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जलविहार को सुम्मेरा तालाब पहुंचे भगवान बांके बिहारी

Sun, 03 Sep 2017 01:16 AM IST
Updated Sun, 03 Sep 2017 01:16 AM IST
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जलविहार को सुम्मेरा तालाब पहुंचे भगवान बांके बिहारी
मंदिरों से निकले भगवान, तालाब में गंगाजल से किया जलविहार
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ललितपुर।
बुंदेलखंड में मऊरानीपुर के बाद सबसे बड़ा त्योहार जलविहार पर्व जनपद में अगाध श्रद्धा व भक्ति के साथ मनाया जाता है। शनिवार को शहर के विभिन्न मंदिरों से बाहर निकलकर भगवान बांकेबिहारी विमानों में विराजमान होकर गाजे-बाजे के साथ डोलते हुए सुम्मेरा तालाब पहुंचे, जहां तालाब के घाटों पर भगवान ने गंगाजल से जलविहार किया, इसके बाद यहां एकत्रित आधा सैकड़ा से अधिक विमानों में विराजमान बांके बिहारी की तालाब पर बने बारह बुर्जों पर भव्य संगीमयी आरती का आयोजन किया गया। शोभायात्रा मार्ग पर भगवान के विमानों की पांच स्थानों श्री जगदीश मंदिर, सुम्मेरा तालाब, श्रीनृसिंह रामलीला मैदान, श्रीगणेश पांडाल और थानेश्वर मंदिर पर महाआरती का आयोजन हुआ।
श्रीनृसिंह रामलीला समिति के तत्वावधान में शनिवार को जल विहार पर्व पर प्राचीन परंपराओं के अनुसार विभिन्न मंदिरों के विमानों की शोभायात्रा श्रीरघुनाथ बड़ा मंदिर से शुरू हुई। भगवान बांकेबिहारी विमानों में विराजमान होकर बड़ा मंदिर चौबयाना से रावरपुरा, महावीरपुरा, घंटाघर, सावरकरचौक, तालाबपुरा होते हुए देर शाम करीब साढ़े छह बजे सुम्मेरा तालाब पहुंचे। सबसे पहले घंटाघर स्थित श्रीजगदीश मंदिर के सामने मंदिरों के एकत्रित विमानों में विराजे भगवान बांकेबिहारी की भव्य आरती का आयोजन किया गया। इसके बाद सावरकरचौक पर भगवान की महाआरती की गई। विमानों के आगे सैकड़ों भक्त भगवान के धार्मिक गीतों पर नाचते झूमते चल रहे थे। मौनिया की एक टोली भी मोरपंख लेकर समूह में नृत्य कर रहे थे। विमानों के मार्ग में विभिन्न स्थानों पर दर्जनों जगह स्टाल लगाकर भगवान की आरती और पुष्प वर्षा कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। डीजे की धुनों पर रामधुन और बांकेबिहारी के देख छटा, राधे-राधे जप तो चल आएंगे विहारी के मंगल गीतों पर श्रद्धालु झूमते हुए भगवान के विमानों के साथ तालाब पर पहुंचे। यहां मंत्रोच्चार के साथ बारह बर्जों से भगवान की भव्य महाआरती का आयोजन किया गया। विमानों में भगवान के स्वरूप का आकर्षक श्रृंगार किया गया तथा विमानों को भी सजाया गया। तालाब पर महाआरती के उपरांत भगवान के विमानओं को श्रीनृसिंह रामलीला मैदान में सजाए गए मंचों पर आसीन किया गया। जहां हजारों श्रद्धालुओं ने पहुंचकर भगवान के विमानों की परिक्रमा की। यहां आरती होने के पश्चात विमान रात करीब आठ बजे कटरा बाजार में स्थापित भगवान श्रीगणेशजी की झांकी पर पहुंचे। जहां विमानों को बनाए गए मंचों पर विराजमान किया गया। यहां भगवान श्रीगणेश प्रतिमा के सामने इस आकर्षक भव्य नजारे के दर्शनार्थ हजारों श्रद्धालु उमड़ पड़े। यहां भव्य आरती के बाद