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अन्नदाताओं से रूठे इंद्र देवता, फिर सूखे का कहर
Updated Thu, 07 Sep 2017 01:40 AM IST
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फिर रूठे भगवान, सूखे खेत खलिहान
ललितपुर। बारिश के देवता कहे जाने वाले भगवान इंद्र मेहरबान होने की जगह एक बार फिर किसानों से रुठ गए हैं, जिससे जिले में सूखे के हालात पैदा हो गए हैं। इसका अंदाजा मानसून सीजन के महीनों में कम हुई बारिश से लगाया जा सकता है। खेतों में खड़ी फसलों पर भी इसका साफ असर देखा जा सकता है। जगह-जगह पानी के अभाव में फसलें मुरझा रही हैं। वहीं, जिला प्रशासन ने खरीफ फसल के नुकसान का आंकलन कराना शुरू कर दिया गया है।
आजादी के सात दशक बीतने के बाद भी बुंदेलखंड में पंजाब, हरियाणा की तरह सिंचाई के साधन मुहैया नहीं हो सके हैं। आज भी यहां की खेती पूरी तरह बारिश पर निर्भर है। यदि बांध नहीं भर पाते हैं तो कृषकों के सामने सिंचाई की समस्या खड़ी हो जाती है। सूखे के दौरान रोजी-रोटी छिनने पर कृषकों को पलायन के लिए विवश होना पड़ता है। वर्ष 2014 और 2015 के दौरान जिले में भयंकर सूखा पड़ा था। अब एक बार फिर जिले में सूखे ने दस्तक दे दी है। सितंबर माह में अभी तक महरौनी तहसील अंतर्गत महज एक मिलीमीटर ही बारिश हुई है,जबकि अन्य तहसीलों में तो पानी की एक बूंद भी नहीं गिरी है। अगस्त माह में ललितपुर तहसील अंतर्गत सात दिन ही बारिश हुई है। इसी तरह महरौनी तहसील में छह दिन एवं तालबेहट तहसील में केवल पांच दिन बरसात हुई है। इन हालात में खेतों में खड़ी खरीफ की फसल मुरझाने लगी है। वहीं, भगवान भास्कर की किरणें लोगों को कड़क धूप का अहसास करा रही हैं जो बीमारियों के लिए खतरे की घंटी है।
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बांधों पर एक नजर
जलाशय का नाम पूर्ण जलाशय जल स्तर वर्तमान जलाशय का जल स्तर
गोविंद सागर बांध 363.93 मीटर 353.76 मीटर
शहजाद बांध 321.50 मीटर 317.61 मीटर
जामनी बांध 403.55 मीटर 400.14 मीटर
सजनाम बांध 373.20 मीटर 369.80 मीटर
रोहणी बांध 396.39 मीटर 393.70 मीटर
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यह है बारिश की स्थिति
ललितपुर अंतर्गत गोविंद सागर बांध के आसपास 245 मिमी, तालबेहट अंतर्गत शहजाद बांध के समीप 210 मिमी, जामनी बांध के आसपास 395 मिमी, जामनी बांध के समीप 393 मिमी, रोहणी बांध के आसपास 283 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
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वर्ष 2016 में इतनी हुई थी बारिश
मई माह में 9.32 मिमी, जून माह में 236 मिमी, जुलाई माह में 407 मिमी, अगस्त माह में 265.58 मिमी, सितंबर माह में 38.32 मिमी बारिश हुई थी।
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कम बारिश से कीडब़ों का बढ़ा प्रकोप
उड़द की फसल पर कम बारिश के चलते कीड़ों का प्रकोप देखा जा रहा है। माहूं व पीला मौजेक रोग फसलों में लग गया है। इसको लेकर किसान परेशान हैं, उन्हें फसल बचाना मुश्किल हो रहा है। वहीं, फलियों के दाने में पतले हो गए हैं।
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कल तक सर्वे हो जाएगा पूरा
राजस्व, कृषि एवं बीमा कंपनी के कर्मचारियों की टीम फसल नुकसान का सर्वे कर रही है। कल तक रिपोर्ट प्राप्त होने की संभावना है।
