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शहर में पांच घंटे, तो गांवों में 15 से 1
Updated Mon, 09 Apr 2018 03:07 AM IST
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शहर में पांच घंटे, तो गांवों में 15 से 20 घंटे गुल रही बिजली
आंधी और बारिश से लड़खड़ाई जिला की आपूर्ति
जगह-जगह हाइटेंशन तारों पर पेड़ गिरे, खंभे टूटे, फीडर रहे बंद
बिजरौठा में टीन की चद्दर उड़कर हाइटेंशन तारों से टकराई
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
शनिवार की शाम आए आंधी तूफान और बारिश की बूंदे गिरने से शहर समेत सैकड़ों ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति लड़खड़ा गई। शहर में जहां करीब साढ़े पांच घंटे, तो वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में 15 से 20 घंटे और कई क्षेत्रों में इससे भी अधिक समय तक बिजली आपूर्ति ठप रही। जगह-जगह पेड़ हाइटेंशन तारों पर पेड़ गिर गए तो तेज हवा से कई स्थानों पर खंभे भी टूट गए, जिससे शहर में शाम को गई बिजली आधी रात तक गुल रही, तो वहीं ग्रामीण क्षेत्रों के फीडरों की बिजली दूसरे दिन दोपहर बाद तक भी ठप रही।
शनिवार की शाम करीब पांच बजे के बाद शहर में जोरदार आंधी, तूफान और फिर देर शाम को हल्की बारिश शुरू हो गई। तेज हवा और आंधी के कारण शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में जगह-जगह पेड़ गिरने से हाइटेंशन लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं, तो कई जगह हाइटेंशन लाइनों के विद्युत खंभे भी टूट गए। शहर को बिजली आपूर्ति करने वाली रोड़ा 132 केवी विद्युत सब स्टेशन से गल्ला मंडी व नझाई सब स्टेशन को आने वाली 66 केवी और 33 केवी लाइनें शनिवार की शाम करीब साढ़े पांच बजे ब्रेक डाउन में आ गईं। हालांकि 66 केवी लाइन पहले 20 मिनट तक बंद रही और शाम 5.50 बजे आपूर्ति सुचारु हो गई, लेकिन फिर शाम को ही 15 मिनट बाद 6.05 बजे 66 केवी लाइन की आपूर्ति ठप हो गई, जिससे फीडर नंबर एक, गोविंदनगर, पिसनारी, एक नंबर, चंदेरा, राजघाट और देवगढ़ फीडर के अंतर्गत मुहल्लों व गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। इसमें राजघाट और देवगढ़ फीडरों को छोड़कर शहर के उक्त फीडरों की बिजली आपूर्ति देर शाम 7.35 बजे सुचारु हो गई, लेकिन कुछ ही देर बाद फिर चली गई, जो रात्रि पौने ग्यारह बजे सुचारु हो सकी। इस प्रकार रौंड़ा 132 से निकली 33 केवी लाइन पर तेज आंधी के चलते चंदेरा औद्योगिक आस्थान के पीछे की ओर एक बबूूल का पेड़ जा गिरा, जिसके चलते फीडर नंबर तीन, चार, पांच, नेहरू नगर, तालाबपुरा और घंटाघर फीडरों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। पेट्रोलिंग करने के बाद बिजली कर्मचारियों द्वारा रात्रि करीब 10.50 बजे बिजली आपूर्ति सुचारु की जा सकी। शहर में फीडर नंबर चार के अंतर्गत पुलिस लाइन और पुलिस लाइन में ही कंट्रोल रूम के पास तार टूट गया था। सिविल लाइन क्षेत्र में विजया बैंक और डीएम आवास के पास भी तार टूूटने से बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। वहीं, देवगढ़ फीडर के अंतर्गत ग्राम महेशपुरा, फौजपुरा, ढंगा समेत कई क्षेत्रों और राजघाट फीडर के अंतर्गत भी कई गांवों में भी शनिवार की शाम को करीब साढ़े पांच बजे आई आंधी में हाइटेंशन लाइन टूटने के चलते