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करंट से हाथ, पैर खराब हो गए, पीड़ित ने लगाई मदद की गुहार
Updated Thu, 30 Nov 2017 12:50 AM IST
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करंट से हाथ-पैर खराब, डीएम से मांगी मदद
ललितपुर। क्योलारी बांध पर काम करने के दौरान चार दिन पूर्व हाइटेंशन करंट की चपेट में आने से झुलसे व्यक्ति ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों पर जबरन काम कराने का आरोप लगाते हुए डीएम से आर्थिक मदद दिलाने की मांग की है।
थाना सौजना अंतर्गत ग्राम क्योलारी निवासी किशोरी पुत्र किलन ने डीएम को दिए ज्ञापन में बताया कि वह दो वर्ष से क्योलारी बांध पर पांच हजार रुपये प्रतिमाह की दर पर चौकीदारी का काम करता चला आ रहा है। गत 26 अक्टूबर को दोपहर करीब तीन बजे क्योलारी बांध पर ठेकेदार के साथ एक इंजीनियर वहां आए और उससे नाप करने के लिए मीटर पकड़ने की बात कही। जबकि उसने उन्हें बार-बार मना भी किया कि उसे वह काम नहीं आता है, लेकिन जबरन धमकाकर इंजीनियर ने उसे मीटर पकड़ने को मजबूर किया। जब वह मीटर लगाकर नाप तौल करा रहा था तो उसी समय वह नगर के पास लगे हाइटेंशन लाइन के खंभों के पास पहुंच गया। जहां से निकले हाइटेंशन तार की लाइन का तार अचानक टूटकर मीटर पर गिरा, जिससे मीटर में करंट आ गया। इसके कारण उसका पूरा शरीर जल गया और उसके दोनों हाथ व पैर खराब हो गए हैं। इंजीनियर उसको अपने गाड़ी में बिठाकर इलाज के लिए महरौनी ले गए, जहां चिकित्सकों ने ललितपुर रेफर कर दिया था, यहां भी चिकित्सकों ने उसे झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। झांसी में उसका एक पैर अधिक खराब होने के कारण काट दिया गया है। जबकि चिकित्सकों ने उसके दोनों हाथ भी खराब होने की बात कही है, लेकिन उसके पास इलाज के लिए इतना रुपया नहीं है। उक्त इंजीनियर पर उसने आरोप लगाते हुए कहा कि उसे इलाज कराने के लिए पैसा भी नहीं दिया गया, साथ ही उसे धमकाया भी जा रहा है कि यदि उसने कार्रवाई की, तो वह उसे जान से मार देंगे। जबकि उसकी मजदूरी के एक वर्ष का पैसा ठेकेदार के पास बकाया है, जो वह उसे नहीं दे रहे हैं। पुलिस में शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं की गई है। पीड़ित ने जिलाधिकारी से उसकी मजदूरी के साथ ही उसकी आर्थिक मदद की मांग करते हुए उक्त इंजीनियर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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ललितपुर। क्योलारी बांध पर काम करने के दौरान चार दिन पूर्व हाइटेंशन करंट की चपेट में आने से झुलसे व्यक्ति ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों पर जबरन काम कराने का आरोप लगाते हुए डीएम से आर्थिक मदद दिलाने की मांग की है।
थाना सौजना अंतर्गत ग्राम क्योलारी निवासी किशोरी पुत्र किलन ने डीएम को दिए ज्ञापन में बताया कि वह दो वर्ष से क्योलारी बांध पर पांच हजार रुपये प्रतिमाह की दर पर चौकीदारी का काम करता चला आ रहा है। गत 26 अक्टूबर को दोपहर करीब तीन बजे क्योलारी बांध पर ठेकेदार के साथ एक इंजीनियर वहां आए और उससे नाप करने के लिए मीटर पकड़ने की बात कही। जबकि उसने उन्हें बार-बार मना भी किया कि उसे वह काम नहीं आता है, लेकिन जबरन धमकाकर इंजीनियर ने उसे मीटर पकड़ने को मजबूर किया। जब वह मीटर लगाकर नाप तौल करा रहा था तो उसी समय वह नगर के पास लगे हाइटेंशन लाइन के खंभों के पास पहुंच गया। जहां से निकले हाइटेंशन तार की लाइन का तार अचानक टूटकर मीटर पर गिरा, जिससे मीटर में करंट आ गया। इसके कारण उसका पूरा शरीर जल गया और उसके दोनों हाथ व पैर खराब हो गए हैं। इंजीनियर उसको अपने गाड़ी में बिठाकर इलाज के लिए महरौनी ले गए, जहां चिकित्सकों ने ललितपुर रेफर कर दिया था, यहां भी चिकित्सकों ने उसे झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। झांसी में उसका एक पैर अधिक खराब होने के कारण काट दिया गया है। जबकि चिकित्सकों ने उसके दोनों हाथ भी खराब होने की बात कही है, लेकिन उसके पास इलाज के लिए इतना रुपया नहीं है। उक्त इंजीनियर पर उसने आरोप लगाते हुए कहा कि उसे इलाज कराने के लिए पैसा भी नहीं दिया गया, साथ ही उसे धमकाया भी जा रहा है कि यदि उसने कार्रवाई की, तो वह उसे जान से मार देंगे। जबकि उसकी मजदूरी के एक वर्ष का पैसा ठेकेदार के पास बकाया है, जो वह उसे नहीं दे रहे हैं। पुलिस में शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं की गई है। पीड़ित ने जिलाधिकारी से उसकी मजदूरी के साथ ही उसकी आर्थिक मदद की मांग करते हुए उक्त इंजीनियर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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