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ग्रामीण क्षेत्र के खिलाड़ियों को मिलेगा मंच
Updated Tue, 11 Jul 2017 09:31 PM IST
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ग्रामीण क्षेत्र के खिलाड़ियों को मिलेगा मंच
ललितपुर।
ग्रामीण क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए मंच प्रदान किया जाएगा। युवा कल्याण विभाग ने जूनियर और सब जूनियर स्तर की खेल प्रतियोगिताएं आयोजित कराने को दो लाख रुपये प्रति ब्लाक के हिसाब से धनराशि की मांग की है।
लंबे समय से युवा कल्याण विभाग बजट की कमी से जूझ रहा है। पिछले दो सालों से धनाभाव में खेल प्रतियोगिताएं आयोजित नहीं हो पा रही हैं। इसका विपरीत प्रभाव खेल प्रतिभाओं पर पड़ रहा है। मौजूदा वित्तीय वर्ष में जिला युवा कल्याण अधिकारी ब्रजेंद्र कुमार ने ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को तराशने के मकसद से जूनियर और सब जूनियर स्तर की प्रतियोगिताएं कराने का निर्णय लिया है। इसमें भारोत्तोलन, कुश्ती, कबड्डी, वॉलीबाल आदि शामिल हैं। उन्होंने खेलो इंडिया अभियान के अंतर्गत प्रत्येक ब्लाक में प्रतियोगिताएं कराने के लिए दो-दो लाख रुपये के हिसाब से धनराशि की मांग शासन से की है। उनका कहना है कि ब्लाक स्तर पर खेल प्रतियोगिताएं कराने की योजना तैयार कर ली गई है। शासन से धनराशि मांगी गई है। जैसे ही धन प्राप्त होता है वैसे ही ग्रामीण क्षेत्रों में खेल गतिविधियां आयोजित कराई जाएगी।
देश के भविष्य के साथ हो रहा खिलवाड़
युवा पीढ़ी पर देश का भविष्य टिका है, इस तरह के विचार अक्सर गोष्ठियों में सुनने को मिल जाते हैं। लेकिन, जब उनके सर्वांगीण विकास की बारी आती है तो सरकारें पीछे हटती दिखाई देती हैं। इसकी बानगी खेलो इंडिया कार्यक्रम है। इस योजना में अभी तक धनराशि प्राप्त नहीं हो सकी है। युवाओं के लिए योजनाएं तो कई बनाई जा रही हैं, लेकिन उनका हश्र किसी से छिपा नहीं है। यही वजह है कि युवाओं में निराशा का भाव पनप रहा है।
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ललितपुर।
ग्रामीण क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए मंच प्रदान किया जाएगा। युवा कल्याण विभाग ने जूनियर और सब जूनियर स्तर की खेल प्रतियोगिताएं आयोजित कराने को दो लाख रुपये प्रति ब्लाक के हिसाब से धनराशि की मांग की है।
लंबे समय से युवा कल्याण विभाग बजट की कमी से जूझ रहा है। पिछले दो सालों से धनाभाव में खेल प्रतियोगिताएं आयोजित नहीं हो पा रही हैं। इसका विपरीत प्रभाव खेल प्रतिभाओं पर पड़ रहा है। मौजूदा वित्तीय वर्ष में जिला युवा कल्याण अधिकारी ब्रजेंद्र कुमार ने ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को तराशने के मकसद से जूनियर और सब जूनियर स्तर की प्रतियोगिताएं कराने का निर्णय लिया है। इसमें भारोत्तोलन, कुश्ती, कबड्डी, वॉलीबाल आदि शामिल हैं। उन्होंने खेलो इंडिया अभियान के अंतर्गत प्रत्येक ब्लाक में प्रतियोगिताएं कराने के लिए दो-दो लाख रुपये के हिसाब से धनराशि की मांग शासन से की है। उनका कहना है कि ब्लाक स्तर पर खेल प्रतियोगिताएं कराने की योजना तैयार कर ली गई है। शासन से धनराशि मांगी गई है। जैसे ही धन प्राप्त होता है वैसे ही ग्रामीण क्षेत्रों में खेल गतिविधियां आयोजित कराई जाएगी।
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देश के भविष्य के साथ हो रहा खिलवाड़
युवा पीढ़ी पर देश का भविष्य टिका है, इस तरह के विचार अक्सर गोष्ठियों में सुनने को मिल जाते हैं। लेकिन, जब उनके सर्वांगीण विकास की बारी आती है तो सरकारें पीछे हटती दिखाई देती हैं। इसकी बानगी खेलो इंडिया कार्यक्रम है। इस योजना में अभी तक धनराशि प्राप्त नहीं हो सकी है। युवाओं के लिए योजनाएं तो कई बनाई जा रही हैं, लेकिन उनका हश्र किसी से छिपा नहीं है। यही वजह है कि युवाओं में निराशा का भाव पनप रहा है।
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