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राजस्व वसूली में बाधक बनी रसीद बुक की कमी
Updated Thu, 08 Feb 2018 01:52 AM IST
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राजस्व वसूली में बाधक बनी रसीद बुुक की कमी
ललितपुर।
नगर पालिका परिषद की राजस्व वसूली में रसीद बुकों की कमी बाधक बन गई है। करीब एक माह से ऐसा ही हाल चल रहा है। इस स्थिति में न केवल पालिका कर्मी बल्कि नागरिकों को भी बेवजह परेशान होना पड़ रहा है।
नगर पालिका परिषद स्थानीय नागरिकों से मकान टैक्स, मलवा टैक्स सहित विभिन्न तरीके के चार्ज वसूलती है। इतना ही नहीं, दुकानों का किराया और कूड़ा फेंकने पर चालान की कार्रवाई की जाती है, जिसमें रसीद बुक की आवश्यकता होती है। लगभग एक माह से पालिका में रसीद बुक की कमी बनी हुई है। इसको लेकर नागरिक व दुकानदार परेशान हैं। जब वह पालिका में टैक्स व किराया जमा करने पहुंचते हैं तो यहां उन्हें रसीद बुक की कमी बताई जाती है। इन हालात में लोगों को मायूसी हाथ लग रही है। लगभग रोजाना लोगों को बैरंग लौटना पड़ रहा है। हालांकि, नगर पालिका के कर्मी कार्यालय के सीधे खाते में पैसा जमा कराने का विकल्प सुझा रहे हैं। लेकिन वह लोगों को रास नहीं आ रहा है। सूत्र बताते हैं कि रसीद बुक सरकारी प्रेस में छापी जाती है। जिस पर जीएसटी लगा देने से रसीद बुक की छपाई प्रभावित हो गई है, ऐसे में पालिका को रसीद बुकें प्राप्त नहीं हो पा रही हैं। अब जबकि वित्तीय वर्ष का अंतिम माह आने वाला है, यदि जल्द ही रसीद बुकें प्राप्त नहीं हुई तो पालिका की राजस्व वसूली का पिछड़ना तय माना जा रहा है।
कार्यालय में बैठ नौकरी कर रहे राजस्व निरीक्षक
राजस्व निरीक्षक का मुख्य काम वसूली का है। लेकिन, रसीद बुक के अभाव में यह काम प्रभावित हो गया है। ऐसे में राजस्व निरीक्षक कार्यालय में बैठकर ड्यूटी निभा रहे हैं। वैसे भी स्वकर की कार्रवाई अभी पूरी नहीं हो पाई है।
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रसीद बुक लाने को भेजा जा रहा कर्मी
करीब आधा सैकड़ा रसीद बुक प्राप्त करने के लिए एक कर्मी को इलाहाबाद भेजा जा रहा है। सोमवार, मंगलवार तक रसीद बुक प्राप्त होने की संभावना है।
आरके लवानिया
प्रभारी अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद ललितपुर।
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ललितपुर।
नगर पालिका परिषद की राजस्व वसूली में रसीद बुकों की कमी बाधक बन गई है। करीब एक माह से ऐसा ही हाल चल रहा है। इस स्थिति में न केवल पालिका कर्मी बल्कि नागरिकों को भी बेवजह परेशान होना पड़ रहा है।
नगर पालिका परिषद स्थानीय नागरिकों से मकान टैक्स, मलवा टैक्स सहित विभिन्न तरीके के चार्ज वसूलती है। इतना ही नहीं, दुकानों का किराया और कूड़ा फेंकने पर चालान की कार्रवाई की जाती है, जिसमें रसीद बुक की आवश्यकता होती है। लगभग एक माह से पालिका में रसीद बुक की कमी बनी हुई है। इसको लेकर नागरिक व दुकानदार परेशान हैं। जब वह पालिका में टैक्स व किराया जमा करने पहुंचते हैं तो यहां उन्हें रसीद बुक की कमी बताई जाती है। इन हालात में लोगों को मायूसी हाथ लग रही है। लगभग रोजाना लोगों को बैरंग लौटना पड़ रहा है। हालांकि, नगर पालिका के कर्मी कार्यालय के सीधे खाते में पैसा जमा कराने का विकल्प सुझा रहे हैं। लेकिन वह लोगों को रास नहीं आ रहा है। सूत्र बताते हैं कि रसीद बुक सरकारी प्रेस में छापी जाती है। जिस पर जीएसटी लगा देने से रसीद बुक की छपाई प्रभावित हो गई है, ऐसे में पालिका को रसीद बुकें प्राप्त नहीं हो पा रही हैं। अब जबकि वित्तीय वर्ष का अंतिम माह आने वाला है, यदि जल्द ही रसीद बुकें प्राप्त नहीं हुई तो पालिका की राजस्व वसूली का पिछड़ना तय माना जा रहा है।
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कार्यालय में बैठ नौकरी कर रहे राजस्व निरीक्षक
राजस्व निरीक्षक का मुख्य काम वसूली का है। लेकिन, रसीद बुक के अभाव में यह काम प्रभावित हो गया है। ऐसे में राजस्व निरीक्षक कार्यालय में बैठकर ड्यूटी निभा रहे हैं। वैसे भी स्वकर की कार्रवाई अभी पूरी नहीं हो पाई है।
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रसीद बुक लाने को भेजा जा रहा कर्मी
करीब आधा सैकड़ा रसीद बुक प्राप्त करने के लिए एक कर्मी को इलाहाबाद भेजा जा रहा है। सोमवार, मंगलवार तक रसीद बुक प्राप्त होने की संभावना है।
आरके लवानिया
प्रभारी अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद ललितपुर।