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अधिकारियों की हर रोज बैठकें, फिर भी पेयजल समस्या जस की तस
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हर रोज बैठकें, फिर भी पेयजल समस्या जस की तस
ललितपुर। विकास भवन में विभिन्न विभागों के अधिकारियों की प्रतिदिन हो रही बैठकें भी पेयजल समस्या का निदान नहीं ढूंढ पा रही हैं। इस कारण जनपदवासी पेयजल संकट से उबर नहीं पा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र तो दूर की बात है, शहर में ही पाइप लाइन लीकेज व खराब हैंडपंप सुधर नहीं पा रहे हैं।
गर्मी की शुरुआत से ही जिले में पेयजल की समस्या नजर आने लगी थी। मुख्य विकास अधिकारी वीपी पांडेय ने विभिन्न विभागों में आपसी समन्वय स्थापित कर इसका समाधान करने के निर्देश दिए थे। इसके अनुपालन में जल निगम, जल संस्थान व जिला पंचायत राज विभाग के कर्मियों ने विकास भवन में प्रतिदिन शाम चार बजे बैठक कर पेयजल समस्या पर विचार-विमर्श आरंभ कर दिया। लेकिन, इन बैठकों के बाद भी पेयजल समस्या कम होने की जगह बढ़ी है।
ग्रामीण क्षेत्रों में आठ पेयजल परियोजनाएं बंद चल रही हैं। वहीं, शहर में ही पांच दिन से पेयजल का भीषण संकट बना हुआ है। विभिन्न सड़कों के किनारे पाइप लाइनों में लीकेज बने हुए हैं। वहीं, कई जगहों पर खराब हैंडपंप सुधारे नहीं जा सके हैं। कई हैंडपंप रीबोर की स्थिति में हैं, कइयों में पाइप बढ़ाने की जरूरत है। यही नहीं, कई सार्वजनिक हैंडपंपों पर लोगों ने कब्जे कर रखे हैं। जिससे आसपास के लोगों को दंबगई के चलते हैंडपंप का भी पानी नसीब नहीं हो रहा है। इनका चिह्नींकरण अब तक नहीं किया जा सका है। इस मामले में जल संस्थान के अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं।
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उधर, कई लोग पानी की फिजूल खर्ची भी बेरोकटोक कर रहे हैं। ऐसा ही नजारा घंटाघर के पास देखा गया। यहां सड़क की सफाई पानी से की जा रही थी। मोहल्ला नदीपुरा में भी कई लोग पानी भरने के बाद भी नलों को बंद नहीं करते हैं। इससे पानी का प्रेशर पाइप लाइनों में नहीं बनता है। इस वजह से गलियों में रहने वाले लोगों को पेयजल की समस्या से जूझना पड़ता है। इसके अलावा मोटरसाइकिल और कार धोने के लिए बहुमूल्य पानी उपयोग में लाया जा रहा है। इस पर अंकुश लगाने के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सका है। शायद इन्हीं वजहों से शहरवासी पेयजल की समस्या से जूझ रहे हैं।
जल संस्थान व जल निगम के अधिकारियों के साथ बैठक की थी। इसमें लिए गए निर्णयों के उपरांत काफी हद तक सफलता मिली है। पानी की फिजूलखर्ची रोकने के लिए लोगों को जागरुक किया जा रहा है। सोमवार को सुबह ग्यारह बजे नगर पालिका में जल निगम और जल संस्थान के अधिकारियों की बैठक बुलाई गई है, जिसमें विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा होगी।
- डॉ. संजय कुमार मिश्र, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद
जल संस्थान द्वारा खराब हैंडपंप सुधारे जा रहे हैं। शीघ्र ही पेयजल की समस्या का निदान होगा। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में इसको लेकर बैठक बुलाई गई है।
- वीरेंद्र प्रसाद पांडेय, मुख्य विकास अधिकारी
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ललितपुर। विकास भवन में विभिन्न विभागों के अधिकारियों की प्रतिदिन हो रही बैठकें भी पेयजल समस्या का निदान नहीं ढूंढ पा रही हैं। इस कारण जनपदवासी पेयजल संकट से उबर नहीं पा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र तो दूर की बात है, शहर में ही पाइप लाइन लीकेज व खराब हैंडपंप सुधर नहीं पा रहे हैं।
गर्मी की शुरुआत से ही जिले में पेयजल की समस्या नजर आने लगी थी। मुख्य विकास अधिकारी वीपी पांडेय ने विभिन्न विभागों में आपसी समन्वय स्थापित कर इसका समाधान करने के निर्देश दिए थे। इसके अनुपालन में जल निगम, जल संस्थान व जिला पंचायत राज विभाग के कर्मियों ने विकास भवन में प्रतिदिन शाम चार बजे बैठक कर पेयजल समस्या पर विचार-विमर्श आरंभ कर दिया। लेकिन, इन बैठकों के बाद भी पेयजल समस्या कम होने की जगह बढ़ी है।
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ग्रामीण क्षेत्रों में आठ पेयजल परियोजनाएं बंद चल रही हैं। वहीं, शहर में ही पांच दिन से पेयजल का भीषण संकट बना हुआ है। विभिन्न सड़कों के किनारे पाइप लाइनों में लीकेज बने हुए हैं। वहीं, कई जगहों पर खराब हैंडपंप सुधारे नहीं जा सके हैं। कई हैंडपंप रीबोर की स्थिति में हैं, कइयों में पाइप बढ़ाने की जरूरत है। यही नहीं, कई सार्वजनिक हैंडपंपों पर लोगों ने कब्जे कर रखे हैं। जिससे आसपास के लोगों को दंबगई के चलते हैंडपंप का भी पानी नसीब नहीं हो रहा है। इनका चिह्नींकरण अब तक नहीं किया जा सका है। इस मामले में जल संस्थान के अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं।
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उधर, कई लोग पानी की फिजूल खर्ची भी बेरोकटोक कर रहे हैं। ऐसा ही नजारा घंटाघर के पास देखा गया। यहां सड़क की सफाई पानी से की जा रही थी। मोहल्ला नदीपुरा में भी कई लोग पानी भरने के बाद भी नलों को बंद नहीं करते हैं। इससे पानी का प्रेशर पाइप लाइनों में नहीं बनता है। इस वजह से गलियों में रहने वाले लोगों को पेयजल की समस्या से जूझना पड़ता है। इसके अलावा मोटरसाइकिल और कार धोने के लिए बहुमूल्य पानी उपयोग में लाया जा रहा है। इस पर अंकुश लगाने के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सका है। शायद इन्हीं वजहों से शहरवासी पेयजल की समस्या से जूझ रहे हैं।
जल संस्थान व जल निगम के अधिकारियों के साथ बैठक की थी। इसमें लिए गए निर्णयों के उपरांत काफी हद तक सफलता मिली है। पानी की फिजूलखर्ची रोकने के लिए लोगों को जागरुक किया जा रहा है। सोमवार को सुबह ग्यारह बजे नगर पालिका में जल निगम और जल संस्थान के अधिकारियों की बैठक बुलाई गई है, जिसमें विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा होगी।
- डॉ. संजय कुमार मिश्र, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद
जल संस्थान द्वारा खराब हैंडपंप सुधारे जा रहे हैं। शीघ्र ही पेयजल की समस्या का निदान होगा। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में इसको लेकर बैठक बुलाई गई है।
- वीरेंद्र प्रसाद पांडेय, मुख्य विकास अधिकारी