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बच्चों को नहीं पढ़ाया गया पटाखा प्रदूषण का पाठ
Updated Thu, 19 Oct 2017 01:54 AM IST
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बच्चों को नहीं पढ़ाया गया पटाखा प्रदूषण का पाठ
ललितपुर। दीपावली का त्योहार प्रकाश पर्व है। इस दिन पटाखे फोड़कर वातावरण को दूषित न किया जाए, इसके लिए शासन के निर्देशन पर स्कूली बच्चों को पटाखा प्रदूषण का पाठ पढ़ाया जाना था। इसके पीछे शासन की मंशा थी कि दीपावली पर बच्चे पटाखे फोड़ने की जिद न करें, लेकिन जनपद में कहीं पर भी परिषदीय विद्यालयों में इसका अनुपालन नहीं किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने पिछले दिनों दीपावली पर पटाखों से प्रदूषण न फैलाने का निर्देश दिया है। इस पर हाईकोर्ट ने भी पर्व के मौके पर पटाखों के कम प्रयोग के लिए जागरूकता फैलाने को कहा गया है। इसके क्रम में बेसिक शिक्षा विभाग के सचिव ने समस्त जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी करके बच्चों को पटाखा प्रदूषण पर पाठ पढ़ाकर उन्हें जागरूक करने के निर्देश दिए थे। पटाखा फोड़ने की सबसे अधिक जिद बच्चे ही करते हैं और अक्सर बच्चों के सामने अभिभावकों पर झुकना ही पड़ता है। इस दौरान बच्चों को पढ़ाया जाना था कि दीपावली प्रकाश पर्व का त्योहार है और पटाखे केवल प्रदूषण फैलाने का काम करते हैं। इससे ध्वनि व वायु प्रदूषण दोनों ही होता है। दीपावली के अवकाश शुरू होने से पहले परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को यह पाठ पढ़ाया जाना था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका है। विद्यालयों में बच्चों का शासन की मंशा के अनुरूप पटाखा प्रदूषण का पाठ नहीं पढ़ाया गया है।
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ललितपुर। दीपावली का त्योहार प्रकाश पर्व है। इस दिन पटाखे फोड़कर वातावरण को दूषित न किया जाए, इसके लिए शासन के निर्देशन पर स्कूली बच्चों को पटाखा प्रदूषण का पाठ पढ़ाया जाना था। इसके पीछे शासन की मंशा थी कि दीपावली पर बच्चे पटाखे फोड़ने की जिद न करें, लेकिन जनपद में कहीं पर भी परिषदीय विद्यालयों में इसका अनुपालन नहीं किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने पिछले दिनों दीपावली पर पटाखों से प्रदूषण न फैलाने का निर्देश दिया है। इस पर हाईकोर्ट ने भी पर्व के मौके पर पटाखों के कम प्रयोग के लिए जागरूकता फैलाने को कहा गया है। इसके क्रम में बेसिक शिक्षा विभाग के सचिव ने समस्त जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी करके बच्चों को पटाखा प्रदूषण पर पाठ पढ़ाकर उन्हें जागरूक करने के निर्देश दिए थे। पटाखा फोड़ने की सबसे अधिक जिद बच्चे ही करते हैं और अक्सर बच्चों के सामने अभिभावकों पर झुकना ही पड़ता है। इस दौरान बच्चों को पढ़ाया जाना था कि दीपावली प्रकाश पर्व का त्योहार है और पटाखे केवल प्रदूषण फैलाने का काम करते हैं। इससे ध्वनि व वायु प्रदूषण दोनों ही होता है। दीपावली के अवकाश शुरू होने से पहले परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को यह पाठ पढ़ाया जाना था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका है। विद्यालयों में बच्चों का शासन की मंशा के अनुरूप पटाखा प्रदूषण का पाठ नहीं पढ़ाया गया है।
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