{"_id":"5a512b854f1c1b35198b53ce","slug":"191515268997-lalitpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आदिवासियों ने वन अफसरों पर निकाली भडास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आदिवासियों ने वन अफसरों पर निकाली भडास
Updated Sun, 07 Jan 2018 01:33 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खेती की जमीन से बेदखल न करने की मांग
ललितपुर। अतिक्रमण हटाने को लेकर वन विभाग और आदिवासी आमने सामने आ गए हैं। ग्राम पंचायत भारौन के ग्राम विजौरी व भडयावारा एवं ग्राम पंचायत पिपरई के आदिवासी लोगों ने डीएम को एक ज्ञापन दिया है। इसमें आरोप लगाया है कि आदिवासी समुदाय बेहद गरीब है वह रोजीरोटी के लिए मजदूरी व खेती पर निर्भर हैैं। अब विभाग की कार्रवाई ने उन्हें भुखमरी के कगार पर ला दिया है। सहरियों ने डीएम को दिए ज्ञापन में आरोप लगाया है कि जिस भूमि पर वह खेती कर रहे हैं, वह उनके पूर्वजों की जमीन है। जिस पर वह लंबे समय से खेती व मजदूरी कर अपने परिवार का भरण पोषण करते आ रहे रहे हैं। लेकिन वन विभाग द्वारा उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है। उनकी फसलों को वन विभाग द्वारा नष्ट किया जा रहा है। खड़ी फसल में जेसीबी मशीन से खुदाई करके खेतों में गड्ढे कर फसल को बर्बाद किया जा रहा है। अब वन विभाग द्वारा प्लानटेंशन का कार्य शुरू कर दिया गया है, जिससे हम गरीब आदिवासी सहरिया सड़क पर आ गए हैं। ज्ञापन में कलू सहरिया, गंगाराम सहरिया, हरपे सहरिया, कुन्दन सहरिया, हल्की वहू, अभय सिंह, लक्ष्मी, सुखवती आदि सहरिया जन अधिकार मंच के सदस्य उपस्थित रहे।
विज्ञापन
ललितपुर। अतिक्रमण हटाने को लेकर वन विभाग और आदिवासी आमने सामने आ गए हैं। ग्राम पंचायत भारौन के ग्राम विजौरी व भडयावारा एवं ग्राम पंचायत पिपरई के आदिवासी लोगों ने डीएम को एक ज्ञापन दिया है। इसमें आरोप लगाया है कि आदिवासी समुदाय बेहद गरीब है वह रोजीरोटी के लिए मजदूरी व खेती पर निर्भर हैैं। अब विभाग की कार्रवाई ने उन्हें भुखमरी के कगार पर ला दिया है। सहरियों ने डीएम को दिए ज्ञापन में आरोप लगाया है कि जिस भूमि पर वह खेती कर रहे हैं, वह उनके पूर्वजों की जमीन है। जिस पर वह लंबे समय से खेती व मजदूरी कर अपने परिवार का भरण पोषण करते आ रहे रहे हैं। लेकिन वन विभाग द्वारा उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है। उनकी फसलों को वन विभाग द्वारा नष्ट किया जा रहा है। खड़ी फसल में जेसीबी मशीन से खुदाई करके खेतों में गड्ढे कर फसल को बर्बाद किया जा रहा है। अब वन विभाग द्वारा प्लानटेंशन का कार्य शुरू कर दिया गया है, जिससे हम गरीब आदिवासी सहरिया सड़क पर आ गए हैं। ज्ञापन में कलू सहरिया, गंगाराम सहरिया, हरपे सहरिया, कुन्दन सहरिया, हल्की वहू, अभय सिंह, लक्ष्मी, सुखवती आदि सहरिया जन अधिकार मंच के सदस्य उपस्थित रहे।