सतानंद चौधरी
जिला कृषि अधिकारी, ललितपुर
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ललितपुर। बारिश के देवता कहे जाने वाले भगवान इंद्र मेहरबान होने की जगह एक बार फिर किसानों से रुठ गए हैं, जिससे जिले में सूखे के हालात पैदा हो गए हैं। इसका अंदाजा मानसून सीजन के महीनों में कम हुई बारिश से लगाया जा सकता है। खेतों में खड़ी फसलों पर भी इसका साफ असर देखा जा सकता है। जगह-जगह पानी के अभाव में फसलें मुरझा रही हैं। वहीं, जिला प्रशासन ने खरीफ फसल के नुकसान का आंकलन कराना शुरू कर दिया गया है।
आजादी के सात दशक बीतने के बाद भी बुंदेलखंड में पंजाब, हरियाणा की तरह सिंचाई के साधन मुहैया नहीं हो सके हैं। आज भी यहां की खेती पूरी तरह बारिश पर निर्भर है। यदि बांध नहीं भर पाते हैं तो कृषकों के सामने सिंचाई की समस्या खड़ी हो जाती है। सूखे के दौरान रोजी-रोटी छिनने पर कृषकों को पलायन के लिए विवश होना पड़ता है। वर्ष 2014 और 2015 के दौरान जिले में भयंकर सूखा पड़ा था। अब एक बार फिर जिले में सूखे ने दस्तक दे दी है। सितंबर माह में अभी तक महरौनी तहसील अंतर्गत महज एक मिलीमीटर ही बारिश हुई है,जबकि अन्य तहसीलों में तो पानी की एक बूंद भी नहीं गिरी है। अगस्त माह में ललितपुर तहसील अंतर्गत सात दिन ही बारिश हुई है। इसी तरह महरौनी तहसील में छह दिन एवं तालबेहट तहसील में केवल पांच दिन बरसात हुई है। इन हालात में खेतों में खड़ी खरीफ की फसल मुरझाने लगी है। वहीं, भगवान भास्कर की किरणें लोगों को कड़क धूप का अहसास करा रही हैं जो बीमारियों के लिए खतरे की घंटी है।
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बांधों पर एक नजर
जलाशय का नाम पूर्ण जलाशय जल स्तर वर्तमान जलाशय का जल स्तर
गोविंद सागर बांध 363.93 मीटर 353.76 मीटर
शहजाद बांध 321.50 मीटर 317.61 मीटर
जामनी बांध 403.55 मीटर 400.14 मीटर
सजनाम बांध 373.20 मीटर 369.80 मीटर
रोहणी बांध 396.39 मीटर 393.70 मीटर
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यह है बारिश की स्थिति
ललितपुर अंतर्गत गोविंद सागर बांध के आसपास 245 मिमी, तालबेहट अंतर्गत शहजाद बांध के समीप 210 मिमी, जामनी बांध के आसपास 395 मिमी, जामनी बांध के समीप 393 मिमी, रोहणी बांध के आसपास 283 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
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वर्ष 2016 में इतनी हुई थी बारिश
मई माह में 9.32 मिमी, जून माह में 236 मिमी, जुलाई माह में 407 मिमी, अगस्त माह में 265.58 मिमी, सितंबर माह में 38.32 मिमी बारिश हुई थी।
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कम बारिश से कीडब़ों का बढ़ा प्रकोप
उड़द की फसल पर कम बारिश के चलते कीड़ों का प्रकोप देखा जा रहा है। माहूं व पीला मौजेक रोग फसलों में लग गया है। इसको लेकर किसान परेशान हैं, उन्हें फसल बचाना मुश्किल हो रहा है। वहीं, फलियों के दाने में पतले हो गए हैं।
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कल तक सर्वे हो जाएगा पूरा
राजस्व, कृषि एवं बीमा कंपनी के कर्मचारियों की टीम फसल नुकसान का सर्वे कर रही है। कल तक रिपोर्ट प्राप्त होने की संभावना है।
सतानंद चौधरी
जिला कृषि अधिकारी, ललितपुर