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Lalitpur News: क्षतिपूर्ति के लिए 48 घंटे में 1344 किसानों ने की ऑनलाइन शिकायत
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। बीते दिनों तेज हवा के साथ बारिश और ओलावृष्टि से रबी की फसलों को क्षति पहुंची है। गेहूं की फसल पूरी तरह से गिर गई है तो मटर, मसूर व सरसों और चना की फसल भी चौपट हाे गई है। 48 घंटे में फसलों के नुकसान की ऑनलाइन शिकायत 1344 किसानों ने की है। बीमा कंपनी ने इसका सर्व शुरू कर दिया है। जिला प्रशासन के निर्देश पर संयुक्त टीमें भी नुकसान का आकलन करने में जुटी हैं।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत यहां के 2.64 लाख किसानों के सापेक्ष 1.09 लाख ने रबी की फसल का बीमा कराया था। आपदाओं से फसल में नुकसान होने पर किसानों को ऑनकॉल या एप के माध्यम से 72 घंटे में शिकायत दर्ज करानी होती है। शिकायत दर्ज होने के बाद कंपनी के कर्मचारी फसल का सर्वे करते हैं। इसके बाद किसानों को नुकसान का क्लेम दिया जाता है।
शुक्रवार शाम से तेज हवाओं के साथ हुई बारिश व ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों की भरपाई के लिए 48 घंटे में महज 1344 किसानों ने ही ऑनकॉल शिकायत की है। कई किसान लगातार जिला प्रशासन को शिकायत देकर मुआवजा दिए जाने की मांग कर रहे हैं। कई किसानों का आरोप है कि बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर पर कॉल नहीं लग रही है। इसको लेकर वे परेशान हैं। कई किसानों ने बताया कि बीमा कंपनी का कार्यालय बंद पड़ा है। ऐसे में शिकायत नहीं कर पा रहे हैं।
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किसान बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर पर सूचना दे सकते हैं, अन्यथा तहसील व उप निदेशक कार्यालय स्थित हेल्प डेस्क पर सूचना दे सकते हैं। फसल का संयुक्त टीमों द्वारा सर्वे किया जा रहा है। नुकसान के आकलन के आधार पर क्लेम दिया जाएगा।
- बसंत कुमार दुबे, उप निदेशक कृषि
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ललितपुर। बीते दिनों तेज हवा के साथ बारिश और ओलावृष्टि से रबी की फसलों को क्षति पहुंची है। गेहूं की फसल पूरी तरह से गिर गई है तो मटर, मसूर व सरसों और चना की फसल भी चौपट हाे गई है। 48 घंटे में फसलों के नुकसान की ऑनलाइन शिकायत 1344 किसानों ने की है। बीमा कंपनी ने इसका सर्व शुरू कर दिया है। जिला प्रशासन के निर्देश पर संयुक्त टीमें भी नुकसान का आकलन करने में जुटी हैं।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत यहां के 2.64 लाख किसानों के सापेक्ष 1.09 लाख ने रबी की फसल का बीमा कराया था। आपदाओं से फसल में नुकसान होने पर किसानों को ऑनकॉल या एप के माध्यम से 72 घंटे में शिकायत दर्ज करानी होती है। शिकायत दर्ज होने के बाद कंपनी के कर्मचारी फसल का सर्वे करते हैं। इसके बाद किसानों को नुकसान का क्लेम दिया जाता है।
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शुक्रवार शाम से तेज हवाओं के साथ हुई बारिश व ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों की भरपाई के लिए 48 घंटे में महज 1344 किसानों ने ही ऑनकॉल शिकायत की है। कई किसान लगातार जिला प्रशासन को शिकायत देकर मुआवजा दिए जाने की मांग कर रहे हैं। कई किसानों का आरोप है कि बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर पर कॉल नहीं लग रही है। इसको लेकर वे परेशान हैं। कई किसानों ने बताया कि बीमा कंपनी का कार्यालय बंद पड़ा है। ऐसे में शिकायत नहीं कर पा रहे हैं।
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किसान बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर पर सूचना दे सकते हैं, अन्यथा तहसील व उप निदेशक कार्यालय स्थित हेल्प डेस्क पर सूचना दे सकते हैं। फसल का संयुक्त टीमों द्वारा सर्वे किया जा रहा है। नुकसान के आकलन के आधार पर क्लेम दिया जाएगा।
- बसंत कुमार दुबे, उप निदेशक कृषि