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नहीं हो रही नागौरी तालाब की खुदाई
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नहीं हो रही नागौरी तालाब की खुदाई
पाली। बरसात के पानी का संचय हो सके इसके लिए तालाबों में खोदाई कर उनको गहरा किया जा रहा है। लेकिन, कस्बा के नागौरी तालाब में काम के नाम पर रस्म अदायगी होने से नागरिकों में असंतोष है। अधिकारी 30 जून तक कार्य को पूरा कराने की बात कर रहे हैं, जबकि लोग तालाब के कार्य को तीन दिन बंद होना बता रहे हैं।
मानसून कभी भी अपनी आमद करा सकता है। पाली से राजगढ़ मार्ग के किनारे करीब तीन हेक्टेयर क्षेत्र में नागौरी तालाब फैला हुआ है। जो एक तरफ विंध्याचल की वादियों से घिरा हुआ है तो दूसरी तरफ पिचिंग के माध्यम से तैयार दीवार से। यहां घूमने आने वाले लोगों के लिए तालाब के किनारे (बांध) पर बैठने के लिए सीटें हैं। बीते कुछ सालों में इसका पुराव हो रहा था, जिससे इसमें बरसात आने से पहले पानी समाप्त हो जाता। इसी को ध्यान में रखकर कि तालाब में पानी बना रहे, इसके लिए शासन से लगभग 25 लाख रुपये की राशि जारी की, जिससे तालाब का गहरीकरण एवं पिचिंग कार्य कराया जा रहा है।
जिम्मेदारों द्वारा जिस प्रकार कार्य को अंजाम दिया गया और उसे पूरा करने से पहले छोड़ दिया गया, इससे लोगों में नाराजी है। लोगों का कहना है कि तालाब से खेतिहर किसानों के साथ-साथ पान किसानों को सिंचाई कार्य में बड़ी मदद मिलती है। तालाब के आसपास पान कुइयों का जलस्तर इससे ऊंचा बना रहता है। जिस प्रकार तालाब में कार्य होता देखा गया, वह कहीं से भी संतोषजनक नहीं है। न गहराई हुई और न ही तालाब के बंध की पिचिंग की गई। तालाब के नाम पर मिली राशि का पूरी तरह सदुपयोग नहीं किया गया, जिससे जलसंचय की मंशा पूरी नहीं हो पाएगी।
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तालाब में एक सौ दस मीटर की पिचिंग होनी है। डेढ़ मीटर खुदाई के साथ उसका गहरीकरण किया जाना है। जून के अंत तक कार्य पूर्ण होना है। लेकिन, ठेकेदार ठीक से कार्य नहीं कर रहा है। उस पर कार्रवाई हो सकती है।
- राजीव मिश्रा, सहायक अभियंता, लघु सिंचाई
तालाब में गहरीकरण के नाम पर रस्म अदायगी नजर आ रही है। तालाब में खुदाई दिखे, इसके लिए ट्रैक्टर के माध्यम से जुताई करा दी गई। कायदे से न गहरीकरण हुआ और न ही मिट्टी का उठान हुआ। अधिकारियों का ध्यान इस ओर जरूरी है।
- जयराम चौरसिया, पान कृषक
तालाब में मानक के अनुरूप बिल्कुल भी कार्य नहीं चला। बरसात कभी भी आ सकती है, जो कार्य हुआ है, वह बिल्कुल भी संतोषजनक नहीं है।
- पुनीत चौरसिया, पूर्व पार्षद
तालाब में बीते तीन दिन से कार्य बंद पड़ा है। गहरीकरण के साथ पिचिंग होनी बाकी है। जल्द नहीं हुआ तो इसमें खपाई गयी राशि का दुरुपयोग ही कहा जाएगा। - बिहारी चौरसिया, पान कृषक
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पाली। बरसात के पानी का संचय हो सके इसके लिए तालाबों में खोदाई कर उनको गहरा किया जा रहा है। लेकिन, कस्बा के नागौरी तालाब में काम के नाम पर रस्म अदायगी होने से नागरिकों में असंतोष है। अधिकारी 30 जून तक कार्य को पूरा कराने की बात कर रहे हैं, जबकि लोग तालाब के कार्य को तीन दिन बंद होना बता रहे हैं।
मानसून कभी भी अपनी आमद करा सकता है। पाली से राजगढ़ मार्ग के किनारे करीब तीन हेक्टेयर क्षेत्र में नागौरी तालाब फैला हुआ है। जो एक तरफ विंध्याचल की वादियों से घिरा हुआ है तो दूसरी तरफ पिचिंग के माध्यम से तैयार दीवार से। यहां घूमने आने वाले लोगों के लिए तालाब के किनारे (बांध) पर बैठने के लिए सीटें हैं। बीते कुछ सालों में इसका पुराव हो रहा था, जिससे इसमें बरसात आने से पहले पानी समाप्त हो जाता। इसी को ध्यान में रखकर कि तालाब में पानी बना रहे, इसके लिए शासन से लगभग 25 लाख रुपये की राशि जारी की, जिससे तालाब का गहरीकरण एवं पिचिंग कार्य कराया जा रहा है।
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जिम्मेदारों द्वारा जिस प्रकार कार्य को अंजाम दिया गया और उसे पूरा करने से पहले छोड़ दिया गया, इससे लोगों में नाराजी है। लोगों का कहना है कि तालाब से खेतिहर किसानों के साथ-साथ पान किसानों को सिंचाई कार्य में बड़ी मदद मिलती है। तालाब के आसपास पान कुइयों का जलस्तर इससे ऊंचा बना रहता है। जिस प्रकार तालाब में कार्य होता देखा गया, वह कहीं से भी संतोषजनक नहीं है। न गहराई हुई और न ही तालाब के बंध की पिचिंग की गई। तालाब के नाम पर मिली राशि का पूरी तरह सदुपयोग नहीं किया गया, जिससे जलसंचय की मंशा पूरी नहीं हो पाएगी।
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तालाब में एक सौ दस मीटर की पिचिंग होनी है। डेढ़ मीटर खुदाई के साथ उसका गहरीकरण किया जाना है। जून के अंत तक कार्य पूर्ण होना है। लेकिन, ठेकेदार ठीक से कार्य नहीं कर रहा है। उस पर कार्रवाई हो सकती है।
- राजीव मिश्रा, सहायक अभियंता, लघु सिंचाई
तालाब में गहरीकरण के नाम पर रस्म अदायगी नजर आ रही है। तालाब में खुदाई दिखे, इसके लिए ट्रैक्टर के माध्यम से जुताई करा दी गई। कायदे से न गहरीकरण हुआ और न ही मिट्टी का उठान हुआ। अधिकारियों का ध्यान इस ओर जरूरी है।
- जयराम चौरसिया, पान कृषक
तालाब में मानक के अनुरूप बिल्कुल भी कार्य नहीं चला। बरसात कभी भी आ सकती है, जो कार्य हुआ है, वह बिल्कुल भी संतोषजनक नहीं है।
- पुनीत चौरसिया, पूर्व पार्षद
तालाब में बीते तीन दिन से कार्य बंद पड़ा है। गहरीकरण के साथ पिचिंग होनी बाकी है। जल्द नहीं हुआ तो इसमें खपाई गयी राशि का दुरुपयोग ही कहा जाएगा। - बिहारी चौरसिया, पान कृषक