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समाज सुधरेगा तभी संस्कृति सुरक्षित रहेगी

Wed, 06 Sep 2017 12:08 AM IST
Updated Wed, 06 Sep 2017 12:08 AM IST
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समाज सुधरेगा तभी संस्कृति सुरक्षित रहेगी
‘समाज सुधरेगा तभी संस्कृति सुरक्षित रहेगी’
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अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
पर्यूषण पर्व के अंतिम दिन नगर के जैन मंदिरों में अनंत चतुर्दशी पर्व धूमधाम से मनाया गया। श्रद्धालुओं ने व्रत उपवास के साथ दस धर्मों के महापर्व ब्रह्मचर्य धर्म को मनाया और जीवन में सुधार के लिए मुनि संघ से व्रत नियम लेकर संकल्पित हुए। जहां धर्मसभा में बताया गया कि समाज सुधरेगा तभी संस्कृति सुरक्षित रहेगी।

क्षेत्रपाल मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में धर्मालुओं ने पाश्चात संस्कृति के पहनावा और रहनसहन पर वढ़ रहे प्रभाव पर अंकुश लगाते हुए अपने जीवन में सुधार के लिए संकल्प लिया। इसके तहत मंदिरों में मर्यादित ढंग से प्रवेश करने और वैवाहिक आयोजनों में बढ़ रही अश्लीलता को रोकने के लिए संकल्प लिया। यह मुनि अभय सागर महाराज के ससंघ सानिध्य में दिगंबर जैन पंचायत ने उक्त निर्णय करते हुए कहा। इसके अतिरिक्त शादी ब्याह की वर्षगांठ धार्मिक स्थलों पर जाकर धार्मिक आयोजनों के साथ भव्यता से की जाएगी। महिला संगीत को अब महिलाओं के बीच मर्यादित ढंग से होगा, जैसा कि बुजुर्गों की परंपरा रही है। धर्मसभा में जैन पंचायत के अध्यक्ष अनिल जैन अंचल ने समाज के बीच उक्त बिंदुओं को रखा जो मुनि संघ के सम्मुख समूची जैन समाज ने स्वीकारे। मुख्य आयोजन नगर के क्षेत्रपाल मंदिर में मुनिश्री अभय सागर महाराज, मुनि प्रभात सागर, मुनि पूज्य सागर महाराज के ससंघ सानिध्य में हुआ। जहां संगीतमय पूजन के उपरांत धर्मसभा का शुभारंभ पं. सुरेश चंद शास्त्री के साथ ब्रह्मचारी भैयाओं द्वारा शास्त्र भेंट कर किया। जैन पंचायत के पदाधिकारियों ने आचार्यश्री के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित किया। मुनि पूज्य सागर महाराज ने कहा कि वर्तमान में पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव से समाज अछूता नहीं रहा, जिसको लेकर जरूरी है कि धर्मात्मा लोग सुधरें यदि समाज सुधरेगा तभी संस्कृति सुरक्षित रहेगी। इस दौरान समूची समाज ने मुनिपुंगव सुधासागर महाराज की प्रेरणा से निर्माणाधीन सहस्त्रकूट चैत्यालय, कीर्तिस्तंभ, चैबीसी मंदिर, नंदीश्वर मंदिर के निर्माण कार्य को त्वरित गति से पूर्ण कराने का हर्ष ध्वनि के साथ संकल्प दोहराया और कहा मंदिर का पंचकल्याणक भव्यता के साथ आचार्यश्री विद्यासागर महाराज एवं मुनिपुंगव सुधासागर महाराज के सानिध्य में ऐसी सभी की भावना है। उपस्थित श्रेष्ठियों ने कीर्ति स्तंभ सहस्त्रकूट के लिए प्रतिमा पुण्याजन का संकल्प लिया। मुनि अभय सागर महाराज ने धर्मसभा में कहा जीवन में सुधार के लिए कुछ करना पड़ता है समाजिक स्तर पर जीवन ऐसा आदर्शमयी हो, जिसका अनुशरण सभी लोग करें ऐसा प्रयास करना है। अनंत चतुदर्शी पर स्वर्णकलश से श्रीजी का अभिषेक पहली बार हुआ, जिसका पुण्याजन विनोद कामरा, विकास करमई, सुरेंद्र जैन, सुनील रोड़ा, आनंद जैन के अतिरिक्त सेामचंद संजीव जैन, अरविंद जैन, पवन जैन, मयंक, राजेश जैन बड़कुल द्वारा किया गया। कार्यक्रम के दौरान ब्रह्मचारी मनोज भैया को उनकी सेवाओं के लिए जैन पंचायत द्वारा सम्मानित किया। इसके अतिरिक्त आमंत्रित डा. उज्जवला जैन ओरंगावाद, ब्रह्मचारी अन्नू भैया, भूपेंद्र भैया, ब्रह्मचारिणी सीमा दीदी, मीना, नीता एवं समस्त ब्रह्मचारी ब्रह्मूमचारिणीं को भी सम्मायिनत किया गया। सर्वसम्मति से नवनिर्मित आदिनाथ जैन मंदिर सिविल लाइन के प्रबंधक के लिए सुरेश बाबू जैन एडवोकेट एवं स्वतंत्र मोदी को मनोनीत किया गया। प्रात:काल क्षेत्रपाल मंदिर के अतिरिक्त आदिनाथ मंदिर नईबस्ती, समोवशरण मंदिर नईबस्ती, शांतिनाथ मंदिर नईबस्ती में श्रीजी का अभिषेक हुआ, जहां पहुंचकर धर्मालुजनों ने गंदोधक ग्रहण कर जिनदर्शन किए। इस मौके पर बच्चों ने आकर्षक झांकियां जैन धर्म पर आधारित लगाई। सायंकाल आचार्य भक्ति संगीतमय आरती एवं भक्ताबंर मंडल के ऋद्धि मंत्रों के बीच प्रज्ज्वलित 48 दीपों की आरती हुई। पाठशाला परिवार द्वारा महामंत्र की महिमा नाटक का मंचन किया गया। नगर के जैन नया मंदिर, जैन बडामंदिर, जैन मंदिर वाहुबलिनगर एवं चंद्रप्रभु मंदिर डोड़ाघाट पर मध्यान्ह में श्रीजी का अभिषेक हुआ, जिसमें प्रमुख भूमिका सौधर्म इंद्र ईषान माहेंद्र एवं सानकुमार इंद्र बनकर श्रावकों ने निभाई। आयोजन की व्यवस्थाओं को संचालित करने में महामंत्री स्त्रत्त. अक्षय टड़ैया मुकेश सराफ, प्रदीप सतरवांस, राजेंद्र जैन थनवारा, मनोज जैन बबीना कपूरचंद लागौन, अक्षय अलया, विजय जैन, सुधीर जैन, संजीव मोदी, संजीव जैन, भगवानदास कैलगुवां, मीना इमलिया, जिनेंद्र जैन, आनंद जैन, गेंदालाल सतभैया, प्रमोद जैन पाय, कैलाश सराफ, सुबोध जैन, अभय जैन, जितेंद्र जैन, राजू सुवेंदु जैन, महेंद्र चौधरी, प्रभात जैन, प्रकाश सौरया आदि का योगदान रहा।
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