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भौंरट बांध निर्माण कार्य में 06 करोड़ रुपए का फर्जी भुगतान करने का आरोप, बैठी जांच

Sun, 15 Jul 2018 03:52 AM IST
Updated Sun, 15 Jul 2018 03:52 AM IST
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भौंरट बांध निर्माण कार्य में 06 करोड़ रुपए का फर्जी भुगतान करने का आरोप, बैठी जांच

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भौंरट बांध के निर्माण में छह करोड़ का फर्जी भुगतान

- सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता ने शुरू कराई जांच
- रिलीव होने के बाद भी अवर अभियंता देख रहे काम
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। महरौनी तहसील क्षेत्र में बनाए जा रहे भौंरट बांध के निर्माण कार्य में 06 करोड़ रुपए के फर्जी भुगतान का मामला संज्ञान में आया है। इस पर सिंचाई विभाग के झांसी मंडल के मुख्य अभियंता ने जांच शुरू करा दी है और सभी तरह के भुगतान पर रोक लगा दी है।
वर्ष 2007 में स्वीकृत भौरंट बांध का निर्माण सिंचाई विभाग निर्माण खंड द्वितीय इकाई करा रही है। पूरे बांध का निर्माण कार्य विभाग में वर्षों से जमे अवर अभियंताओं की देखदेख में किया जा रहा था। एक दशक से तैनात चार अवर अभियंताओं का तबादला कुछ महीने पूर्व यहां से अन्य जनपदों में हो चुका है। मुख्य अभियंता जगदीश सिंह के निर्देश पर अवर अभियंता भरतराम साहू, प्रदीप कुमार श्रीवास्तव व हरिहर सिंह यादव को बीते 30 जून को रिलीव कर दिया गया है। इसके बाद भी यह अवर अभियंता जिले में डटे हुए हैं और बांध का निर्माण कार्य देख रहे हैं।
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रिलीव होने के बाद भी विभाग में डटे इन अवर अभियंताओं और विभागीय अधिकारी के बीच कुछ दिनों से कोई खिचड़ी पक रही थी। बीते शुक्रवार को इसी विभाग के किसी अन्य अभियंता ने मुख्य अभियंता जगदीश सिंह से मौखिक रुप से शिकायत की है। आरोप है कि बांध में चल रहे स्पिल-वे बनाने के लिए फाउंडेशन कंकरीट बनाने का काम चल रहा है। जो इन्हीं अवर अभियंताओं के देखरेख में किया जा रहा है। आरोप है कि फाउंडेशन कार्य में गड़बड़ियां बरती जा रही हैं। जमीन में जहां पर पत्थर हैं, वहां पर बिना पत्थर हटाए ही फाउंडेशन तैयार कराया जा रहा है, लेकिन उसकी गहराई व कंकरीट डालने की लागत पूरी जोड़ी गई है। अब तक के लिए निर्माण कार्य की कुल लागत 12 करोड़ रुपए बताई गई है, जिसमें 06 करोड़ रुपये रुपए का भुगतान बिना कामों का जोड़ दिया गया है। यह भी आरोप है कि विभागीय अधिकारियों की रहमदिली की वजह से इन्हीं अवर अभियंताओं की माप पुस्तिकाओं पर पुरानी तारीख में भुगतान कराए जा रहे हैं।
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इसे गंभीरता से लेते हुए सिंचाई विभाग के झांसी मंडल मुख्य अभियंता ने इस मामले की जांच सिंचाई निर्माण खंड अधीक्षक अभियंता अंबुज द्विवेदी को सौंप दी है। इसके साथ ही विभाग में सभी तरह के भुगतानों पर रोक लगा दी है।


हर तरह के भुगतानों पर लगी रोक
पूरे मामले की जांच सिंचाई निर्माण खंड के अधीक्षण अभियंता अंबुज द्विवेदी को सौंपी गई है। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती है, तब तक के लिए हर तरह के भुगतानों पर रोक लगा दी गई है। यदि कोई गलत काम हुआ है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

- जगदीश सिंह
मुख्य अभियंता, सिंचाई विभाग झांसी मंडल


कराई जाएगी क्रॉस जांच
जांच शुरू कर दी है, आवश्यक दस्तावेज भी तलब किए हैं। विभाग के जिन अभियंताओं ने इस तरह के फर्जीबाड़े की शिकायत की है, उनसे भी पूरे मामले की क्रास जांच कराई जाएगी।
- अंबुज द्विवेदी
अधीक्षण अभियंता, सिंचाई निर्माण खंड
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