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संवेदनहीनता: शहर की सड़कों से नहीं हटाए जा रहे अन्ना पशु
Updated Sun, 23 Jul 2017 01:30 AM IST
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सड़कों से नहीं हटाए जा रहे अन्ना पशु
गठन के बाद भी नहीं हो रही समिति की बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
नगरीय क्षेत्र की सड़कों पर घूम रहे अन्ना पशुओं को शहर से बाहर किए जाने के प्रति अफसर गंभीर नहीं हैं। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि जिलास्तरीय समिति गठन होने के बाद से नामित अफसर इस समस्या को लेकर एक साथ नहीं बैठे हैं। सुबह होते ही सड़कों पर जानवरों का जुटना शुरू हो जाता है। नगर पालिका परिसर भी इससे अछूता नहीं है।
नगर की सड़कों पर अन्ना पशुओं के विचरण और उनके डेरा डालने की समस्या गंभीर बनी हुई है। नगर के मुख्य मार्ग से लेकर गली मुहल्लों में अन्ना पशुओं को देखा जा सकता है। विशेषकर तुवन चौराहे से लेकर नझाई गेट के सामने गाय यहां-वहां घूमती नजर आते हैं। इस मार्ग पर डिवाइडर होने और फुटपाथ के अतिक्रमण में गायब होने से यातायात की समस्या बनी रहती है। चालकों को कई बार रास्ता बदलना पड़ता है। इसी स्थिति से राहगीर भी गुजरते हैं। वहीं, सड़क पर पशु बेपरवाह होकर बैठे रहते हैं। बीते वर्ष अन्ना पशु के हमले से एक नागरिक की मौत हो गई थी। इसके बाद भी जिले अधिकारी चेत नहीं रहे हैं। 29 जुलाई 16 को तत्कालीन जिलाधिकारी ने उच्च न्यायालय की लखनऊ बैंच के आदेश के अनुपालन में जिलास्तरीय समिति का गठन किया था। इसमें अपर जिलाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक सदर, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी व अधिशासी अधिकारी नामित हैं। इस समिति की अभी तक एक बैठक नहीं हो सकी है, जबकि एक साल पूरा होने जा रहा है। जिससे अधिकारियों की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है।
कराएंगे बैठक
अवकाश से वापस आने पर गठित जिला स्तरीय समिति की बैठक कराएंगे, इसमें अन्ना पशुओं के घूमने की समस्या पर चर्चा की जाएगी।
महेश प्रसाद दीक्षित
एसडीएम सदर
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गठन के बाद भी नहीं हो रही समिति की बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
नगरीय क्षेत्र की सड़कों पर घूम रहे अन्ना पशुओं को शहर से बाहर किए जाने के प्रति अफसर गंभीर नहीं हैं। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि जिलास्तरीय समिति गठन होने के बाद से नामित अफसर इस समस्या को लेकर एक साथ नहीं बैठे हैं। सुबह होते ही सड़कों पर जानवरों का जुटना शुरू हो जाता है। नगर पालिका परिसर भी इससे अछूता नहीं है।
नगर की सड़कों पर अन्ना पशुओं के विचरण और उनके डेरा डालने की समस्या गंभीर बनी हुई है। नगर के मुख्य मार्ग से लेकर गली मुहल्लों में अन्ना पशुओं को देखा जा सकता है। विशेषकर तुवन चौराहे से लेकर नझाई गेट के सामने गाय यहां-वहां घूमती नजर आते हैं। इस मार्ग पर डिवाइडर होने और फुटपाथ के अतिक्रमण में गायब होने से यातायात की समस्या बनी रहती है। चालकों को कई बार रास्ता बदलना पड़ता है। इसी स्थिति से राहगीर भी गुजरते हैं। वहीं, सड़क पर पशु बेपरवाह होकर बैठे रहते हैं। बीते वर्ष अन्ना पशु के हमले से एक नागरिक की मौत हो गई थी। इसके बाद भी जिले अधिकारी चेत नहीं रहे हैं। 29 जुलाई 16 को तत्कालीन जिलाधिकारी ने उच्च न्यायालय की लखनऊ बैंच के आदेश के अनुपालन में जिलास्तरीय समिति का गठन किया था। इसमें अपर जिलाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक सदर, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी व अधिशासी अधिकारी नामित हैं। इस समिति की अभी तक एक बैठक नहीं हो सकी है, जबकि एक साल पूरा होने जा रहा है। जिससे अधिकारियों की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है।
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कराएंगे बैठक
अवकाश से वापस आने पर गठित जिला स्तरीय समिति की बैठक कराएंगे, इसमें अन्ना पशुओं के घूमने की समस्या पर चर्चा की जाएगी।
महेश प्रसाद दीक्षित
एसडीएम सदर