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लोगों की सेहत बिगाड़ रही सड़कों की धूल
Updated Tue, 18 Sep 2018 01:43 AM IST
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लोगों की सेहत बिगाड़ रही सड़कों की धूल
ढुरा बाजार, इलाइट चौराहा, जेल चौराहा, सदनशाह समेत कई स्थानों पर रोड क्षतिग्रस्त
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। शहर की अधिकांश ध्वस्त सड़कें लोगों की सेहत बिगाड़ रहीं हैं। बारिश का मौसम खत्म होते ही इन सड़कों पर वाहनों की आवाजाही से धूल उड़ रही है। इससे आम लोगों का स्वास्थ्य खराब हो रहा है। शहर क्षेत्र में ढुरा बाजार, इलाइट चौराहा, जेल चौराहा, सदनशाह समेत कई स्थानों पर रोड क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इससे उड़ने वाली धूल लोगों को बीमार कर रही है। चिकित्सकों की मानें तो धूल से श्वांस संबंधी बीमारियां होने की संभावना बढ़ जाती है।
बारिश के मौसम में जलभराव होने से शहर क्षेत्र की अधिकांश सड़कें गड्ढों में तब्दील हो गई हैं। डामर का साथ छूट जाने से गिट्टी सड़कों पर फैलने लगी है। इससे जहां एक ओर दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है। वहीं, बीमारियों को भी दावत मिल रही है। बारिश खत्म होते ही निकली तेज धूप के कारण सड़कों से गुजरने वाले वाहन धूल उड़ाते हुए चल रहे हैं। इससे पीछे चलने वाले दो पहिया वाहन चालकों को परेशानियां हो रही हैं। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डा. अमित चतुर्वेदी ने बताया कि धूल से गला खराब होता है तो वहीं, वायरल, इनफ्लू एंजा, वायरल फीवर, डोकाइटिस व श्वसन से संबंधी बीमारी हो जाती है। वहीं, जिला अस्पताल के चर्म रोग विशेषज्ञ डा. मुकेश सेठ ने बताया कि खुले घाव में धूल लगने खुजली होना व अस्थमा की बीमारियां होने की संभावना होती है। इसके साथ ही गहरे गड्ढे जहां हड्डी संबंधी बीमारियां बढ़ा रहे हैं। वहीं, दिन भर रहने वाले धूल भरे माहौल से लोगों में श्वांस, त्वचा की शिकायतें बढ़ रही है। लोग हड्डी संबंधी बीमारियों और अन्य शिकायतों की चपेट में आ रहे हैं। वहीं, श्वांस एवं दमा के रोगियों के लिए सड़कों पर उड़ रही धूल भारी पड़ रही है। दिनभर रहने वाले धूल भरे माहौल से इनकी बीमारियां उखड़ रही हैं।
इस तरह करें बचाव
धूल उड़ने वाले स्थानों पर मास्क का प्रयोग करें। इसके साथ ही मुंह को ढक कर ही बाहर निकलें। जिससे कि धूल श्वांस के माध्यम से शरीर में प्रवेश न कर पाए। धूल से बचाव ही बीमारियों से बचाव का सबसे बेहतर तरीका है।
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किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर संबंधित चिकित्सक से सलाह लें। बिना चिकित्सक के दवा का सेवन न करें।
डा. अमित चतुर्वेदी, वरिष्ठ फिजीशियन
मानसून खत्म होने के लिए 15 सितंबर का इंतजार किया जा रहा है। सड़कों की मरम्मत के लिए भी प्रस्ताव बनाया गया है।
रामसूरत, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड
सड़कों के कायाकल्प के लिए प्रस्ताव बनाया गया है। शीघ्र ही इनको दुरुस्त करवाया जाएगा।
अवनींद्र कुमार, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका
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ढुरा बाजार, इलाइट चौराहा, जेल चौराहा, सदनशाह समेत कई स्थानों पर रोड क्षतिग्रस्त
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। शहर की अधिकांश ध्वस्त सड़कें लोगों की सेहत बिगाड़ रहीं हैं। बारिश का मौसम खत्म होते ही इन सड़कों पर वाहनों की आवाजाही से धूल उड़ रही है। इससे आम लोगों का स्वास्थ्य खराब हो रहा है। शहर क्षेत्र में ढुरा बाजार, इलाइट चौराहा, जेल चौराहा, सदनशाह समेत कई स्थानों पर रोड क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इससे उड़ने वाली धूल लोगों को बीमार कर रही है। चिकित्सकों की मानें तो धूल से श्वांस संबंधी बीमारियां होने की संभावना बढ़ जाती है।
बारिश के मौसम में जलभराव होने से शहर क्षेत्र की अधिकांश सड़कें गड्ढों में तब्दील हो गई हैं। डामर का साथ छूट जाने से गिट्टी सड़कों पर फैलने लगी है। इससे जहां एक ओर दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है। वहीं, बीमारियों को भी दावत मिल रही है। बारिश खत्म होते ही निकली तेज धूप के कारण सड़कों से गुजरने वाले वाहन धूल उड़ाते हुए चल रहे हैं। इससे पीछे चलने वाले दो पहिया वाहन चालकों को परेशानियां हो रही हैं। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डा. अमित चतुर्वेदी ने बताया कि धूल से गला खराब होता है तो वहीं, वायरल, इनफ्लू एंजा, वायरल फीवर, डोकाइटिस व श्वसन से संबंधी बीमारी हो जाती है। वहीं, जिला अस्पताल के चर्म रोग विशेषज्ञ डा. मुकेश सेठ ने बताया कि खुले घाव में धूल लगने खुजली होना व अस्थमा की बीमारियां होने की संभावना होती है। इसके साथ ही गहरे गड्ढे जहां हड्डी संबंधी बीमारियां बढ़ा रहे हैं। वहीं, दिन भर रहने वाले धूल भरे माहौल से लोगों में श्वांस, त्वचा की शिकायतें बढ़ रही है। लोग हड्डी संबंधी बीमारियों और अन्य शिकायतों की चपेट में आ रहे हैं। वहीं, श्वांस एवं दमा के रोगियों के लिए सड़कों पर उड़ रही धूल भारी पड़ रही है। दिनभर रहने वाले धूल भरे माहौल से इनकी बीमारियां उखड़ रही हैं।
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इस तरह करें बचाव
धूल उड़ने वाले स्थानों पर मास्क का प्रयोग करें। इसके साथ ही मुंह को ढक कर ही बाहर निकलें। जिससे कि धूल श्वांस के माध्यम से शरीर में प्रवेश न कर पाए। धूल से बचाव ही बीमारियों से बचाव का सबसे बेहतर तरीका है।
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किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर संबंधित चिकित्सक से सलाह लें। बिना चिकित्सक के दवा का सेवन न करें।
डा. अमित चतुर्वेदी, वरिष्ठ फिजीशियन
मानसून खत्म होने के लिए 15 सितंबर का इंतजार किया जा रहा है। सड़कों की मरम्मत के लिए भी प्रस्ताव बनाया गया है।
रामसूरत, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड
सड़कों के कायाकल्प के लिए प्रस्ताव बनाया गया है। शीघ्र ही इनको दुरुस्त करवाया जाएगा।
अवनींद्र कुमार, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका