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शिक्षा: तीन वर्षों में व्यवस्थित नहीं हो सके जनपद के दो आर्दश अंग्रेजी माध्यम विद्यालय
Updated Sun, 25 Feb 2018 01:52 AM IST
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तीन वर्षों से अव्यवस्थित दो आदर्श अंग्रेजी माध्यम विद्यालय
ललितपुर। अगले सत्र से जनपद में कुल 49 अंग्रेजी माध्यम के प्राथमिक विद्यालय संचालित किए जाने है। इसके पीछे शासन की मंशा है कि परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को भी अंग्रेजी में शिक्षा मिल सके, लेकिन शासन की इस मंशा को पूरा कर पाना जिला बेसिक शिक्षा विभाग के लिए आसान बात नहीं होगी। क्योंकि जनपद में पहले से दो अंग्रेजी माध्यम के आदर्श विद्यालय संचालित हो रहे हैँ, जिन्हें विभाग पिछले तीन वर्षों में आदर्श बनाना तो दूर ठीक तरह से व्यवस्थित भी नहीं कर पाया है।
जनपद में विगत वर्ष 2015-16 से परिषदीय दो अंग्रेजी माध्यम आदर्श विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं, लेकिन इन विद्यालयों में स्टाफ की कमी, बिजली व खेल मैदान का अभाव समेत अन्य असुविधाओं से जूझ रहे हैं। प्राथमिक विद्यालय पनारी और प्राथमिक विद्यालय कुम्हैड़ी को अंग्रेजी माध्यम आदर्श विद्यालय घोषित किया गया था। पिछले इन तीन वर्षों में जिला बेसिक शिक्षा विभाग इन दोनों विद्यालयों को आदर्श बनाना तो दूर अभी तक सही तरह से व्यवस्थित भी नहीं कर पाया है। अभी तक दोनों की विद्यालयों में स्टाफ भी पूर्ण नहीं हुआ है। ग्राम पनारी जिला मुख्यालय की सीमा से लगा हुआ है, इस कारण इस विद्यालय की स्थिति ग्राम कुम्हैड़ी के विद्यालय से बेहतर है। ग्राम पनारी में प्रधानाध्यापक व चार सहायक अध्यापक तैनात हैं और स्टाफ होने की वजह से बच्चों का शैक्षिक स्तर व शैक्षिक गुणवत्ता दोनों की बेहतर हैं। लेकिन ग्राम कुम्हैड़ी के अंग्रेजी माध्यम आदर्श विद्यालय में मात्र एक ही शिक्षक की तैनाती है, इन तीन वर्षों में यहां पर शिक्षकों की संख्या नहीं बढ़ सकी है। विगत कुछ माह पूर्व से यहां पर एक अस्थाई शिक्षक नियुक्त कर दिया गया है। स्टाफ नहीं हो पाने के कारण शासन की मंशा के अनुरूप बच्चों को बेहतर शिक्षा भी नहीं मिल पा रही है। जब जिला बेसिक शिक्षा विभाग पिछले तीन वर्षों में अपने मात्र इन दो विद्यालयों को व्यवस्थित तरीके से संचालित नहीं करा पाया है, तो वर्तमान स्थिति को देखकर आगामी परिस्थितियों का अंदाजा लाया जा सकता है, जो आने वाले दिनों में जिला बेसिक शिक्षा विभाग पर बीतने वाली हैं। वर्तमान में केवल दो ही विद्यालय हैं, लेकिन अगले सत्र से एक साथ 49 विद्यालय बढ़ जाएंगे और इन सभी विद्यालयों में कुल 245 सहायक शिक्षक और 49 प्रधानाध्यापकों की जरूरत हैं। गौरतलब है कि अगले सत्र से संचालित होने वाली नवीन 49 अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में प्रधानाध्यापक व सहायक अध्यापक के लिए अभी मात्र 135 ही आवेदन आए हैं।
