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किसान दस जून तक मंडी व बाजार में नहीं बेचेगा उत्पाद
Updated Sun, 03 Jun 2018 02:27 AM IST
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किसान 10 जून तक मंडी व बाजार में नहीं बेचेगा उत्पाद
भाकियू ने की असहयोग आंदोलन की घोषणा
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
सरकार की किसान योजनाओं का किसानों को पर्याप्त लाभ न मिल पाने और भ्रष्ट प्रशासन तंत्र के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (भानु) ने असहयोग आंदोलन के माध्यम से मांगें पूरी कराए जाने के संबंध में डीएम को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें एक जून से दस जून तक असहयोग आंदोलन के तहत गल्ला मंडी व बाजार में उत्पादनों को बिक्री के लिए नहीं लाने का निर्णय लिया है।
ज्ञापन में बताया गया कि जनपद के किसानों को भ्रष्ट प्रशासन तंत्र के कुछ अधिकारियों व कर्मचारियों की नीतियों के चलते केंद्र व प्रदेश सरकार की किसान नीतियों का पर्याप्त लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसके विरोध में जिलाध्यक्ष के आह्वान पर भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में जिला किसान पंचायत का आयोजन किया गया। इसमें निर्णय लिया गया है कि किसानों की मांगें पूरी न होने के विरोध में किसान अपने उत्पादनों को लेकर गल्ला मंडी और बाजारों में बिक्री के लिए नहीं लाएगा और यह असहयोग आंदोलन किसानों के द्वारा एक जून से दस जून तक जारी रहेगा।
ज्ञापन में प्रमुख मांगों में महरौनी से नाराहट तक सड़क का नवनिर्माण कराया जाए, सहकारी क्रय केंद्रों पर भ्रष्टाचार एवं रिश्वत को रोका जाए। सहकारी समितियों से भ्रष्ट सचिवों को एवं केंद्र प्रभारियों को हटाया जाए, सहकारी केंद्रों पर किसानों के साथ पारदर्शिता की जाए, जिले के सभी बैंकों में जो किसानों के साथ केसीसी व बीमा पर दस प्रतिशत कमीशन बैंक कर्मचारी एवं दलालों द्वारा लिया जा रहा है, दलालों को बैंकों से बाहर किया जाए। किसानों को सही समय पर बीज व खाद उपलब्ध कराई जाए। वहीं यूनियन के पदाधिकारियों व किसानों ने बिरधा ब्लॉक किसान सेवा सहकारी लिमिटेड के भ्रष्ट अधिकारी को हटाए जाने की मांग भी डीएम से की। बताया गया कि उक्त किसान सेवा सहकारी समिति का सचिव बिरधा क्षेत्र में करीब 25 वर्ष से डटा हुआ है, जो किसानों को शोषण कर रहा है एवं गेहूं क्रय पर सौ रुपये प्रति क्विंटल और चना, मसूर पर चार सौ रुपये प्रति क्विंटल की वसूली करता है। यूनियन ने उक्त सचिव को हटाए जाने की मांग की। ज्ञापन पर जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह तोमर, राघवेंद्र सिसौदिया, मोहन सिंह चंदेल, इंद्रपाल सिंह गौर, राघवेंद्र सिंह, लाल सिंह राजावत, शिवनेंद्र सिंह, मनीराम साहू, राकेेश विश्वकर्मा, राजेंद्र सिंह, छोटेलाल, अमर विश्वकर्मा, भरत सिंह चौहान, हरपाल, मोहनलाल, हजारीलाल, सीताराम अहिरवार, बालचंद्र चौरसिया, मुन्ना यादव, जगपाल सिंह, सहदेव सिंह, रामकिशोर कुशवाहा, पप्पू कुशवाहा, गेंदालाल यादव आदि के हस्ताक्षर हैं।
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भाकियू ने की असहयोग आंदोलन की घोषणा
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
सरकार की किसान योजनाओं का किसानों को पर्याप्त लाभ न मिल पाने और भ्रष्ट प्रशासन तंत्र के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (भानु) ने असहयोग आंदोलन के माध्यम से मांगें पूरी कराए जाने के संबंध में डीएम को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें एक जून से दस जून तक असहयोग आंदोलन के तहत गल्ला मंडी व बाजार में उत्पादनों को बिक्री के लिए नहीं लाने का निर्णय लिया है।
ज्ञापन में बताया गया कि जनपद के किसानों को भ्रष्ट प्रशासन तंत्र के कुछ अधिकारियों व कर्मचारियों की नीतियों के चलते केंद्र व प्रदेश सरकार की किसान नीतियों का पर्याप्त लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसके विरोध में जिलाध्यक्ष के आह्वान पर भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में जिला किसान पंचायत का आयोजन किया गया। इसमें निर्णय लिया गया है कि किसानों की मांगें पूरी न होने के विरोध में किसान अपने उत्पादनों को लेकर गल्ला मंडी और बाजारों में बिक्री के लिए नहीं लाएगा और यह असहयोग आंदोलन किसानों के द्वारा एक जून से दस जून तक जारी रहेगा।
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ज्ञापन में प्रमुख मांगों में महरौनी से नाराहट तक सड़क का नवनिर्माण कराया जाए, सहकारी क्रय केंद्रों पर भ्रष्टाचार एवं रिश्वत को रोका जाए। सहकारी समितियों से भ्रष्ट सचिवों को एवं केंद्र प्रभारियों को हटाया जाए, सहकारी केंद्रों पर किसानों के साथ पारदर्शिता की जाए, जिले के सभी बैंकों में जो किसानों के साथ केसीसी व बीमा पर दस प्रतिशत कमीशन बैंक कर्मचारी एवं दलालों द्वारा लिया जा रहा है, दलालों को बैंकों से बाहर किया जाए। किसानों को सही समय पर बीज व खाद उपलब्ध कराई जाए। वहीं यूनियन के पदाधिकारियों व किसानों ने बिरधा ब्लॉक किसान सेवा सहकारी लिमिटेड के भ्रष्ट अधिकारी को हटाए जाने की मांग भी डीएम से की। बताया गया कि उक्त किसान सेवा सहकारी समिति का सचिव बिरधा क्षेत्र में करीब 25 वर्ष से डटा हुआ है, जो किसानों को शोषण कर रहा है एवं गेहूं क्रय पर सौ रुपये प्रति क्विंटल और चना, मसूर पर चार सौ रुपये प्रति क्विंटल की वसूली करता है। यूनियन ने उक्त सचिव को हटाए जाने की मांग की। ज्ञापन पर जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह तोमर, राघवेंद्र सिसौदिया, मोहन सिंह चंदेल, इंद्रपाल सिंह गौर, राघवेंद्र सिंह, लाल सिंह राजावत, शिवनेंद्र सिंह, मनीराम साहू, राकेेश विश्वकर्मा, राजेंद्र सिंह, छोटेलाल, अमर विश्वकर्मा, भरत सिंह चौहान, हरपाल, मोहनलाल, हजारीलाल, सीताराम अहिरवार, बालचंद्र चौरसिया, मुन्ना यादव, जगपाल सिंह, सहदेव सिंह, रामकिशोर कुशवाहा, पप्पू कुशवाहा, गेंदालाल यादव आदि के हस्ताक्षर हैं।
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