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व्यापार: मड़ावरा
Updated Sat, 29 Sep 2018 04:12 AM IST
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दवाओं की ऑनलाइन बिक्री का किया विरोध
मड़ावरा। वेब पोर्टल के माध्यम से दवाओं की सीधे ग्राहकों को ऑनलाइन बिक्री किए जाने की व्यवस्था किए जाने के शासन द्वारा जारी आदेश के विरोध में जनपद समेत कस्बे के कई दवा विक्रेताओं द्वारा शुक्रवार को दुकाने बंद रखते हुये उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर विरोध प्रदर्शन किया गया।
जिला केमिस्ट एसोसिएशन के तत्वावधान में स्थानीय खुदरा दवा विक्रेताओं द्वारा ड्रग कंट्रोलर ऑफ इंडिया एवं मुख्यमंत्री उत्तरप्रदेश शासन को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपते हुए बताया कि दवाओं की ऑनलाइन बिक्री सीधे मरीजों को किए जाने पर ग्राहकों का ब्यौरा जुटाना संभव नहीं होगा जो जिससे दवाओं का दुरुपयोग चरम पर हो सकता है। जो कि ड्रग एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 के खिलाफ है, शासन के इस प्रस्ताव से लगभग 50 लाख खुदरा दुकानदार गंभीर रुप से प्रभावित होंगे। दवाओं की ऑनलाइन बिक्री की अधिसूचना अतिशीघ्र वापस ली जाए। साथ ही दवा व्यापारियों का नये पोर्टल पर पंजीकरण तथा स्थानांतरण प्रक्रिया पूर्व पोर्टल के जैसी सरल और सुगम बनायी जाये साथ ही में ड्रग एक्ट के बाहर से मांगे जाने वाले अनावश्यक दस्तावेजों की बाध्यता समाप्त की जाए। दवा विक्रेताओं ने बताया कि प्रदेश समेत संपूर्ण उत्तर भारत में फार्मासिस्ट की भीषण कमी से निपटने के लिए केंद्र सरकार की स्किल मंत्रालय द्वारा संचालित फार्मेसी सहायक पाठयक्रम को दवा बिक्री लाइसेंस के लिए मान्यता प्रदान की जाए। इस दौरान सनत जैन, प्रकाश जैन, पीयूष जैन, पुरुषोत्तम विश्वकर्मा, रिजवान खान संदीप विश्वकर्मा, सोनू जैन, मुकेश सोनी, शिवनारायण सोनी, अजय सोनी, रामनरेश पटेल समेत क्षेत्र के समस्त दवा व्यवसायी एवं विक्रेता मौजूद रहे।
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मड़ावरा। वेब पोर्टल के माध्यम से दवाओं की सीधे ग्राहकों को ऑनलाइन बिक्री किए जाने की व्यवस्था किए जाने के शासन द्वारा जारी आदेश के विरोध में जनपद समेत कस्बे के कई दवा विक्रेताओं द्वारा शुक्रवार को दुकाने बंद रखते हुये उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर विरोध प्रदर्शन किया गया।
जिला केमिस्ट एसोसिएशन के तत्वावधान में स्थानीय खुदरा दवा विक्रेताओं द्वारा ड्रग कंट्रोलर ऑफ इंडिया एवं मुख्यमंत्री उत्तरप्रदेश शासन को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपते हुए बताया कि दवाओं की ऑनलाइन बिक्री सीधे मरीजों को किए जाने पर ग्राहकों का ब्यौरा जुटाना संभव नहीं होगा जो जिससे दवाओं का दुरुपयोग चरम पर हो सकता है। जो कि ड्रग एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 के खिलाफ है, शासन के इस प्रस्ताव से लगभग 50 लाख खुदरा दुकानदार गंभीर रुप से प्रभावित होंगे। दवाओं की ऑनलाइन बिक्री की अधिसूचना अतिशीघ्र वापस ली जाए। साथ ही दवा व्यापारियों का नये पोर्टल पर पंजीकरण तथा स्थानांतरण प्रक्रिया पूर्व पोर्टल के जैसी सरल और सुगम बनायी जाये साथ ही में ड्रग एक्ट के बाहर से मांगे जाने वाले अनावश्यक दस्तावेजों की बाध्यता समाप्त की जाए। दवा विक्रेताओं ने बताया कि प्रदेश समेत संपूर्ण उत्तर भारत में फार्मासिस्ट की भीषण कमी से निपटने के लिए केंद्र सरकार की स्किल मंत्रालय द्वारा संचालित फार्मेसी सहायक पाठयक्रम को दवा बिक्री लाइसेंस के लिए मान्यता प्रदान की जाए। इस दौरान सनत जैन, प्रकाश जैन, पीयूष जैन, पुरुषोत्तम विश्वकर्मा, रिजवान खान संदीप विश्वकर्मा, सोनू जैन, मुकेश सोनी, शिवनारायण सोनी, अजय सोनी, रामनरेश पटेल समेत क्षेत्र के समस्त दवा व्यवसायी एवं विक्रेता मौजूद रहे।
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