कहां गया अतिरिक्त पांच शिक्षकों को पैनल
जब इन दोनों अंग्रेजी माध्यम के आदर्श विद्यालयों के संचालन की शुरुआत में स्टाफ की नियुक्ति की गई तो इन दोनों की विद्यालयों में शासनादेश के क्रम में एक-एक प्रधानाध्यापक और पांच-पांच सहायक शिक्षकों की तैनाती की थी। इसके साथ ही पांच शिक्षकों को एक पैनल भी तैयार किया गया था। अब इन दोनों विद्यालयों में नियुक्त शिक्षकों व इस पैनल का कोई पता नहीं हैं। ग्राम पनारी विद्यालय में एक सहायक अध्यापक नहीं है, वढहीं ग्राम कुम्हैड़ी का आदर्श विद्यालय पिछले तीन वर्षों से केवल एक ही सहायक शिक्षक के भरोसे चल रहा है।
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दोनों ही विद्यालयों में नहीं बिजली की व्यवस्था और नहीं खेल का मैदान
दोनों की अंग्रेजी माध्यम आदर्श विद्यालयों में बच्चों की सुविधा के लिए बिजली की कोई व्यवस्था नहीं है। यह दोनों ही विद्यालय केवल नाम के लिए ही आदर्श विद्यालय हैं, यहां पर बच्चों की सुविधा के विभाग व शासन की ओर से कंप्यूटर और हाईटैक शिक्षा व्यवस्था के लिए प्रोजेक्टर भी उपलब्ध नहीं कराया गया है। वहीं इन आदर्श विद्यालयों में बिजली नहीं होने से प्रकाश का अभाव है। बच्चों को हवा की भी कोई सुविधा नहीं है। इसके अलावा दोनों ही आदर्श विद्यालयों में खेलकूद के लिए मैदान भी नहीं है। ऐसे में शासन की मंशा के अनुरूप बच्चों की खेल में रुचि भी नहीं बढ़ पा रही है। इसके अलावा पनारी विद्यालय में चारदीवारी नहीं है, जबकि विद्यालय मुख्य मार्ग से सटा हुआ है। चारदीवारी नहीं होने से स्कूल में जानवर व पशु आ जाते हैं और साथ ही बच्चों की सुरक्षा भी खतरे में रहती है। दोनों ही विद्यालयों में पानी के लिए पाइल लाइन भी नहीं है, केवल एक-एक हैंडपंप ही से ही काम चलता है।
आंगनबाड़ी केंद्र भी डालता पढ़ाई में खलल
ग्राम कुम्हैडी के अंग्रेजी माध्यम आदर्श विद्यालय के ही परिसर में गांव के समस्त पांच आंगनबाड़ी केंद्र एक साथ संचालित करते हैं, जबकि पांचों आंगनबाड़ी केंद्रों का अपने-अपने वार्ड क्षेत्र में खुद का भवन बना हुआ है। इन भवनों को बने हुए पूरे दो वर्ष बीतने वाले हैं, लेकिन यह पांचों केंद्र एक ही परिसर में संचालित होते हैं। विद्यालय संचालन के समय अधिक भीड़भाड़ व शोर-गुल होने से विद्यालय में बच्चों की पढ़ाई पर असर पढ़ता है, वैसे ही विभाग में मात्र दो ही शिक्षक हैं। इसके अलावा केंद्र पर आने वाली गर्भवती महिलाओं को भी अधिक दूसरी कर परेशानियों का सामना करना पड़ता है। महिलाओं को चार किलोमीटर तक की दूूरी तय करके आना होता है।
शिक्षकों की कमी को करेंगे दूर
अगले सत्र के अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों के लिए वर्तमान में चयन प्रक्रिया चल रही है। इस चयन प्रक्रिया में चयनित शिक्षकों में से पूर्व के दोनों विद्यालयों में ही शिक्षकों कमी की पूर्ति की जाएगी। प्रयास किया जाएगा कि कहीं पर शिक्षकों की कमी न हो।
