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डेढ़ माह से पेयजल समस्या से जूझ रहे कारीटोरनवासी

Tue, 11 Jun 2019 01:25 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 11 Jun 2019 01:25 AM IST
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डेढ़ माह से पेयजल समस्या से जूझ रहे कारीटोरनवासी
डेढ़ माह से पानी के लिए जूझ रहे कारीटोरनवासी
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ललितपुर। विकासखंड बार अंतर्गत ग्राम कारीटोरन में बीते डेढ़ महीने से पानी का संकट है। यहां पर नलों में पानी नहीं आ रहा है। इस कारण ग्रामीणों को आसपास के हैंडपंप से पानी भरना पड़ रहा है। भीषण गर्मी में पानी की किल्लत के चलते ग्रामीणों का बुरा हाल है।
जल संस्थान द्वारा गोविंद सागर बांध से ग्राम इमलिया, करीटोरन व बरखिरिया के लिए पेयजल आपूर्ति की जाती है। लेकिन, ग्राम कारीटोरन में पानी की आपूर्ति की चाल बिगड़ गई है। यहां डेढ़ महीने से नलों से पानी नहीं टपका है। वजह, पाइप लाइन क्षतिग्रस्त है और इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। गर्मी के कारण जमीन का जलस्तर और नीचे चला गया है। गांव के अधिकांश हैंडपंपों से पानी आना बंद हो गया है। ऐसे में ग्रामीणों को पानी की किल्लत से जूझना पड़ रहा है। हालत यह है कि यहां पर लोगों को गांव से लगभग दो-दो किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ रहा है तो कइयों को पांच किलोमीटर की दूरी से दो पहिया वाहनों व साइकिलों से पानी लाने को मजबूर हैं।
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कई ग्रामीणों का पूरा दिन पानी भरने में ही निकल जाता है। कोई अन्य कार्य नहीं कर पा रहे हैं। महिलाओं को पानी भरकर लाने में कई जगह पर रुकना पड़ रहा है। तब जाकर वह गांव में पानी ला पा रहीं हैं। पैदल पानी लाने में लोगों को आधा घंटे का समय खराब हो जाता है। गांव के पास में लगे कुछ हैंडपंप से पानी आ रहा है, लेकिन वहां पर लोगों को अपनी बारी आने के लिए आधा घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं, कुछ लोग गांव के बाहर बने कुओं से पानी ला रहे हैं। जहां पर पानी भरकर लाने में गिरने का भय बना रहता है। समय बचाने के लिए ग्रामीण खेतों से गुजरकर कुआ से पानी लाने को मजबूर हैं।
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लगभग तीन सप्ताह से गांव में लगे हैंडपंपों से पानी नहीं आ रहा है। ऐसे गांव के बाहर लगे हैंडपंप के सहारे से पानी जुटा रहे हैं। उनका अधिकतर समय केवल पानी जुटाने में ही बीत जाता है।
- रामकुंवर
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दो माह पहले केवल रात के समय में कुछ समय के लिए नलों में पानी आ रहा था, जिस पर पीने के लिए ही पानी मिल पा रहा था। लेकिन, अब एक माह से तो नलों से पूरी तरह ही पानी आना बंद हो गया है।
- रामजी पाठक
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गांव में पानी की समस्या के लिए नल का कनेक्शन लिया था, लेकिन अब नलों में पानी नहीं आ रहा है। जिससे अधिक दूरी से पानी ला रहे हैं। अधिक समय की बर्बादी हो रही है।
- मीरा विश्वकर्मा
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पानी का अधिक संकट छा गया है। हालत यह है कि आसपास तो पानी मिल नहीं पा रहा है। अब पानी जुटाने के लिए दो पहिया वाहनों पर डिब्बा लादकर पानी लाना पड़ रहा है।

-नितिन पाराशर
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ग्राम कारीटोरन में पानी सप्लाई नहीं होने की समस्या है। जांच कराई जाएगी। यदि पाइप लाइन क्षतिग्रस्त है, तो दुरुस्त कराई जाएगी। पेयजल की आपूर्ति सुचारु रुप से कराई जाएगी।
- प्रवीण कुमार यादव, अधिशाषी अभियंता, जल संस्थान
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