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खाली प्लाटों में भरा नाली का पानी मार रहा दुर्गंध
Updated Thu, 08 Feb 2018 01:52 AM IST
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खाली प्लाटों में भरा नाली का पानी, मार रहा दुर्गंध
ललितपुर। वार्ड आजादपुरा द्वितीय में ड्रेनेज सिस्टम फेल होने से नाली का गंदा पानी खाली प्लाटों में भर गया है। गोविंद सागर बांध की नहर कचराघर में तब्दील हो गई है। इसके अलावा कई मार्ग या तो कच्चे हैं या फिर पुनर्निर्माण की स्थिति में आ गए हैं।
शहर के पास इलाके में गिने जाने वाले आजादपुरा में अनगिनत समस्याए हैं। सबसे बड़ी समस्या फेल ड्रेनेज सिस्टम की है। शादीघर के आसपास ही कई खाली प्लाटों में नाली का गंदा पानी एकत्रित हो रहा है। रमेश तिवारी दैलवारा वालों के मकान के सामने खाली प्लाट में नाली का एकत्रित पानी सड़ांध मार रहा है। इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए स्थानीय लोगों ने काफी पत्राचार किया, लेकिन अंत में उन्हें थक हारकर घर बैठना पड़ा। आज भी समस्या जस की तस बनी हुई है। डस्टबिन के अभाव में लोगों ने बांध से निकली नहर को कचरा घर बना लिया है। नहर किनारे रहने वाले अधिकांश परिवार इसी में ही कचरा फेंक देते हैं। स्टेट बैंक का पहुंच मार्ग गड्ढों में तब्दील हो गया है। मुहल्ले की मुख्य सड़क पर ही छोटे-छोटे गड्ढे नजर आने लगे हैं। प्राइमरी स्कूल से थोड़ा आगे चलने पर नहर मार्ग पर पैदल चलना मुश्किल है। आगे मस्जिद तक यही हाल है। सामुदायिक शौचालय में महीनों काम चलाया जा रहा है। इससे गरीब तबके के परिवारों में प्रसाधन की समस्या बनी हुई है। शादीघरों द्वारा पार्किंग उपलब्ध नहीं कराने से यातायात व्यवस्था भी बाधित हो रही है। पार्श्वनाथ कालोनी के गेट पर ही सरिया जहां-तहां हवा में हैं जो हादसे को न्यौता दे रहे हैं। इस पर जिम्मेदार मौन बने हैं।
नहीं होती नालियों की सफाई
मकान के बगल एवं पीछे की नाली सफाई नहीं हो रही है। इससे दोनों ही नालियां गंदगी से पटी पड़ी हैं। स्टेट बैंक के पास से निकले मार्ग के पेवर ब्रिक्स जमीन में घुल गए हैं। जो कचरा एकत्रित करने के लिए कंटेनर रखा हुआ है, उसमें गोबर डाल दिया जाता है। इस कारण कंटेनर से दुर्गंध उठती है।
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राकेश नामदेव
सामुदायिक शौचालय में पड़ा है ताला
सामुदायिक शौचालय में करीब एक साल से निर्माण कार्य चल रहा है। इस वजह से उसे जनता के लिए नहीं खोला जा रहा है। जब निर्माण चलता है तब उसके ताले खुल जाते हैं, वरना हमेशा ही शौचालय में ताले पड़े रहते हैं।
शांति
शादी घर बढ़ा रहे परेशानी
मुहल्ला आजादपुरा में कई शादीघर संचालित हो रहे हैं, लेकिन शायद ही किसी ने वाहन पार्किंग दी हो। ऐसे में शादी घर के सामने वाहन पार्क होते हैं और जब कभी यहां समारोह होता है तब सड़क पर वाहनों का मेला सा लग जाता है। इससे जाम जैसे हालात बन जाते हैं। कई बार तो घंटों तक रास्ता साफ हो पाता है। इस पर जिम्मेदारों को ध्यान देने की जरूरत है, ताकि मुहल्लेवासियों को यातायात संबंधी समस्या से राहत मिल सके।
अतुल श्रीवास्तव
भिजवाए जाएंगे नोटिस
जिन भूस्वामियों के खाली प्लाट पड़े हैं, उन्हें नगर पालिका के माध्यम से नोटिस भिजवाए जाएंगे। छोटी नहर को कवर्ड प्राथमिकता में है। जहां सड़क खराब हो गई हैं, उनके प्रस्ताव नगर पालिका में पहले ही दे दिए गए हैैं।