- अंबरीष कुमार
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, ललितपुर।
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ललितपुर। अगले सत्र से जनपद में कुल 49 अंग्रेजी माध्यम के प्राथमिक विद्यालय संचालित किए जाने है। इसके पीछे शासन की मंशा है कि परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को भी अंग्रेजी में शिक्षा मिल सके, लेकिन शासन की इस मंशा को पूरा कर पाना जिला बेसिक शिक्षा विभाग के लिए आसान बात नहीं होगी। क्योंकि जनपद में पहले से दो अंग्रेजी माध्यम के आदर्श विद्यालय संचालित हो रहे हैँ, जिन्हें विभाग पिछले तीन वर्षों में आदर्श बनाना तो दूर ठीक तरह से व्यवस्थित भी नहीं कर पाया है।
जनपद में विगत वर्ष 2015-16 से परिषदीय दो अंग्रेजी माध्यम आदर्श विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं, लेकिन इन विद्यालयों में स्टाफ की कमी, बिजली व खेल मैदान का अभाव समेत अन्य असुविधाओं से जूझ रहे हैं। प्राथमिक विद्यालय पनारी और प्राथमिक विद्यालय कुम्हैड़ी को अंग्रेजी माध्यम आदर्श विद्यालय घोषित किया गया था। पिछले इन तीन वर्षों में जिला बेसिक शिक्षा विभाग इन दोनों विद्यालयों को आदर्श बनाना तो दूर अभी तक सही तरह से व्यवस्थित भी नहीं कर पाया है। अभी तक दोनों की विद्यालयों में स्टाफ भी पूर्ण नहीं हुआ है। ग्राम पनारी जिला मुख्यालय की सीमा से लगा हुआ है, इस कारण इस विद्यालय की स्थिति ग्राम कुम्हैड़ी के विद्यालय से बेहतर है। ग्राम पनारी में प्रधानाध्यापक व चार सहायक अध्यापक तैनात हैं और स्टाफ होने की वजह से बच्चों का शैक्षिक स्तर व शैक्षिक गुणवत्ता दोनों की बेहतर हैं। लेकिन ग्राम कुम्हैड़ी के अंग्रेजी माध्यम आदर्श विद्यालय में मात्र एक ही शिक्षक की तैनाती है, इन तीन वर्षों में यहां पर शिक्षकों की संख्या नहीं बढ़ सकी है। विगत कुछ माह पूर्व से यहां पर एक अस्थाई शिक्षक नियुक्त कर दिया गया है। स्टाफ नहीं हो पाने के कारण शासन की मंशा के अनुरूप बच्चों को बेहतर शिक्षा भी नहीं मिल पा रही है। जब जिला बेसिक शिक्षा विभाग पिछले तीन वर्षों में अपने मात्र इन दो विद्यालयों को व्यवस्थित तरीके से संचालित नहीं करा पाया है, तो वर्तमान स्थिति को देखकर आगामी परिस्थितियों का अंदाजा लाया जा सकता है, जो आने वाले दिनों में जिला बेसिक शिक्षा विभाग पर बीतने वाली हैं। वर्तमान में केवल दो ही विद्यालय हैं, लेकिन अगले सत्र से एक साथ 49 विद्यालय बढ़ जाएंगे और इन सभी विद्यालयों में कुल 245 सहायक शिक्षक और 49 प्रधानाध्यापकों की जरूरत हैं। गौरतलब है कि अगले सत्र से संचालित होने वाली नवीन 49 अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में प्रधानाध्यापक व सहायक अध्यापक के लिए अभी मात्र 135 ही आवेदन आए हैं।
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कहां गया अतिरिक्त पांच शिक्षकों को पैनल
