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स्वयं सहायता समूहों ने अनाज बैंक का बनाने का लिया निर्णय
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स्वयं सहायता समूह बनाएंगे अनाज बैंक
अर्जुन खिरिया / ललितपुर। अर्जुन खिरिया गांव में पांच स्वयं सहायता समूहों की बैठक में महिलाओं ने अनाज बैंक खोलने का निर्णय लिया है। वक्ताओं ने कहा कि सभी महिला सदस्य प्रत्येक महीने में दो किलोग्राम अनाज (गेहूं) समूह के अनाज बैंक में जमा करेगी। इसका उपयोग गरीब सदस्य को दान देने के रूप में किया जाएगा। इसके लिए महिलाओं को शपथ दिलाई गई।
मां सरस्वती समूह की अध्यक्ष पेरा पटेल ने बताया कि समूह के बैंक खाते में पचपन हजार रुपये अभी तक जमा हुए हैं। जय मां संतोषी समूह के खाते में 54674 रुपये, कर्मा बाई समूह के 41000 रुपये, हनुमान गढ़ी समूह के खाते में 41000 रुपये एवं लक्ष्मी माता समूह के खाते में 10000 रुपये अभी तक जमा किए गए हैं। आज गांवों में परिवर्तन की अधिक जरूरत है। ग्रामीण विकास के लिए सरकार की ओर से विभिन्न योजनाओं से महिला सशक्तीकरण को बल मिला है। गांवों में राजीव गांधी महिला विकास परियोजना के तहत स्वयं सहायता समूहों के श्रम व कौशल को मिली मान्यताओं से महिलाओं में आत्मविश्वास व आत्मसम्मान बढ़ा है। स्वयं सहायता समूह से जुड़कर सदस्य बचत करना सीखते हैं। छोटी छोटी बचत से समूह की अपनी ऋण व्यवस्था विकसित होती है। समूह के प्रत्येक सदस्य की बचत राशि का उपयोग अपनी घरेलू जरूरतों को पूरा करने में ऋण के रूप में किया जाता है। अर्जुन खिरिया गांव में पांच स्वयं सहायता समूह महिलाएं चला रही हैं। अध्यक्षता राजेश सिंह एवं कुम कुम राजा जोन प्रभारी ने की। बैठक में जितेंद्र सिंह बुंदेला (एफ ओ), राजेश सिंह अदि लोग उपस्थित रहे।
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अर्जुन खिरिया / ललितपुर। अर्जुन खिरिया गांव में पांच स्वयं सहायता समूहों की बैठक में महिलाओं ने अनाज बैंक खोलने का निर्णय लिया है। वक्ताओं ने कहा कि सभी महिला सदस्य प्रत्येक महीने में दो किलोग्राम अनाज (गेहूं) समूह के अनाज बैंक में जमा करेगी। इसका उपयोग गरीब सदस्य को दान देने के रूप में किया जाएगा। इसके लिए महिलाओं को शपथ दिलाई गई।
मां सरस्वती समूह की अध्यक्ष पेरा पटेल ने बताया कि समूह के बैंक खाते में पचपन हजार रुपये अभी तक जमा हुए हैं। जय मां संतोषी समूह के खाते में 54674 रुपये, कर्मा बाई समूह के 41000 रुपये, हनुमान गढ़ी समूह के खाते में 41000 रुपये एवं लक्ष्मी माता समूह के खाते में 10000 रुपये अभी तक जमा किए गए हैं। आज गांवों में परिवर्तन की अधिक जरूरत है। ग्रामीण विकास के लिए सरकार की ओर से विभिन्न योजनाओं से महिला सशक्तीकरण को बल मिला है। गांवों में राजीव गांधी महिला विकास परियोजना के तहत स्वयं सहायता समूहों के श्रम व कौशल को मिली मान्यताओं से महिलाओं में आत्मविश्वास व आत्मसम्मान बढ़ा है। स्वयं सहायता समूह से जुड़कर सदस्य बचत करना सीखते हैं। छोटी छोटी बचत से समूह की अपनी ऋण व्यवस्था विकसित होती है। समूह के प्रत्येक सदस्य की बचत राशि का उपयोग अपनी घरेलू जरूरतों को पूरा करने में ऋण के रूप में किया जाता है। अर्जुन खिरिया गांव में पांच स्वयं सहायता समूह महिलाएं चला रही हैं। अध्यक्षता राजेश सिंह एवं कुम कुम राजा जोन प्रभारी ने की। बैठक में जितेंद्र सिंह बुंदेला (एफ ओ), राजेश सिंह अदि लोग उपस्थित रहे।
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