जगभान कुशवाहा
सभासद, वार्ड नंबर 19 आजादपुरा द्वितीय
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ललितपुर। वार्ड आजादपुरा द्वितीय में ड्रेनेज सिस्टम फेल होने से नाली का गंदा पानी खाली प्लाटों में भर गया है। गोविंद सागर बांध की नहर कचराघर में तब्दील हो गई है। इसके अलावा कई मार्ग या तो कच्चे हैं या फिर पुनर्निर्माण की स्थिति में आ गए हैं।
शहर के पास इलाके में गिने जाने वाले आजादपुरा में अनगिनत समस्याए हैं। सबसे बड़ी समस्या फेल ड्रेनेज सिस्टम की है। शादीघर के आसपास ही कई खाली प्लाटों में नाली का गंदा पानी एकत्रित हो रहा है। रमेश तिवारी दैलवारा वालों के मकान के सामने खाली प्लाट में नाली का एकत्रित पानी सड़ांध मार रहा है। इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए स्थानीय लोगों ने काफी पत्राचार किया, लेकिन अंत में उन्हें थक हारकर घर बैठना पड़ा। आज भी समस्या जस की तस बनी हुई है। डस्टबिन के अभाव में लोगों ने बांध से निकली नहर को कचरा घर बना लिया है। नहर किनारे रहने वाले अधिकांश परिवार इसी में ही कचरा फेंक देते हैं। स्टेट बैंक का पहुंच मार्ग गड्ढों में तब्दील हो गया है। मुहल्ले की मुख्य सड़क पर ही छोटे-छोटे गड्ढे नजर आने लगे हैं। प्राइमरी स्कूल से थोड़ा आगे चलने पर नहर मार्ग पर पैदल चलना मुश्किल है। आगे मस्जिद तक यही हाल है। सामुदायिक शौचालय में महीनों काम चलाया जा रहा है। इससे गरीब तबके के परिवारों में प्रसाधन की समस्या बनी हुई है। शादीघरों द्वारा पार्किंग उपलब्ध नहीं कराने से यातायात व्यवस्था भी बाधित हो रही है। पार्श्वनाथ कालोनी के गेट पर ही सरिया जहां-तहां हवा में हैं जो हादसे को न्यौता दे रहे हैं। इस पर जिम्मेदार मौन बने हैं।
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नहीं होती नालियों की सफाई
मकान के बगल एवं पीछे की नाली सफाई नहीं हो रही है। इससे दोनों ही नालियां गंदगी से पटी पड़ी हैं। स्टेट बैंक के पास से निकले मार्ग के पेवर ब्रिक्स जमीन में घुल गए हैं। जो कचरा एकत्रित करने के लिए कंटेनर रखा हुआ है, उसमें गोबर डाल दिया जाता है। इस कारण कंटेनर से दुर्गंध उठती है।
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राकेश नामदेव
सामुदायिक शौचालय में पड़ा है ताला
सामुदायिक शौचालय में करीब एक साल से निर्माण कार्य चल रहा है। इस वजह से उसे जनता के लिए नहीं खोला जा रहा है। जब निर्माण चलता है तब उसके ताले खुल जाते हैं, वरना हमेशा ही शौचालय में ताले पड़े रहते हैं।
शांति
शादी घर बढ़ा रहे परेशानी
मुहल्ला आजादपुरा में कई शादीघर संचालित हो रहे हैं, लेकिन शायद ही किसी ने वाहन पार्किंग दी हो। ऐसे में शादी घर के सामने वाहन पार्क होते हैं और जब कभी यहां समारोह होता है तब सड़क पर वाहनों का मेला सा लग जाता है। इससे जाम जैसे हालात बन जाते हैं। कई बार तो घंटों तक रास्ता साफ हो पाता है। इस पर जिम्मेदारों को ध्यान देने की जरूरत है, ताकि मुहल्लेवासियों को यातायात संबंधी समस्या से राहत मिल सके।
अतुल श्रीवास्तव
भिजवाए जाएंगे नोटिस
जिन भूस्वामियों के खाली प्लाट पड़े हैं, उन्हें नगर पालिका के माध्यम से नोटिस भिजवाए जाएंगे। छोटी नहर को कवर्ड प्राथमिकता में है। जहां सड़क खराब हो गई हैं, उनके प्रस्ताव नगर पालिका में पहले ही दे दिए गए हैैं।
जगभान कुशवाहा
सभासद, वार्ड नंबर 19 आजादपुरा द्वितीय