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परीक्षणशाला में खराब मीटरों की होगी वीडियोग्राफी
Updated Tue, 05 Sep 2017 03:27 AM IST
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परीक्षण शाला में खराब मीटरों की होगी वीडियोग्राफी
ललितपुर। घरों व प्रतिष्ठानों के खराब विद्युत मीटरों का पारदर्शिता पूर्ण परीक्षण कराए जाने के लिए अब वीडियोग्राफी की जाएगी। इन मीटरों का परीक्षण अब विद्युत वितरण अधिकारियों के सामने सप्ताह में दो दिन किया जाएगा, ताकि मीटरों के खराब होने की रिपोर्ट किसी गलत उद्देश्य के चलते न लगाई जा सके।
विद्युत विभाग में उपभोक्ताओं के खराब मीटर बदलने का कार्य मीटर विभाग यानि टेस्ट मीटर द्वारा किया जाता है। इसके लिए मीटर विभाग व विद्युत वितरण अधिकारियों के अंतर्गत कई टीमों को खराब मीटर बदलने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। विद्युत मीटर बदलने के बाद उस उपभोक्ता के घर विभाग द्वारा दूसरे मीटर स्थापित कर दिया जाता है और खराब मीटर को मीटर विभाग में जमा किया जाता है। जमा किए गए खराब मीटरों का मीटर विभाग की लैब में खोलकर टेस्ट अवर अभियंताओं द्वारा जांच कर परीक्षण किया जाता है और परीक्षण में मीटरों की खराबी का कारण और मीटरों से छेड़छाड़ आदि की रिपोर्ट परीक्षण के आधार पर तैयार की जाती है। यदि मीटरों में परीक्षण के दौरान सब ठीक-ठाक निकलता है, तो मीटर विभाग के उपखंड अधिकारी, अवर अभियंताओं द्वारा उक्त मीटर की क्लोजिंग रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेज दी जाती है। लेकिन यदि विद्युत मीटर में कोई चिप या अन्य प्रकार से रीडिंग में छेड़छाड़ होने की स्थिति में उक्त उपभोक्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने या फिर शमन शुल्क वसूला जाता है। लेकिन आए दिन मीटर विभाग में कई मामलों में मीटर विभाग के अधिकारियों द्वारा ही मीटरों के परीक्षण की रिपोर्ट तैयार करने में कई बार पारदर्शिता पर सवाल भी खड़े होते हैं और उपभोक्ता मीटर विभाग की रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं होता और कई बार मामला संदिग्ध होने के बाद भी रिपोर्ट की विश्वस्नीयता सवालों के घेरे में रहती है और विभाग के कर्मचारियों पर आरोप लगते रहते हैं। ऐसे में ललितपुर सर्किल कार्यालय के अधीक्षण अभियंता परशुराम सिंह ने खराब मीटरों केे परीक्षण के लिए अब नई व्यवस्था लागू की है, जिसके तहत अब अकेले मीटर विभाग के अधिकारी ही ऐसे खराब मीटरों का परीक्षण नहीं कर सकेंगे। इसके लिए अधीक्षण अभियंता ने नई व्यवस्था के तहत खराब मीटरों के परीक्षण के लिए मीटर विभाग व विद्युत वितरण अधिकारियों की चार सदस्यीय टीम गठित की है, जिसमें टीम के अध्यक्ष विद्युत परीक्षणशाला के सहायक अभियंता सौरभ निगम, वितरण खंड के उपखंड अधिकारी प्रथम अखिलेश कुमार वर्मा, अवर अभियंता मोहित सोनी व अवर अभियंता मीटर नेहा पांडेय को शामिल किया गया है। यह टीम खराब मीटर बदले जाने के उपरांत प्रत्येक सप्ताह के बुधवार व शुक्रवार को विद्युत परीक्षण शाला में परीक्षण करेगी और इस दौरान उक्त मीटरों की वीडियोग्राफी भी करेगी। ताकि कोई मीटर संदिग्ध होने की स्थिति में उच्चाधिकारी उक्त मीटर की सच्चाई से वाकिफ हो सकें।
सप्ताह में दो दिन होगा मीटरों का परीक्षण
विद्युत परीक्षण शाला में भी खराब मीटरों के परीक्षण में पारदर्शिता लाने के लिए अधीक्षण अभियंता के निर्देश पर वितरण और मीटर विभाग के अधिकारियों की चार सदस्यीय टीम बनाई गई है, जो सप्ताह में दो दिन मीटरों का परीक्षण करेगी और इस दौरान मीटरों की वीडियोग्राफी भी करेगी।
