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शासनादेश के विपरीत शिक्षिका को दे दिया ज्यादा अवकाश
Updated Mon, 05 Nov 2018 01:40 AM IST
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शिक्षिका को दे दिया निर्धारित से ज्यादा अवकाश
ललितपुर। बेसिक शिक्षा विभाग में अवकाश देने के मामले में शासनादेशों का खुला उल्लंघन किया जा रहा है। ऐसा ही एक मामला पूर्व माध्यमिक विद्यालय सतगता में उजागर हुआ है। यहां एक शिक्षिका को एक कैलेंडर वर्ष में तीन बार से ज्यादा बाल्यदेखभाल अवकाश स्वीकृत किया गया है। इस पर बीएसए ने उसका अवकाश निरस्त करते हुए मूल स्कूल में कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए हैं।
जनपद के परिषदीय विद्यालयों में महिला शिक्षिकाओं को बाल्य देखभाल अवकाश प्रदान किया जाता है। इसमें एक कैलेंडर वर्ष में तीन बार बाल्य देखभाल अवकाश लिया जा सकता है। बेसिक शिक्षा में इस सुविधा का दुरुपयोग किया जाने लगा है। नियमता समस्त प्रकार के अवकाश सर्विस बुक में दर्ज करने का प्राविधान है, लेकिन ब्लॉक स्तर सर्विस बुक महीनों यूं ही धूल फांकती रहती हैं। इसका अनुचित लाभ शिक्षिकाओं ने विभागीय कर्मियों की मिलीभगत से उठाना प्रारंभ कर दिया है। ऐसा ही एक मामला ब्लाक जखौरा के पूर्व माध्यमिक विद्यालय सतगता की सहायक अध्यापिका सीमा जैन का उजागर हुआ है। इस शिक्षिका को पांचवीं बार बाल्य देखभाल अवकाश 28 सितंबर से तीन नवंबर तक स्वीकृत किया गया है। जब यह मामला उजागर हुआ तो बीएसए घनश्याम वर्मा ने सीमा जैन की सेवा पुस्तिका व व्यक्तिगत पत्रावली का अवलोकन किया। इस संबंध में वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक ने अपनी आख्या भी उपलब्ध कराई है। इससे स्पष्ट है कि सहायक अध्यापिका को कैलेंडर वर्ष 2018 में पांच बार बाल्यदेखभाल अवकाश स्वीकृत किया गया जो कि विधि विरूद्घ है। शासनादेशों व निहित व्यवस्था से स्पष्ट है कि किसी भी शिक्षिका को एक कैलेंडर वर्ष में तीन बार से अधिक प्रश्नगत अवकाश स्वीकृत नहीं किया जा सकता है। इसके मद्देनजर बीएसए ने सहायक अध्यापिका का अवकाश निरस्त करते हुए उन्हें तत्काल विद्यालय में कार्यभार ग्रहण करने के आदेश दिए हैं।
......
अवकाशों के नाम पर होती दलाली
बीएसए कार्यालय से बीआरसी में विभिन्न अवकाशों के नाम पर दलाली होती है। यहां अवकाश स्वीकृत कराने के लिए दलाल सक्रिय बने रहते हैं जो विभागीय मिलीभगत से असंभव को संभव बना देते हैं। सीमा जैन के मामले में भी विभागीय संलिप्तता से इंकार नहीं किया जा सकता है।
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ललितपुर। बेसिक शिक्षा विभाग में अवकाश देने के मामले में शासनादेशों का खुला उल्लंघन किया जा रहा है। ऐसा ही एक मामला पूर्व माध्यमिक विद्यालय सतगता में उजागर हुआ है। यहां एक शिक्षिका को एक कैलेंडर वर्ष में तीन बार से ज्यादा बाल्यदेखभाल अवकाश स्वीकृत किया गया है। इस पर बीएसए ने उसका अवकाश निरस्त करते हुए मूल स्कूल में कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए हैं।
जनपद के परिषदीय विद्यालयों में महिला शिक्षिकाओं को बाल्य देखभाल अवकाश प्रदान किया जाता है। इसमें एक कैलेंडर वर्ष में तीन बार बाल्य देखभाल अवकाश लिया जा सकता है। बेसिक शिक्षा में इस सुविधा का दुरुपयोग किया जाने लगा है। नियमता समस्त प्रकार के अवकाश सर्विस बुक में दर्ज करने का प्राविधान है, लेकिन ब्लॉक स्तर सर्विस बुक महीनों यूं ही धूल फांकती रहती हैं। इसका अनुचित लाभ शिक्षिकाओं ने विभागीय कर्मियों की मिलीभगत से उठाना प्रारंभ कर दिया है। ऐसा ही एक मामला ब्लाक जखौरा के पूर्व माध्यमिक विद्यालय सतगता की सहायक अध्यापिका सीमा जैन का उजागर हुआ है। इस शिक्षिका को पांचवीं बार बाल्य देखभाल अवकाश 28 सितंबर से तीन नवंबर तक स्वीकृत किया गया है। जब यह मामला उजागर हुआ तो बीएसए घनश्याम वर्मा ने सीमा जैन की सेवा पुस्तिका व व्यक्तिगत पत्रावली का अवलोकन किया। इस संबंध में वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक ने अपनी आख्या भी उपलब्ध कराई है। इससे स्पष्ट है कि सहायक अध्यापिका को कैलेंडर वर्ष 2018 में पांच बार बाल्यदेखभाल अवकाश स्वीकृत किया गया जो कि विधि विरूद्घ है। शासनादेशों व निहित व्यवस्था से स्पष्ट है कि किसी भी शिक्षिका को एक कैलेंडर वर्ष में तीन बार से अधिक प्रश्नगत अवकाश स्वीकृत नहीं किया जा सकता है। इसके मद्देनजर बीएसए ने सहायक अध्यापिका का अवकाश निरस्त करते हुए उन्हें तत्काल विद्यालय में कार्यभार ग्रहण करने के आदेश दिए हैं।
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अवकाशों के नाम पर होती दलाली
बीएसए कार्यालय से बीआरसी में विभिन्न अवकाशों के नाम पर दलाली होती है। यहां अवकाश स्वीकृत कराने के लिए दलाल सक्रिय बने रहते हैं जो विभागीय मिलीभगत से असंभव को संभव बना देते हैं। सीमा जैन के मामले में भी विभागीय संलिप्तता से इंकार नहीं किया जा सकता है।
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