{"_id":"59dfcafe4f1c1b76678b56fb","slug":"191507838718-lalitpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकारी कार्यालयों के रंग रोगन को नहीं फूटी कौड़ी-","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकारी कार्यालयों के रंग रोगन को नहीं फूटी कौड़ी-
Updated Fri, 13 Oct 2017 01:35 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सरकारी कार्यालयों के रंग रोगन को नहीं फूटी कौड़ी
ललितपुर।
एक ओर स्वच्छ भारत मिशन में लाखों रुपये व्यय किए जा रहे हैं। वहीं, सरकारी कार्यालय रंग रोगन के लिए बजट की कमी जूझ रहे हैं। इसकी बानगी श्रम प्रवर्तन कार्यालय है। इस कार्यालय का रंग रोगन कई सालों से नहीं हुआ है। कमोवेश यही स्थिति विधिक बांट माप विज्ञान कार्यालय की है। दूर देखने पर दोनों ही कार्यालय बदहाल नजर आते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन चला रखा है। इसके तहत गांव हो या शहर सभी जगह सफाई का कार्य कराया जा रहा है। अब तो सरकारी कार्यालय की साफ-सफाई पर ध्यान दिया जाने लगा है। विभिन्न अफसरों ने अपने कार्यालयों का रंग रोगन कराया है। इनमें से एक श्रम प्रवर्तन कार्यालय है, जिसका रंग रोगन कई सालों से नहीं हुआ है। यह कार्यालय प्रदेश के श्रम सेवा राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ उर्फ मन्नू कोरी के आवास से चंद कदम की दूरी पर है। इस संबंध में श्रम प्रवर्तन अधिकारी राजकुमार का कहना है कि कार्यालय की रंगाई-पुताई कराने के लिए बजट नहीं है। इससे कार्यालय को चमकाने में समस्या आ रही है। विधिक बांट माप विज्ञान कार्यालय की कहानी श्रम प्रवर्तन कार्यालय से ही मिलती जुलती है। इस कार्यालय की रंगाई पुताई में बजट की कमी आड़े आ रही है।
श्रम मंत्री ने नहीं किया निरीक्षण
प्रदेश के श्रम सेवा राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ उर्फ मन्नू कोरी जिस विभाग का जिम्मा अपने कंधों पर लिए हैं, उसके स्थानीय कार्यालय का आज तक उन्होंने निरीक्षण नहीं किया है। नागरिकों का कहना है कि यदि मंत्री ने श्रम कार्यालय में दस्तक दी होती है तो शायद कार्यालय की व्यवस्थाएं पहले ही चौकस हो जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
ललितपुर।
एक ओर स्वच्छ भारत मिशन में लाखों रुपये व्यय किए जा रहे हैं। वहीं, सरकारी कार्यालय रंग रोगन के लिए बजट की कमी जूझ रहे हैं। इसकी बानगी श्रम प्रवर्तन कार्यालय है। इस कार्यालय का रंग रोगन कई सालों से नहीं हुआ है। कमोवेश यही स्थिति विधिक बांट माप विज्ञान कार्यालय की है। दूर देखने पर दोनों ही कार्यालय बदहाल नजर आते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन चला रखा है। इसके तहत गांव हो या शहर सभी जगह सफाई का कार्य कराया जा रहा है। अब तो सरकारी कार्यालय की साफ-सफाई पर ध्यान दिया जाने लगा है। विभिन्न अफसरों ने अपने कार्यालयों का रंग रोगन कराया है। इनमें से एक श्रम प्रवर्तन कार्यालय है, जिसका रंग रोगन कई सालों से नहीं हुआ है। यह कार्यालय प्रदेश के श्रम सेवा राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ उर्फ मन्नू कोरी के आवास से चंद कदम की दूरी पर है। इस संबंध में श्रम प्रवर्तन अधिकारी राजकुमार का कहना है कि कार्यालय की रंगाई-पुताई कराने के लिए बजट नहीं है। इससे कार्यालय को चमकाने में समस्या आ रही है। विधिक बांट माप विज्ञान कार्यालय की कहानी श्रम प्रवर्तन कार्यालय से ही मिलती जुलती है। इस कार्यालय की रंगाई पुताई में बजट की कमी आड़े आ रही है।
विज्ञापन
श्रम मंत्री ने नहीं किया निरीक्षण
प्रदेश के श्रम सेवा राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ उर्फ मन्नू कोरी जिस विभाग का जिम्मा अपने कंधों पर लिए हैं, उसके स्थानीय कार्यालय का आज तक उन्होंने निरीक्षण नहीं किया है। नागरिकों का कहना है कि यदि मंत्री ने श्रम कार्यालय में दस्तक दी होती है तो शायद कार्यालय की व्यवस्थाएं पहले ही चौकस हो जाती है।
विज्ञापन