फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   स्थायी लोक अदालत करेगी मुकदमों का बोझ कम

स्थायी लोक अदालत करेगी मुकदमों का बोझ कम

Thu, 05 Oct 2017 02:03 AM IST
Updated Thu, 05 Oct 2017 02:03 AM IST
विज्ञापन
स्थायी लोक अदालत करेगी मुकदमों का बोझ कम
स्थायी लोक अदालत करेगी मुकदमों का बोझ कम
विज्ञापन

ललितपुर।
अदालतों में छोटे-छोटे वादों का बोझ कम करने और लोगों में आपसी सुलह-सुलह समझौता के माध्यम से वादों के निस्तारण के लिए शहर में अब स्थायी लोक अदालत का गठन कर दिया गया है। उक्त लोक अदालत में आए वादों का निस्तारण छह माह में किया जाएगा।

राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जन उपयोगी सेवाओं की अधिकारिता का प्रयोग करने के लिए गठित की गई स्थायी लोक अदालत में तीन सदस्य नामित किए गए हैं। स्थायी लोक अदालत के सेवानिवृत्त जज धर्मराज मिश्र और सदस्य एडवोकेट संगीता जायसवाल व ममता जैन को नामित किया गया है। इन सदस्यों की अधिकतम सेवा पांच वर्ष या फिर 65 वर्ष की आयु तक निर्धारित की गई है। इनके अलावा स्थायी लोक अदालत में पेशकार मनसुख और आशुलिपिक के रुप में राजेंद्र जैन को नामित किया गया है। उक्त सभी सदस्यों व कर्मचारियों ने बुधवार को जनपद न्यायालय पहुंचकर अपना पदभार भी ग्रहण कर लिया है। उक्त स्थायी लोक अदालत जेटीसी ग्राउंड स्थित पुराना केंद्रीय विद्यालय में संचालित होगी। स्थायी लोक अदालत के गठन का उद्देश्य जन उपयोगी सेवाओं से अभिप्रेत वायु, सड़क या जल द्वारा यात्रियों या माल के परिवहन के लिए परिवहन सेवा के मामले, डाक, टेलीग्राफ या टेलीफोन सेवा के मामले, किसी स्थापना द्वारा जनता को शक्ति, रोशनी या पानी की आपूर्ति के मामले, लोक स्वच्छता या स्वास्थ्य रक्षा की प्रणाली या अस्पताल या डिस्पेंसरी में सेवा या बीमा सेवा और रिअल स्टेट व एजूकेशन से संबंधित मामला का निस्तारण आपसी सुलह-समझौतों से किया जाएगा। इसमें किसी ऐसी सेवा के मामले भी शामिल किए जाएंगे, जो केंद्रीय या राज्य सरकार, जो भी स्थित हो, लोक हित में अधिसूचना द्वारा इस अध्याय में प्रयोजनों के लिए लोक उपयोगिता सेवा के रूप में पोषित कर सकें। उक्त लोक अदालत में निस्तारित वादों की शीघ्र अदालतों में अपील नहीं की जा सकेगी। उक्त स्थायी लोक अदालत निर्धारित किए वादों के मामलों के लिए ही संचालित होगी, जबकि राज्य और केंद्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण सेवा द्वारा संचालित मासिक या राष्ट्रीय या अन्य लोक अदालतें पूर्व की तरह संचालित होती रहेंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed