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25 विद्यालयों को आदर्श विद्यालय बनकार करेगें पेश
Updated Fri, 13 Oct 2017 01:35 AM IST
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25 संस्थान को आदर्श विद्यालय बनाकर करेंगे पेश
ललितपुर।
जिला बेसिक शिक्षा विभाग ने जनपद के 25 परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों को आदर्श विद्यालय के तौर पर पेश करने के लिए चिह्नित किया है। विभाग इन सरकारी विद्यालयों में भौतिक व शैक्षिक वातावरण को बेहतर बनाएगा। इसके लिए 25 दिसंबर तक की तारीख तय की गई है। इस कार्यक्रम को धरातल पर लाने के लिए चिह्नित किए उक्त विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के साथ बीएसए व संबंधित अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए गए।
परिषदीय विद्यालयों में फैल रही अव्यवस्थाओं को दूर करने और विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता को सुधारने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा एक पहल शुरू की गई है। इस पहल में समस्त जनपदों के जिला बेसिक शिक्षा विभाग अपने 25-25 विद्यालयों को गोद लेगा और इन विद्यालयों के भौतिक व शैक्षिक वातावरण को बेहतर बनाकर उन्हें आदर्श विद्यालय के रूप में प्रस्तुत करेगा। मंडलायुक्त इसकी समीक्षा करेंगे। इसके लिए जनपद के समस्त छह विकास खंडों से प्राथमिक व उच्च प्राथमिक मिलाकर कुल 25 विद्यालयों का चयन कर लिया गया है। बृहस्पतिवार को जिला मुख्यालय पर स्थित नगर संसाधन केंद्र के सभागार में इन विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के साथ जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अंबरीष कुमार की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। इस दौरान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अंबरीष कुमार ने बताया कि चिह्नित किए इन विद्यालयों को आदर्श विद्यालयों के तौर पर प्रस्तुत करने के लिए हमारे पास 25 दिसंबर 2017 तक का समय है। इसके बाद अन्य 25 विद्यालयों को आदर्श विद्यालय बनाने के लिए चिह्नित कर आगामी मार्ग 2018 के अंत तक आदर्श विद्यालय के तौर प्रस्तुत किया जाना है। कार्यक्रम का सफल बनाने के लिए क्या-क्या कार्य किए जा सकते हैं, इसके लिए इस बैठक में उपस्थित प्रधानाध्यापकों से सुझाव लिए गए। इसके साथ बीएसए ने समस्त प्रधानाध्यापकों को कड़ी मेहनत व लगनता के साथ इस कार्यक्रम को लक्ष्य तक पहुंचने की अपील की गई है और महत्वपूर्ण दिशा निर्देश दिए गए हैं।
इन विद्यालयों को बनाया जाना है आदर्श
जनपद के चुने गए कुल 25 परिषदीय विद्यालयों में विकासखंड बार क्षेत्र के ग्राम करमई का उच्च प्राथमिक विद्यालय और ग्राम बार, गढिया, बानपुर व खजरा के प्राथमिक विद्यालय को चिह्नित किया गया है। विकासखंड बिरधा के ग्राम टीला व खितवांस प्राथमिक विद्यालय और ग्राम सतरवांस व खितवांस का उच्च प्राथमिक विद्यालय चिह्नित किया गया है। विकासखंड जखौरा के ग्राम बैरवारा, मसौराकलां देहरेबाबा व अंधेर का प्राथमिक विद्यालय और ग्राम नदनवारा व पनारी के उच्च प्राथमिक विद्यालय चुने गए हैं। विकासखंड मड़ावरा के ग्राम पिसनारी व धौरीसागर के प्राथमिक विद्यालय और ग्राम दिदौनियां का उच्च प्राथमिक विद्यालय, विकासखंड तालबेहट के ग्राम एवनी व तरगुंवा के प्राथमिक विद्यालय और ग्राम तेरई व पूराबिरधा के उच्च प्राथमिक विद्यालय को चिह्नित किया गया है। इसके साथ ही विकासखंड महरौनी क्षेत्र ग्राम पठा व सिंदवाहा का उच्च प्राथमिक और ग्राम छपरट व पड़वा का प्राथमिक विद्यालय चिह्नित किया गया है।
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यह रहेंगे सुधार और बदलाव के मुख्य बिंदू
इन समस्त 25 विद्यालयों को आदर्श विद्यालय के रूप से प्रस्तुत करने के लिए विद्यालय स्टाफ और विभाग के अधिकारियों को मुख्य रूप से विद्यालय के भौतिक और शैक्षिक परिवेश पर ध्यान देना है। इनमें कुछ बिंदू रहेंगे कि विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति को बढ़ाया जाए, इसके लिए विद्यालय प्रबंध समिति और अभिभावक संघ की नियमित बैठक हो। बच्चों की उपस्थिति रजिस्टर पर अभिभावकों को मोबाइल नंबर भी अंकित हो। इसके अलावा बच्चों का शैक्षिक स्तर बढ़ाने के लिए विद्यालयों में टीचिंग लर्निंग मेटेरियल का अधिक से अधिक उपयोग किया जाए। इस दौरान गणित, अंग्रेजी और विज्ञान विषय पर विशेष जोर देते हुए सामान्य ज्ञान व लेखन-पाठन प्रतियोगिताएं आयोजित की जाए। इसके अलावा इन विद्यालयों में पढ़ने वाले लगभग चार हजार बच्चों को एक आदर्श व इंग्लिश मीडियम के विद्यालयों की यूनिफार्म की भांति बच्चों को बेल्ट, टाई और पहचान पत्र भी दिए जाएंगे।
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ललितपुर।
जिला बेसिक शिक्षा विभाग ने जनपद के 25 परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों को आदर्श विद्यालय के तौर पर पेश करने के लिए चिह्नित किया है। विभाग इन सरकारी विद्यालयों में भौतिक व शैक्षिक वातावरण को बेहतर बनाएगा। इसके लिए 25 दिसंबर तक की तारीख तय की गई है। इस कार्यक्रम को धरातल पर लाने के लिए चिह्नित किए उक्त विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के साथ बीएसए व संबंधित अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए गए।
परिषदीय विद्यालयों में फैल रही अव्यवस्थाओं को दूर करने और विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता को सुधारने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा एक पहल शुरू की गई है। इस पहल में समस्त जनपदों के जिला बेसिक शिक्षा विभाग अपने 25-25 विद्यालयों को गोद लेगा और इन विद्यालयों के भौतिक व शैक्षिक वातावरण को बेहतर बनाकर उन्हें आदर्श विद्यालय के रूप में प्रस्तुत करेगा। मंडलायुक्त इसकी समीक्षा करेंगे। इसके लिए जनपद के समस्त छह विकास खंडों से प्राथमिक व उच्च प्राथमिक मिलाकर कुल 25 विद्यालयों का चयन कर लिया गया है। बृहस्पतिवार को जिला मुख्यालय पर स्थित नगर संसाधन केंद्र के सभागार में इन विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के साथ जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अंबरीष कुमार की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। इस दौरान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अंबरीष कुमार ने बताया कि चिह्नित किए इन विद्यालयों को आदर्श विद्यालयों के तौर पर प्रस्तुत करने के लिए हमारे पास 25 दिसंबर 2017 तक का समय है। इसके बाद अन्य 25 विद्यालयों को आदर्श विद्यालय बनाने के लिए चिह्नित कर आगामी मार्ग 2018 के अंत तक आदर्श विद्यालय के तौर प्रस्तुत किया जाना है। कार्यक्रम का सफल बनाने के लिए क्या-क्या कार्य किए जा सकते हैं, इसके लिए इस बैठक में उपस्थित प्रधानाध्यापकों से सुझाव लिए गए। इसके साथ बीएसए ने समस्त प्रधानाध्यापकों को कड़ी मेहनत व लगनता के साथ इस कार्यक्रम को लक्ष्य तक पहुंचने की अपील की गई है और महत्वपूर्ण दिशा निर्देश दिए गए हैं।
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इन विद्यालयों को बनाया जाना है आदर्श
जनपद के चुने गए कुल 25 परिषदीय विद्यालयों में विकासखंड बार क्षेत्र के ग्राम करमई का उच्च प्राथमिक विद्यालय और ग्राम बार, गढिया, बानपुर व खजरा के प्राथमिक विद्यालय को चिह्नित किया गया है। विकासखंड बिरधा के ग्राम टीला व खितवांस प्राथमिक विद्यालय और ग्राम सतरवांस व खितवांस का उच्च प्राथमिक विद्यालय चिह्नित किया गया है। विकासखंड जखौरा के ग्राम बैरवारा, मसौराकलां देहरेबाबा व अंधेर का प्राथमिक विद्यालय और ग्राम नदनवारा व पनारी के उच्च प्राथमिक विद्यालय चुने गए हैं। विकासखंड मड़ावरा के ग्राम पिसनारी व धौरीसागर के प्राथमिक विद्यालय और ग्राम दिदौनियां का उच्च प्राथमिक विद्यालय, विकासखंड तालबेहट के ग्राम एवनी व तरगुंवा के प्राथमिक विद्यालय और ग्राम तेरई व पूराबिरधा के उच्च प्राथमिक विद्यालय को चिह्नित किया गया है। इसके साथ ही विकासखंड महरौनी क्षेत्र ग्राम पठा व सिंदवाहा का उच्च प्राथमिक और ग्राम छपरट व पड़वा का प्राथमिक विद्यालय चिह्नित किया गया है।
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यह रहेंगे सुधार और बदलाव के मुख्य बिंदू
इन समस्त 25 विद्यालयों को आदर्श विद्यालय के रूप से प्रस्तुत करने के लिए विद्यालय स्टाफ और विभाग के अधिकारियों को मुख्य रूप से विद्यालय के भौतिक और शैक्षिक परिवेश पर ध्यान देना है। इनमें कुछ बिंदू रहेंगे कि विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति को बढ़ाया जाए, इसके लिए विद्यालय प्रबंध समिति और अभिभावक संघ की नियमित बैठक हो। बच्चों की उपस्थिति रजिस्टर पर अभिभावकों को मोबाइल नंबर भी अंकित हो। इसके अलावा बच्चों का शैक्षिक स्तर बढ़ाने के लिए विद्यालयों में टीचिंग लर्निंग मेटेरियल का अधिक से अधिक उपयोग किया जाए। इस दौरान गणित, अंग्रेजी और विज्ञान विषय पर विशेष जोर देते हुए सामान्य ज्ञान व लेखन-पाठन प्रतियोगिताएं आयोजित की जाए। इसके अलावा इन विद्यालयों में पढ़ने वाले लगभग चार हजार बच्चों को एक आदर्श व इंग्लिश मीडियम के विद्यालयों की यूनिफार्म की भांति बच्चों को बेल्ट, टाई और पहचान पत्र भी दिए जाएंगे।