विमान घंटाघर स्थित थानेश्वर मंदिर के सामने पहुंचे, जहां आरती के पश्चात भगवानों के विमान शंख झालर के साथ अपने भक्तों के घर-घर पहुंचे। घर पर आने के इंतजार में भक्तों ने घरों के दरवाजे पर पहुंचने पर दीपक जलाकर स्वागत किया और विधि विधान के साथ आरती उतारकर पूजन अर्चन किया और विमानों की परिक्रमा कर आशीर्वाद लिया। इस मौके पर समिति अध्यक्ष बृजेश चतुर्वेदी, उपाध्यक्ष राजेश दुबे, कोषाध्यक्ष अमित तिवारी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्यामाकांत चौबे, उपप्रबंधक हरविंदर सिंह सलूजा, भरत रिछारिया, मंत्री रत्नेश तिवारी, सांस्कृतिक मंत्री हरिमोहन चौरसिया, राजीव हुंडैत, रमेश रावत, जगदीश पाठक, शिवकुमार शर्मा, अवधेश कौशिक, धर्मेंद्र चौबे, राजेंद्र ताम्रकार, डा.दीपक चौबे आदि उपस्थित रहे। वहीं पुलिस एवं जिला प्रशासन द्वारा व्यवस्थाओं व सुरक्षा के चाकचौबंद प्रबंध किए गए थे।
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शोभायात्रा में शामिल हुए इन मंदिरों के विमान
ललितपुर। भगवान के विमानों की शोभायात्रा में श्रीरघुनाथ जी मंदिर, बलखंडी मंदिर, पंचमुखी हनुमान मंदिर, कंचनघाट मंदिर, गोविंद मंदिर खिरकापुरा, विजय राघव मंदिर, बाबाघाट मंदिर, मुरलीधर मंदिर, शिव मंदिर, लक्ष्मी नारायण मंदिर, जुगल किशोर मंदिर, बिहारीजू मंदिर क्षत्रिय समाज, रघुनाथजी मंदिर बजरिया, मंशा देवी मंदिर, मदन मोहन मंदिर, थानेश्वर मंदिर, रामलला मंदिर, संकट मोचन मंदिर, हनुमान गढ़ी मंदिर, बिहारी जी मंदिर, काली मंदिर, कुशकुटी मंदिर, सेतुबंध मंदिर, रामराजा मंदिर, जगदीश मंदिर, परमहंस मंदिर, धनुषधारी मंदिर, मार्कंडेय मंदिर, नृसिंह मंदिर, तख्तधार मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, छोटी देवी मंदिर, बाल रूप हनुमान मंदिर, हवलदार मंदिर, सर्वेश्वरधाम मंदिर, गणेश मंदिर, श्री तुवन सरकार मंदिर, रिसाला मंदिर, रामजानकी मंदिर, राधा कृष्ण मंदिर, चंडी माता मंदिर, सिंह वाहिनी माता मंदिर, राधा कृष्ण मंदिर, रामजानकी मंदिर, हनुमानधारा मंदिर, जुगपुरा देवी मंदिर, सिद्धन मंदिर, पीतांबरा मंदिर, शिव मंदिर और सिवनी मंदिर समेत अन्य कई मंदिरों के विमान शोभायात्रा में जलविहार के लिए एक साथ शामिल हुए।
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पुुष्प वर्षा कर विमानों की आरती की
विभिन्न संगठनों ने जलविहार पर्व पर निकली विमानों की शोभायात्रा पर पुष्प वर्षा कर भगवान की भव्य आरती का आयोजन किया गया। चित्रांश वेलफेयर सोसायटी की ओर से डा.प्रबल सक्सेना, विकास श्रीवास्तव, मनोज सक्सेना, अखिलेश श्रीवास्तव, मधुसूदन श्रीवास्तव आदि शामिल रहे। ब्राह्मण महामंडल की ओर से घंटाघर चौराहा पर पुष्प वर्षा व आरती के दौरान पत्रकार राजीव बबेले, विजय जैन, ललित कौशिक, प्रशांत शर्मा, रत्नेश तिवारी, बृजभान भारद्वाज, रज्जन रिछारिया, पवन शर्मा, अमिताभ रिछारिया, ओपी रिछारिया आदि उपस्थित रहे। ललितपुर सेवा ग्रुप की ओर से भी विमानों का पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया गया।
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