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मुक्त व स्वच्छ बनाने की मांग
Updated Wed, 13 Dec 2017 01:38 AM IST
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शहजाद नदी को अतिक्रमण मुक्त व स्वच्छ बनाने की मांग
ललितपुर। शहजाद नदी को अतिक्रमण मुक्त व स्वच्छ बनाने की मांग को लेकर बुंदेलखंड विकास सेना मंगलवार से लगातार प्रदर्शन जारी रखेगी। इसमें नगरवासियों से सहयोग करने की अपील की। इस दौरान सेना प्रमुख हरीश कपूर टीटू ने कहा कि नदियां हमारी जीवनदायिनी होती हैं। वह हमारी संस्कृति व धार्मिक आस्थाओं का प्रतीक हैं। इसकी जल धारा को सुचारु रूप के लिए बुंदेलखंड विकास सेना ने कमर कस ली है। इसके लिए विगत सप्ताह से अनवरत आंदोलन कर रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि रविवार को पुन: नदी पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया जाएगा। इस पर नगर पालिका व सिंचाई विभाग और जनप्रतिनिधि की लापरवाही के चलते यह दशा हो गई है। शहजाद नदी कभी अविरलता, स्वच्छता और जीवनदायिनी हुआ करती थी। जो वर्तमान में कूड़ा का डंप स्थल व गंदगी का स्थान बन गई है। सेना ने चेतावनी देते हुए इसे अविरल व अतिक्रमण मुक्त बनाने की मांग की है। इस दौरान राजमल जैन वरया, जिनेंद्र जैन, शिवप्रसाद श्रोतीय, ओमकार सिंह बुंदेला, कदीर खां, अमर सिंह बुंदेला, राजकुमार कुशवाहा, शशिप्रताप परमार, संजीव त्रिवेदी, रौनक जैन, महावीर प्रसाद, प्रदीप विश्वकर्मा, अशोक शिवाजी, संजय वर्मा, संतोष चंदेल, संजय सौरया, अमित जैन, दीपक साहू, मोहन आदि मौजूद रहे।
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ललितपुर। शहजाद नदी को अतिक्रमण मुक्त व स्वच्छ बनाने की मांग को लेकर बुंदेलखंड विकास सेना मंगलवार से लगातार प्रदर्शन जारी रखेगी। इसमें नगरवासियों से सहयोग करने की अपील की। इस दौरान सेना प्रमुख हरीश कपूर टीटू ने कहा कि नदियां हमारी जीवनदायिनी होती हैं। वह हमारी संस्कृति व धार्मिक आस्थाओं का प्रतीक हैं। इसकी जल धारा को सुचारु रूप के लिए बुंदेलखंड विकास सेना ने कमर कस ली है। इसके लिए विगत सप्ताह से अनवरत आंदोलन कर रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि रविवार को पुन: नदी पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया जाएगा। इस पर नगर पालिका व सिंचाई विभाग और जनप्रतिनिधि की लापरवाही के चलते यह दशा हो गई है। शहजाद नदी कभी अविरलता, स्वच्छता और जीवनदायिनी हुआ करती थी। जो वर्तमान में कूड़ा का डंप स्थल व गंदगी का स्थान बन गई है। सेना ने चेतावनी देते हुए इसे अविरल व अतिक्रमण मुक्त बनाने की मांग की है। इस दौरान राजमल जैन वरया, जिनेंद्र जैन, शिवप्रसाद श्रोतीय, ओमकार सिंह बुंदेला, कदीर खां, अमर सिंह बुंदेला, राजकुमार कुशवाहा, शशिप्रताप परमार, संजीव त्रिवेदी, रौनक जैन, महावीर प्रसाद, प्रदीप विश्वकर्मा, अशोक शिवाजी, संजय वर्मा, संतोष चंदेल, संजय सौरया, अमित जैन, दीपक साहू, मोहन आदि मौजूद रहे।