फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   वेतवा रिबर वोर्ड की जमीन पर निर्माण की जांच कराने की मांग

वेतवा रिबर वोर्ड की जमीन पर निर्माण की जांच कराने की मांग

Thu, 19 Jul 2018 02:08 AM IST
Updated Thu, 19 Jul 2018 02:08 AM IST
विज्ञापन
वेतवा रिबर वोर्ड की जमीन पर निर्माण की जांच कराने की मांग
बेतवा रिबर बोर्ड की जमीन पर निर्माण की जांच हो
विज्ञापन

- डूब क्षेत्र के ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन, आंदोलन की चेतावनी दी
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। बुधवार को राजघाट बांध डूब क्षेत्र के ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर राजघाट बांध डूब क्षेत्र के गांवों को मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही बेतवा रिबर बोर्ड की जमीन पर अधिकारियों द्वारा बनाए गए निर्माण की जांच कराए जाने की मांग की है। मांगे पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

ज्ञापन में बताया है कि राजघाट बांध परियोजना का कार्य 1978 में शुरू हुआ था। 39 वर्षों के में भी अब तक मुआवजा का पूरा भुगतान नहीं किया जा सका है। सरकारी नौकरियों में डूब क्षेत्र के निवासियों को भर्ती नहीं किया गया है, जो भर्ती हुए भी उन्हें पेंशन सुविधा आदि सुविधाओं से वंचित रखा गया है। इसके अलावा रानीपुर व चौंरसल में बाकी जमीन को भी अधिग्रहण करने की मांग की है। वन विभाग पर मुकदमे चलाने के नाम पर परेशान करने का भी आरोप लगाया है। ललितपुर जिला के ग्राम रानीपुरा, चौरसल, काला पहाड़, मड़वारी, गुदावल, बुढ़वार, फौजपुरा, शेरवास, दावनी, नुनावली, बरदेही, बारौद, जाखलौन व अन्य ग्रामों का मुआवजा मिलना अब भी बाकी है। इसी क्रम में मध्य प्रदेश के भी कई गांव का मुआवजा अब तक नहीं मिल सका है। बेतबा रिबर बोर्ड में बिना प्रशिक्षण के सुपरवाइजरों से अमीन का काम करते हैं। साथ ही बेतवा रिबर बोर्ड के अधिकारियों पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने के आरोप भी लगाए हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही उनकी समस्या का निस्तारण नहीं होता है तो वे न्यायालय जाने को विवश होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed