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ंबाकू के वेष में हर घर, गांव में छिपी है मौत

Thu, 31 May 2018 02:16 AM IST
Updated Thu, 31 May 2018 02:16 AM IST
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ंबाकू के वेष में हर घर, गांव में छिपी है मौत
तंबाकू के वेष में हर घर गांव में छिपी है मौत
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- विश्व तंबाकू निषेध दिवस आज
- नशा छोड़ने के लिए जिला अस्पताल में मुफ्त में बांटी जाती है दवाएं
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। विश्व भर में तंबाकू के बढ़ते उपयोग और उसके स्वास्थ्य पर पड़ने वाले हानिकारक प्रभाव चिंता का कारण बन गए हैं। डब्ल्यूएचओ के एनसीडी कंट्री प्रोफाइल-2014 कि रिपोर्ट के अनुसार देश में गैर संचारी (बिना संक्रमण वाले) रोग के कारण 60 प्रतिशत लोगों की मृत्यु होती है। इन मौतों में से भारत में होने वाली मौतों का मुख्य कारण हृदय रोग एवं कैंसर है। जिसके लिए तंबाकू एक बड़ा कारक साबित हो रहा है।

डब्ल्यूएचओ ने इस वर्ष विश्व तंबाकू निषेध दिवस की थीम टोबेको ब्रेक्स हर्ट्स रखी है जो तंबाकू और हृदय रोग के बीच के महत्वपूर्ण लिंक पर ध्यान केंद्रित करेगा। यह हर वर्ष 31 मई को मनाया जाता है। इस साल के अभियान का उद्देश्य तंबाकू और कार्डियो वैस्कुलर बीमारी (सीवीडी) के बीच के लिंक पर जागरूकता बढ़ाने का है, जिसमें स्ट्रोक भी शामिल है, जो दुनिया मे होने वाली बहुत सी मौतों का प्रमुख कारण है। भारत में किशोरों का भी एक बड़ा हिस्सा तंबाकू सेवन की लत से ग्रसित हैं, वैश्विक वयस्क तंबाकू सर्वेक्षण आफ इंडिया (गेट्स-2) 2016-17 के अनुसार भारत में लगभग 42.4 प्रतिशत पुरुष, 14.2 प्रतिशत महिलाएं और 28.6 प्रतिशत (266.8 मिलियन) सभी वयस्क तंबाकू का सेवन करते है। ललितपुर में तंबाकू उपभोगता के बारे में बात करे तो तंबाकू कंट्रोल प्रोग्राम के जिला सलाहकार रुद्र बुंदेला ने बताया कि 1 अप्रैल 2017 से 31 मार्च 2018 तक लगभग 5686 तंबाकू उपभोक्ता तंबाकू से संबंधित समस्याओं का इलाज कराने के लिए आए। जिनमें से 3550 लोगों को दवाई पर रखा गया और 2136 लोगों को परामर्श दिया गया। कुल आए लोगों में अभी तक 429 लोगों ने तंबाकू को छोड़ दी हैं। तंबाकू से होने वाली बीमारियों के प्रति सचेत करते हुये मुख्य चिकित्साधिकारी डा. प्रताप सिंह ने बताया कि तंबाकू की वजह से फेफड़े संबंधित रोग जैसे खांसी, दमा, ह्रदय संबंधित रोग जैसे उच्च रक्तचाप, स्ट्रोक यानि लकवा, हार्ट अटैक आदि हो जाते हैं, इसी के साथ मानसिक स्वास्थ्य भी प्रभावित होता हैं। इसका अधिक उपयोग करने से फेफड़े, ग्रासनली, मुंह का कैंसर होता है इसके अलावा महिलाओं में स्तन के कैंसर भी हो जाता हैं। सिगरेट एवं अन्य तंबाकू नियंत्रण अधिनियम 2003 (कोटपा के अंतर्गत सार्वजनिक स्थानों में धूम्रपान करना, 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को तंबाकू उत्पाद बेचना, स्कूल और कॉलेजों के 100 गज की परिधि में तंबाकू उत्पाद बेचना आदि अपराध की श्रेणी में आते हैं। इसका उल्लंघन करने वालों से 200 रुपये का जुर्माना का प्रावधान है। इस अधिनियम के अंतर्गत झांसी एनसीडी सेल द्वारा अप्रैल 2017 से मार्च 2018 तक 201 लोगों का चालान किया जा चुका हैं। वहीं 11591 रुपए को जमाकर कोषागार भेजा जा चुका है। देश का एक बड़ा तबका आज तंबाकू सेवन से ग्रसित हैं, वो या तो धूम्रपान या धुआं रहित तंबाकू का सेवन कर रहा हैं, और जो तंबाकू का सेवन नहीं करते वो भी कहीं न कहीं इसकी चपेट में आ रहे हैं क्योंकि जो व्यक्ति धूम्रपान नहीं करता है वो जब सांस लेते समय तंबाकू का धुआं खीच लेता है। तो उसको भी वही बीमारी हो जाती है जो धूम्रपान करने वाले व्यक्ति में होती है। इसीलिए सार्वजनिक स्थल पर धूम्रपान निषेध किया गया हैं।
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