फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   लोकसभा चुनाव की जीत से भाजपा गदगद, विपक्षी दल हार की समीक्षा में जुटे

लोकसभा चुनाव की जीत से भाजपा गदगद, विपक्षी दल हार की समीक्षा में जुटे

Fri, 24 May 2019 11:31 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 24 May 2019 11:31 PM IST
विज्ञापन
लोकसभा चुनाव की जीत से भाजपा गदगद, विपक्षी दल हार की समीक्षा में जुटे
जीत से भाजपा गदगद, विपक्षी दल हार की समीक्षा में जुटे
विज्ञापन

ललितपुर। लोकसभा चुनाव में मिली सफलता से भाजपा के नेता खुश हैं। वहीं, विपक्षी दल हार की समीक्षा कर रहे हैं। सबसे ज्यादा झटका सपा- बसपा गठबंधन को लगा है। उन्हें यह समझ नहीं आ रहा है कि चुनाव पक्ष में होने के बाद भी जीत काफी दूर चली गई। अब सपा, बसपा के पदाधिकारी एक दूसरे की कमियां देख रहे हैं जिससे हार की ठीकरा फोड़ा जा सके।
इस चुनाव में केवल भाजपा अपने लक्ष्य को भेदने में कामयाब रही है। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने तीन सौ के पार का नारा दिया था जो उन्होंने कर दिखाया है। वहीं, सपा, बसपा ने भाजपा को रोकने के लिए गठबंधन बनाया था। माना जा रहा था कि दोनों की विभिन्न जातियों में मजबूत पकड़ है, जिससे वह भाजपा को बड़ा नुकसान पहुंचाएंगे लेकिन ऐसा हो नहीं सका। झांसी-ललितपुर संसदीय सीट पर भाजपा प्रत्याशी अनुराग शर्मा को बड़ी जीत मिली है। सपा, बसपा गठबंधन के प्रत्याशी श्यामसुंदर सिंह को कोई करिश्माई प्रदर्शन नहीं दिखा सके हैं। इस चुनाव में कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी शिवशरण कुशवाहा की हालत पतली नजर आई। कई बूथों पर कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा।
विज्ञापन

-----
पार्टी के सिद्धांतों की जीत
इस लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यों व पार्टी के सिद्धांतों की जीत हुई है। इस चुनाव में आई सुनामी में कोई दल टिक नहीं पाया है। झांसी-ललितपुर संसदीय सीट से भी जीत मिलने की उम्मीद थी जो सच साबित हुआ। इसमें पार्टी कार्यकर्ताओं ने एकजुटता दिखाई है जिससे लक्ष्य आसानी से पाया जा सका। जगदीश सिंह लोधी, जिलाध्यक्ष, भाजपा
विज्ञापन
विज्ञापन



जनता का फैसला सर्वमान्य
लोकसभा चुनाव में मतदाताओं ने जो फैसला दिया है, उसका वह सम्मान करती हैं। जहां तक हार की बात है तो इसकी बिंदुवार समीक्षा की जाएगी। इसके उपरांत ही हार के कारण गिनाए जा सकते हैं।
ज्योति सिंह लोधी, जिलाध्यक्ष, सपा

हार का कारण रहा बाहरी प्रत्याशी
लोकसभा चुनाव में जनता ने जो निर्णय दिया है, वह उन्हें स्वीकार्य है। बाहरी प्रत्याशी होने से स्थानीय लोगों का उनसे जुड़ाव नहीं हो सका। यदि जाना पहचाना चेहरा होता तो चुनाव पूरी ताकत से लड़ा जा सकता था। इसके अलावा संसाधनों की कमी भी आड़े आई। दुर्गा प्रसाद कुशवाहा, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस

-----
बहन जी के आदेश का हुआ पालन
बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने सपा से गठबंधन किया तो पार्टी कार्यकर्ताओं ने सपा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान किया। प्रत्याशी को जो वोट मिले हैं, उससे इसका आंकलन किया जा सकता है। चुनाव के दौरान सपा की गुटबाजी स्पष्ट नजर आई। उनके एक धड़े ने प्रत्याशी के लिए काम नहीं किया जिस वजह से गठबंधन के प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा। कैलाश नारायण कुशवाहा, जिलाध्यक्ष, बसपा
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed