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पाबंदी खत्म, खनन हुआ शुरू
Updated Wed, 03 Oct 2018 04:20 AM IST
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पाबंदी खत्म, खनन हुआ शुरू
ललितपुर। जिले बीते तीन माह से लगी पाबंदी हटते ही सोमवार से बालू का खनन शुरू कर दिया गया है। इसके बाद भी शहर में बालू के दामों में गिरावट नहीं आई है। इससे आम लोगों को बालू खनन के कारोबार शुरू होने का कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। संबंधित अधिकारी इस ओर अंजान बने हुए हैं। बरसात के मौसम में नदियों में पानी बढ़ने लगता है। इससे बाढ़ की स्थिति भी बन जाती है। जिसे सनदी के आस पास के इलाकों की स्थिति भी जलमग्न हो जाती है। जिसको ध्यान में लेकर शासन द्वारा तीन माही के लिए खनन पर रोक लगा दी जाती है। ऐसे में जिन जिलों में बालू व मोरंग का खनन नदी क्षेत्र से होता है। वहां पर 30 सितंबर तक नदी क्षेत्र में खनन पर रोक लगा दी जाती है। इस समयावधि में वैध पट्टा धारकों को पर भी प्रतिबंध लगा दिया जाता है। लेकिन खनन पर लगी रोक एक अक्टूबर से हट गई है। इसके बाद भी बालू के दाम नहीं घटाए गए है। रोक हटने के बावजूद बालू कारोबारी अपने मनमाने दाम निश्चित किए है। मनमाने दामों पर बिक्री कर रहे हैं। प्रतिबंध के दौरान बालू के दाम प्रति सौ घन मीटर के छह हजार रुपये थे। यही दाम वर्तमान में भी चल रहे हैं। साथ ही थोप में बालू क्रय करने पर भी यही दरें चल रहीं हैं। बालू खनन का कारोबार शुरू होने के बावजूद आम आदमी को राहत नहीं मिल रही है।
आठ घाटों पर हुआ खनन शुरु
जिले में आठ घाटों पर बालू का कारोबार एक अक्टूबर से प्रतिबंध हटने के बाद शुरु कर दिया गया है। इनमें एक घाट शहर तहसील में खनन चालू हुआ। महरौनी तहसील में चार घाट, तहसील तालबेहट में तीन घाटों पर खनन शुरू हो गया है।
बालू की दामों में कमी आएगी
बालू के खनन का कारोबार एक अक्टूबर से शुरू हो गया है। जिससे बालू के दामों में गिरावट आएगी।
आरपी सिंह, जिला खान अधिकारी ललितपुर
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ललितपुर। जिले बीते तीन माह से लगी पाबंदी हटते ही सोमवार से बालू का खनन शुरू कर दिया गया है। इसके बाद भी शहर में बालू के दामों में गिरावट नहीं आई है। इससे आम लोगों को बालू खनन के कारोबार शुरू होने का कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। संबंधित अधिकारी इस ओर अंजान बने हुए हैं। बरसात के मौसम में नदियों में पानी बढ़ने लगता है। इससे बाढ़ की स्थिति भी बन जाती है। जिसे सनदी के आस पास के इलाकों की स्थिति भी जलमग्न हो जाती है। जिसको ध्यान में लेकर शासन द्वारा तीन माही के लिए खनन पर रोक लगा दी जाती है। ऐसे में जिन जिलों में बालू व मोरंग का खनन नदी क्षेत्र से होता है। वहां पर 30 सितंबर तक नदी क्षेत्र में खनन पर रोक लगा दी जाती है। इस समयावधि में वैध पट्टा धारकों को पर भी प्रतिबंध लगा दिया जाता है। लेकिन खनन पर लगी रोक एक अक्टूबर से हट गई है। इसके बाद भी बालू के दाम नहीं घटाए गए है। रोक हटने के बावजूद बालू कारोबारी अपने मनमाने दाम निश्चित किए है। मनमाने दामों पर बिक्री कर रहे हैं। प्रतिबंध के दौरान बालू के दाम प्रति सौ घन मीटर के छह हजार रुपये थे। यही दाम वर्तमान में भी चल रहे हैं। साथ ही थोप में बालू क्रय करने पर भी यही दरें चल रहीं हैं। बालू खनन का कारोबार शुरू होने के बावजूद आम आदमी को राहत नहीं मिल रही है।
आठ घाटों पर हुआ खनन शुरु
जिले में आठ घाटों पर बालू का कारोबार एक अक्टूबर से प्रतिबंध हटने के बाद शुरु कर दिया गया है। इनमें एक घाट शहर तहसील में खनन चालू हुआ। महरौनी तहसील में चार घाट, तहसील तालबेहट में तीन घाटों पर खनन शुरू हो गया है।
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बालू की दामों में कमी आएगी
बालू के खनन का कारोबार एक अक्टूबर से शुरू हो गया है। जिससे बालू के दामों में गिरावट आएगी।
आरपी सिंह, जिला खान अधिकारी ललितपुर