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युवा पेज: बाल कवियों ने कवि सम्मेलन में बांधा समां
Updated Tue, 18 Sep 2018 01:26 AM IST
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बाल कवियों ने कवि सम्मेलन में बांधा समां
कवितायें सुन भाव-विभोर हुए दर्शक
नई बस्ती के आदिनाथ मंदिर में हुआ आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। दशलक्षण महापर्व के उपलक्ष्य में श्री स्याद्वाद वर्द्धमान सेवा संघ की ओर से बाल कवि सम्मेलन का आयोजन नई बस्ती स्थित आदिनाथ जैन मंदिर में किया गया। इस दौरान एक से बढ़कर एक कविता पाठ कर बाल कवियों ने पूरे समय कवि सम्मेलन में समा बांधे रखा। जहां हास्य कवि ने सभी को खूब हंसाया वहीं वीररस और करुणरस के कवियों ने श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया।
बाल कवियत्री भव्या जैन ने आचार्य विद्यासागर को याद करते हुए कहा कि- एक तेरा नाम मैंने होटो पे बसाया है। दिल की ये धड़कन तेरे नाम की सरगम। कवि अनेकान्त ‘आदित्य’ ने कहा-धूल जैसे कदम से मिलती है, जिंदगी रोज हमसे मिलती है। आज दुनिया में ऐसे कितने हैं, जिनकी शोहरत कलम से मिलती है। बन्दित मोदी ने लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती है। कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। असफलता एक चुनौती है, इसे स्वीकार करो, क्या कमी रह गई, देखो और सुधार करो। जब तक ना सफल हो ,नींद चैन को त्यागो तुम, संघर्ष का मैदान छोड़कर मत भागो तुम। आशी जैन ने चारों तरफ उजाला पर अंधेरी रात है। मां दीपावली पर पापा घर क्यों नहीं आये अबकी बार। बेटा बोला लड़कर देश के लिए अब काम करूंगा। विशाल जैन ने बुंदेलखंडी में हास्य कविता करके सभी को खूब लोटपोट किया। उन्होंने आज के चुनाव और राजनीति पर बुंदेली में हास्य व्यंग्य प्रस्तुत करते हुए कहा कि- प्रजातंत्र में एक काम तो सब कोउ कर सकत, ठलुआ कय घूम रय, चुनाव तो लड़ सकत। चपरासी बनबै तो दस पास चाने, चुनाव लड़वे तो अगूंठा छाप भी चल सकत। प्रधानमंत्री पर चुटकी लेते हुए उन्होंने कहा कि -मोदी तो बापू के पाछे पर गव। हर्ष जैन ने शाकाहार पर कहा-बुद्ध, महावीर शाकाहारी थे। मन मंदिर में रमने वाला राम शाकाहारी थे। मुरली से सबको अपने बस में करने वाले मुरलीधर शाकाहारी थे। आयोजन के पूर्व सभी बालकवि और बालकवियत्रियों का आदिनाथ मंदिर के प्रबंधक शुभेन्दू जैन, जितेंद्र जैन, सतेंद्र जैन, डॉ. सुनील संचय, आलोक मोदी, सचिन जैन ने तिलक और माला पहनाकर सम्मान किया। इस अवसर पर राजकुमार कैप्टन, मनीष जैन, राजेश जैन, संजय सिंघई, अर्पित जैन, आयुष, अनुज जैन, सुमत जैन, अंकित खिरिया, वैभव जैन, अनिकेत जैन मौजूद रहे।
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कवितायें सुन भाव-विभोर हुए दर्शक
नई बस्ती के आदिनाथ मंदिर में हुआ आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। दशलक्षण महापर्व के उपलक्ष्य में श्री स्याद्वाद वर्द्धमान सेवा संघ की ओर से बाल कवि सम्मेलन का आयोजन नई बस्ती स्थित आदिनाथ जैन मंदिर में किया गया। इस दौरान एक से बढ़कर एक कविता पाठ कर बाल कवियों ने पूरे समय कवि सम्मेलन में समा बांधे रखा। जहां हास्य कवि ने सभी को खूब हंसाया वहीं वीररस और करुणरस के कवियों ने श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया।
बाल कवियत्री भव्या जैन ने आचार्य विद्यासागर को याद करते हुए कहा कि- एक तेरा नाम मैंने होटो पे बसाया है। दिल की ये धड़कन तेरे नाम की सरगम। कवि अनेकान्त ‘आदित्य’ ने कहा-धूल जैसे कदम से मिलती है, जिंदगी रोज हमसे मिलती है। आज दुनिया में ऐसे कितने हैं, जिनकी शोहरत कलम से मिलती है। बन्दित मोदी ने लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती है। कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। असफलता एक चुनौती है, इसे स्वीकार करो, क्या कमी रह गई, देखो और सुधार करो। जब तक ना सफल हो ,नींद चैन को त्यागो तुम, संघर्ष का मैदान छोड़कर मत भागो तुम। आशी जैन ने चारों तरफ उजाला पर अंधेरी रात है। मां दीपावली पर पापा घर क्यों नहीं आये अबकी बार। बेटा बोला लड़कर देश के लिए अब काम करूंगा। विशाल जैन ने बुंदेलखंडी में हास्य कविता करके सभी को खूब लोटपोट किया। उन्होंने आज के चुनाव और राजनीति पर बुंदेली में हास्य व्यंग्य प्रस्तुत करते हुए कहा कि- प्रजातंत्र में एक काम तो सब कोउ कर सकत, ठलुआ कय घूम रय, चुनाव तो लड़ सकत। चपरासी बनबै तो दस पास चाने, चुनाव लड़वे तो अगूंठा छाप भी चल सकत। प्रधानमंत्री पर चुटकी लेते हुए उन्होंने कहा कि -मोदी तो बापू के पाछे पर गव। हर्ष जैन ने शाकाहार पर कहा-बुद्ध, महावीर शाकाहारी थे। मन मंदिर में रमने वाला राम शाकाहारी थे। मुरली से सबको अपने बस में करने वाले मुरलीधर शाकाहारी थे। आयोजन के पूर्व सभी बालकवि और बालकवियत्रियों का आदिनाथ मंदिर के प्रबंधक शुभेन्दू जैन, जितेंद्र जैन, सतेंद्र जैन, डॉ. सुनील संचय, आलोक मोदी, सचिन जैन ने तिलक और माला पहनाकर सम्मान किया। इस अवसर पर राजकुमार कैप्टन, मनीष जैन, राजेश जैन, संजय सिंघई, अर्पित जैन, आयुष, अनुज जैन, सुमत जैन, अंकित खिरिया, वैभव जैन, अनिकेत जैन मौजूद रहे।
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