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अखिलेश कुमार वर्मा, उपखंड अधिकारी प्रथम, विद्युत।
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ललितपुर। घरों व प्रतिष्ठानों के खराब विद्युत मीटरों का पारदर्शिता पूर्ण परीक्षण कराए जाने के लिए अब वीडियोग्राफी की जाएगी। इन मीटरों का परीक्षण अब विद्युत वितरण अधिकारियों के सामने सप्ताह में दो दिन किया जाएगा, ताकि मीटरों के खराब होने की रिपोर्ट किसी गलत उद्देश्य के चलते न लगाई जा सके।
विद्युत विभाग में उपभोक्ताओं के खराब मीटर बदलने का कार्य मीटर विभाग यानि टेस्ट मीटर द्वारा किया जाता है। इसके लिए मीटर विभाग व विद्युत वितरण अधिकारियों के अंतर्गत कई टीमों को खराब मीटर बदलने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। विद्युत मीटर बदलने के बाद उस उपभोक्ता के घर विभाग द्वारा दूसरे मीटर स्थापित कर दिया जाता है और खराब मीटर को मीटर विभाग में जमा किया जाता है। जमा किए गए खराब मीटरों का मीटर विभाग की लैब में खोलकर टेस्ट अवर अभियंताओं द्वारा जांच कर परीक्षण किया जाता है और परीक्षण में मीटरों की खराबी का कारण और मीटरों से छेड़छाड़ आदि की रिपोर्ट परीक्षण के आधार पर तैयार की जाती है। यदि मीटरों में परीक्षण के दौरान सब ठीक-ठाक निकलता है, तो मीटर विभाग के उपखंड अधिकारी, अवर अभियंताओं द्वारा उक्त मीटर की क्लोजिंग रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेज दी जाती है। लेकिन यदि विद्युत मीटर में कोई चिप या अन्य प्रकार से रीडिंग में छेड़छाड़ होने की स्थिति में उक्त उपभोक्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने या फिर शमन शुल्क वसूला जाता है। लेकिन आए दिन मीटर विभाग में कई मामलों में मीटर विभाग के अधिकारियों द्वारा ही मीटरों के परीक्षण की रिपोर्ट तैयार करने में कई बार पारदर्शिता पर सवाल भी खड़े होते हैं और उपभोक्ता मीटर विभाग की रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं होता और कई बार मामला संदिग्ध होने के बाद भी रिपोर्ट की विश्वस्नीयता सवालों के घेरे में रहती है और विभाग के कर्मचारियों पर आरोप लगते रहते हैं। ऐसे में ललितपुर सर्किल कार्यालय के अधीक्षण अभियंता परशुराम सिंह ने खराब मीटरों केे परीक्षण के लिए अब नई व्यवस्था लागू की है, जिसके तहत अब अकेले मीटर विभाग के अधिकारी ही ऐसे खराब मीटरों का परीक्षण नहीं कर सकेंगे। इसके लिए अधीक्षण अभियंता ने नई व्यवस्था के तहत खराब मीटरों के परीक्षण के लिए मीटर विभाग व विद्युत वितरण अधिकारियों की चार सदस्यीय टीम गठित की है, जिसमें टीम के अध्यक्ष विद्युत परीक्षणशाला के सहायक अभियंता सौरभ निगम, वितरण खंड के उपखंड अधिकारी प्रथम अखिलेश कुमार वर्मा, अवर अभियंता मोहित सोनी व अवर अभियंता मीटर नेहा पांडेय को शामिल किया गया है। यह टीम खराब मीटर बदले जाने के उपरांत प्रत्येक सप्ताह के बुधवार व शुक्रवार को विद्युत परीक्षण शाला में परीक्षण करेगी और इस दौरान उक्त मीटरों की वीडियोग्राफी भी करेगी। ताकि कोई मीटर संदिग्ध होने की स्थिति में उच्चाधिकारी उक्त मीटर की सच्चाई से वाकिफ हो सकें।
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सप्ताह में दो दिन होगा मीटरों का परीक्षण
विद्युत परीक्षण शाला में भी खराब मीटरों के परीक्षण में पारदर्शिता लाने के लिए अधीक्षण अभियंता के निर्देश पर वितरण और मीटर विभाग के अधिकारियों की चार सदस्यीय टीम बनाई गई है, जो सप्ताह में दो दिन मीटरों का परीक्षण करेगी और इस दौरान मीटरों की वीडियोग्राफी भी करेगी।
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अखिलेश कुमार वर्मा, उपखंड अधिकारी प्रथम, विद्युत।