जब इन दोनों अंग्रेजी माध्यम के आदर्श विद्यालयों के संचालन की शुरुआत में स्टाफ की नियुक्ति की गई तो इन दोनों की विद्यालयों में शासनादेश के क्रम में एक-एक प्रधानाध्यापक और पांच-पांच सहायक शिक्षकों की तैनाती की थी। इसके साथ ही पांच शिक्षकों को एक पैनल भी तैयार किया गया था। अब इन दोनों विद्यालयों में नियुक्त शिक्षकों व इस पैनल का कोई पता नहीं हैं। ग्राम पनारी विद्यालय में एक सहायक अध्यापक नहीं है, वढहीं ग्राम कुम्हैड़ी का आदर्श विद्यालय पिछले तीन वर्षों से केवल एक ही सहायक शिक्षक के भरोसे चल रहा है।
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दोनों ही विद्यालयों में नहीं बिजली की व्यवस्था और नहीं खेल का मैदान
दोनों की अंग्रेजी माध्यम आदर्श विद्यालयों में बच्चों की सुविधा के लिए बिजली की कोई व्यवस्था नहीं है। यह दोनों ही विद्यालय केवल नाम के लिए ही आदर्श विद्यालय हैं, यहां पर बच्चों की सुविधा के विभाग व शासन की ओर से कंप्यूटर और हाईटैक शिक्षा व्यवस्था के लिए प्रोजेक्टर भी उपलब्ध नहीं कराया गया है। वहीं इन आदर्श विद्यालयों में बिजली नहीं होने से प्रकाश का अभाव है। बच्चों को हवा की भी कोई सुविधा नहीं है। इसके अलावा दोनों ही आदर्श विद्यालयों में खेलकूद के लिए मैदान भी नहीं है। ऐसे में शासन की मंशा के अनुरूप बच्चों की खेल में रुचि भी नहीं बढ़ पा रही है। इसके अलावा पनारी विद्यालय में चारदीवारी नहीं है, जबकि विद्यालय मुख्य मार्ग से सटा हुआ है। चारदीवारी नहीं होने से स्कूल में जानवर व पशु आ जाते हैं और साथ ही बच्चों की सुरक्षा भी खतरे में रहती है। दोनों ही विद्यालयों में पानी के लिए पाइल लाइन भी नहीं है, केवल एक-एक हैंडपंप ही से ही काम चलता है।
आंगनबाड़ी केंद्र भी डालता पढ़ाई में खलल
ग्राम कुम्हैडी के अंग्रेजी माध्यम आदर्श विद्यालय के ही परिसर में गांव के समस्त पांच आंगनबाड़ी केंद्र एक साथ संचालित करते हैं, जबकि पांचों आंगनबाड़ी केंद्रों का अपने-अपने वार्ड क्षेत्र में खुद का भवन बना हुआ है। इन भवनों को बने हुए पूरे दो वर्ष बीतने वाले हैं, लेकिन यह पांचों केंद्र एक ही परिसर में संचालित होते हैं। विद्यालय संचालन के समय अधिक भीड़भाड़ व शोर-गुल होने से विद्यालय में बच्चों की पढ़ाई पर असर पढ़ता है, वैसे ही विभाग में मात्र दो ही शिक्षक हैं। इसके अलावा केंद्र पर आने वाली गर्भवती महिलाओं को भी अधिक दूसरी कर परेशानियों का सामना करना पड़ता है। महिलाओं को चार किलोमीटर तक की दूूरी तय करके आना होता है।
शिक्षकों की कमी को करेंगे दूर
अगले सत्र के अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों के लिए वर्तमान में चयन प्रक्रिया चल रही है। इस चयन प्रक्रिया में चयनित शिक्षकों में से पूर्व के दोनों विद्यालयों में ही शिक्षकों कमी की पूर्ति की जाएगी। प्रयास किया जाएगा कि कहीं पर शिक्षकों की कमी न हो।
- अंबरीष कुमार
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, ललितपुर।