पर उपभोक्ता सीधे बिलों की फोटो खींचकर व्हाट्सएप कर सकेंगे। इस व्यवस्था के तहत ऑनलाइन बिलों का संग्रहण होने पर विभागीय अधिकारियों द्वारा उन बिलों का सत्यापन भी कराया जाएगा और कमी मिलने पर उचित कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।
माल के उत्पादन, आपूर्ति, खरीद या बिक्री और सेवाओं पर लगने वाले कई अप्रत्यक्ष करों को समाहित करते हुए केंद्र व राज्य स्तर पर गत एक जुलाई से जीएसटी प्रणाली लागू की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य करों के केसकेडिंग प्रभाव को दूर करना और माल एवं सेवाओं के लिए एक समान राष्ट्रीय बाजार स्थापित करना है। जीएसटी प्रणाली में वस्तुओं और सेवाओं की आपूर्ति पर देय कर अंतिम रूप से उस राज्य को स्थानांतरित हो जाएगा, जहां इस माल का अंतिम रूप से उत्तर प्रदेश को प्राप्त हो। इस प्रक्रिया में उपभोक्ताओं से ऑनलाइन बिल संग्रहण किए जाने के लिए एक व्यवस्था लागू की जा रही है। यह व्यवस्था होने से जन सामान्य को जीएसटी प्रणाली से जुड़ने का अवसर प्राप्त होगा और कर संग्रह में जनमानस की सहभागिता होगी। बिलों के सत्यापन होने से कर चोरी रोकने में भी मदद मिलेगी। इस व्यवस्था के तहत जन सामान्य से बिलों को एकत्रित करने के लिए वाणिज्यकर मुख्यालय में केंद्रीकृत बिल संग्रहण केंद्र स्थापित किया जाता है, जो पूरे प्रदेश से ऑनलाइन बिलों का प्रबंधन करेगा। बिलों के संकलन के लिए उत्तर प्रदेश वाणिज्यकर का व्हाट्सएप नंबर 7235001111 जारी किया गया है। केंद्रीकृत बिल संकलन के लिए केंद्र का ईमेल आईडी upcbcc@gmail.com भी जारी की गई है। जनसामान्य द्वारा माल एवं सेवाओं की आपूर्ति के संबंध में प्राप्त बिलों को उक्त व्हाट्सएप नंबर या ईमेल आईडी पर भेजा जा सकेगा। व्हाट्सएप या ईमेल आईडी से प्राप्त बिलों के लिए एक यूनिक आइडेंटीफिकेशन नंबर आवंटित किया जाएगा और इन बिलों को उनके पते के आधार पर केंद्रीयकृत बिल संग्रहण केंद्र द्वारा संबंधित जोनल एडीश्नल कमिश्नर को ईमेल के माध्यम से उक्त विषय में यूआईएन अंकित करते हुए अग्रेषित किया जाएगा। ऐसे बिलों को जोनल कमिश्नर के व्हाट्एप नंबर पर यूआईएन का कैप्शन अंकित करते हुए भी भेजा जा सकता है। ऐसे बिल जिनमें जीएसटीआईएन/टिन नंबर अंकित है। उन्हें संबंधित अधिकारी को अगले कार्य दिवस तक आगे की कार्रवाई के लिए भेजा जाएगा। जिन बिलों में जीएसटीएन/टिन नंबर अंकित नहीं होंगे, उन्हें उचित अधिकारी के पास भेजा जाएगा। ऐसे प्राप्त बिलों को संबंधित व्यापारियों के रिटर्न जीएसटीआर 1/3 से सत्यापन किया जाएगा, जिसके लिए अधिकतम दो महीने की समय सीमा निर्धारित की गई है। जिन बिलों का सत्यापन नहीं हो पाता है उन बिलों के संबंध में कर निर्धारण अधिकारी द्वारा तत्काल कार्रवाई की जाएगी और उन व्यापारियों का अगले कर अवधि का रिटर्न दाखिल करने की सीमा के भीतर कार्रवाई की जाएगी। कर निर्धारण अधिकारी द्वारा उक्त कार्रवाई की वस्तुस्थिति जोनल एडीशनल कमिश्नर को निर्धारित समय सीमा में देनी होगी।
जीएसटी लागू होने के बाद नई व्यवस्था के लिए व्यापारियों द्वारा उपभोक्ताओं को दिए जाने वाले बिलों के संकलन के लिए व्हाट्सएप नंबर जारी किया गया है। व्हाट्सएप नंबर पर प्राप्त होने वाले सभी बिलों का सत्यापन जोनल स्तर पर कराया जाएगा और सत्यापन में होने वाली कार्रवाई से जोनल अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।
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प्रवीण श्रोतीय, असिस्टेंट कमिश्नर वाणिज्यकर विभाग।
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उपभोक्ता को दिए बिलों का अधिकारी करेंगे सत्यापन
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
व्यापारियों द्वारा उपभोक्ताओं को किसी माल की बिक्री पर गलत बिल देना या फर्जी बिल देना भारी पड़ सकता है। वाणिज्यकर विभाग ने नई व्यवस्था के तहत व्यापारियों द्वारा दिए जाने वाले बिल का संकलन करने के लिए उत्तर प्रदेश वाणिज्यकर का एक व्हाट्सएप नंबर जारी किया है। जिस पर उपभोक्ता सीधे बिलों की फोटो खींचकर व्हाट्सएप कर सकेंगे। इस व्यवस्था के तहत ऑनलाइन बिलों का संग्रहण होने पर विभागीय अधिकारियों द्वारा उन बिलों का सत्यापन भी कराया जाएगा और कमी मिलने पर उचित कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।
माल के उत्पादन, आपूर्ति, खरीद या बिक्री और सेवाओं पर लगने वाले कई अप्रत्यक्ष करों को समाहित करते हुए केंद्र व राज्य स्तर पर गत एक जुलाई से जीएसटी प्रणाली लागू की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य करों के केसकेडिंग प्रभाव को दूर करना और माल एवं सेवाओं के लिए एक समान राष्ट्रीय बाजार स्थापित करना है। जीएसटी प्रणाली में वस्तुओं और सेवाओं की आपूर्ति पर देय कर अंतिम रूप से उस राज्य को स्थानांतरित हो जाएगा, जहां इस माल का अंतिम रूप से उत्तर प्रदेश को प्राप्त हो। इस प्रक्रिया में उपभोक्ताओं से ऑनलाइन बिल संग्रहण किए जाने के लिए एक व्यवस्था लागू की जा रही है। यह व्यवस्था होने से जन सामान्य को जीएसटी प्रणाली से जुड़ने का अवसर प्राप्त होगा और कर संग्रह में जनमानस की सहभागिता होगी। बिलों के सत्यापन होने से कर चोरी रोकने में भी मदद मिलेगी। इस व्यवस्था के तहत जन सामान्य से बिलों को एकत्रित करने के लिए वाणिज्यकर मुख्यालय में केंद्रीकृत बिल संग्रहण केंद्र स्थापित किया जाता है, जो पूरे प्रदेश से ऑनलाइन बिलों का प्रबंधन करेगा। बिलों के संकलन के लिए उत्तर प्रदेश वाणिज्यकर का व्हाट्सएप नंबर 7235001111 जारी किया गया है। केंद्रीकृत बिल संकलन के लिए केंद्र का ईमेल आईडी upcbcc@gmail.com भी जारी की गई है। जनसामान्य द्वारा माल एवं सेवाओं की आपूर्ति के संबंध में प्राप्त बिलों को उक्त व्हाट्सएप नंबर या ईमेल आईडी पर भेजा जा सकेगा। व्हाट्सएप या ईमेल आईडी से प्राप्त बिलों के लिए एक यूनिक आइडेंटीफिकेशन नंबर आवंटित किया जाएगा और इन बिलों को उनके पते के आधार पर केंद्रीयकृत बिल संग्रहण केंद्र द्वारा संबंधित जोनल एडीश्नल कमिश्नर को ईमेल के माध्यम से उक्त विषय में यूआईएन अंकित करते हुए अग्रेषित किया जाएगा। ऐसे बिलों को जोनल कमिश्नर के व्हाट्एप नंबर पर यूआईएन का कैप्शन अंकित करते हुए भी भेजा जा सकता है। ऐसे बिल जिनमें जीएसटीआईएन/टिन नंबर अंकित है। उन्हें संबंधित अधिकारी को अगले कार्य दिवस तक आगे की कार्रवाई के लिए भेजा जाएगा। जिन बिलों में जीएसटीएन/टिन नंबर अंकित नहीं होंगे, उन्हें उचित अधिकारी के पास भेजा जाएगा। ऐसे प्राप्त बिलों को संबंधित व्यापारियों के रिटर्न जीएसटीआर 1/3 से सत्यापन किया जाएगा, जिसके लिए अधिकतम दो महीने की समय सीमा निर्धारित की गई है। जिन बिलों का सत्यापन नहीं हो पाता है उन बिलों के संबंध में कर निर्धारण अधिकारी द्वारा तत्काल कार्रवाई की जाएगी और उन व्यापारियों का अगले कर अवधि का रिटर्न दाखिल करने की सीमा के भीतर कार्रवाई की जाएगी। कर निर्धारण अधिकारी द्वारा उक्त कार्रवाई की वस्तुस्थिति जोनल एडीशनल कमिश्नर को निर्धारित समय सीमा में देनी होगी।
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जीएसटी लागू होने के बाद नई व्यवस्था के लिए व्यापारियों द्वारा उपभोक्ताओं को दिए जाने वाले बिलों के संकलन के लिए व्हाट्सएप नंबर जारी किया गया है। व्हाट्सएप नंबर पर प्राप्त होने वाले सभी बिलों का सत्यापन जोनल स्तर पर कराया जाएगा और सत्यापन में होने वाली कार्रवाई से जोनल अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।
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प्रवीण श्रोतीय, असिस्टेंट कमिश्नर वाणिज्यकर विभाग।