बिजली आपूर्ति रात और दूसरे दिन रविवार को दोपहर ढाई बजे के बाद तक ठप रही। दोपहर बाद भी विद्युत कर्मचारी पेट्रोलिंग का कार्य करते रहे। जबकि दूसरे दिन रविवार की सुबह करीब दस बजे गोविंदनगर फीडर के अंतर्गत कांशीराम कालोनी समेत दो स्थानों पर हाइटेंशन तार टूटने से तीन घंटे बिजली बाधित रही। इसी प्रकार बाईपास विद्युत सब स्टेशन के अंतर्गत शनिवार की रात में गई नदनवारा फीडर की बिजली अगले दिन सुबह नौ बजे, कल्यानपुरा फीडर की बिजली सुबह 10 बजे और मसौरा-खितवांस फीडर की बिजली रविवार को सुबह करीब सवा 11 बजे सुचारु हो सकी। इसी प्रकार तालबेहट क्षेत्र के अंतर्गत शनिवार की शाम को साढ़े पांच बजे आंधी तूफान के कारण तालबेहट नगर में 66 केवी लाइन पर पेड़ गिरने के कारण सभी फीडरों की बिजली ठप हो गई, जो रात्रि साढ़े दस बजे सुचारु हो सकी। यहां एमईएस और माताटीला के पास हाइटेंशन लाइनों पर पेड़ गिर गए, जिससे रात्रि 11.45 बजे इन फीडरों की बिजली सुचारु हो सकी। वहीं पूराकलां, बिजरौठा व शहजाद फीडरों की बिजली रात भर गुल रही, जो अगले दिन सुबह किसी प्रकार सुचारु कराई गई। वहीं शनिवार की रात करीब 12 बजे जखौरा फीडर की 33 केवी लाइन में फाल्ट आ गया। रात्रि में फाल्ट नहीं खोजा जा सका, जिस पर सुबह होने पर पेट्रोलिंग कराई, तो खंभों से तार उतरे पड़े मिले। जिस पर जखौरा सब स्टेशन की बिजली रविवार को दोपहर 2 बजे सुचारु हो सकी। इसी प्रकार बांसी सब स्टेशन के अंतर्गत बार फीडर के ग्राम करमई और गरिया में दो-दो खंभे टूटे मिले। वहीं बिजरौठा गांव में तो एक टीन की चद्दर ही तेज आंधी में उड़कर हाइटेंशन लाइनों से जा टकराई। वहीं बिरधा सब स्टेशन के अंतर्गत भी अधिकांश फीडरों की बिजली रात भर गुल रही। जबकि नाराहट फीडर के अंतर्गत आधा सैकड़ा से अधिक गांव की बिजली अगले दिन दोपहर बाद ही सुचारु की जा सकी। बताया गया कि नाराहट फीडर के अंतर्गत जगह-जगह हाइटेंशन लाइनों पर पेड़ गिर गए तो कई जगह हाइटेंशन लाइनों के खंभे टूट गए।
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आंधी और बारिश से लड़खड़ाई जिला की आपूर्ति
जगह-जगह हाइटेंशन तारों पर पेड़ गिरे, खंभे टूटे, फीडर रहे बंद
बिजरौठा में टीन की चद्दर उड़कर हाइटेंशन तारों से टकराई
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
शनिवार की शाम आए आंधी तूफान और बारिश की बूंदे गिरने से शहर समेत सैकड़ों ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति लड़खड़ा गई। शहर में जहां करीब साढ़े पांच घंटे, तो वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में 15 से 20 घंटे और कई क्षेत्रों में इससे भी अधिक समय तक बिजली आपूर्ति ठप रही। जगह-जगह पेड़ हाइटेंशन तारों पर पेड़ गिर गए तो तेज हवा से कई स्थानों पर खंभे भी टूट गए, जिससे शहर में शाम को गई बिजली आधी रात तक गुल रही, तो वहीं ग्रामीण क्षेत्रों के फीडरों की बिजली दूसरे दिन दोपहर बाद तक भी ठप रही।
शनिवार की शाम करीब पांच बजे के बाद शहर में जोरदार आंधी, तूफान और फिर देर शाम को हल्की बारिश शुरू हो गई। तेज हवा और आंधी के कारण शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में जगह-जगह पेड़ गिरने से हाइटेंशन लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं, तो कई जगह हाइटेंशन लाइनों के विद्युत खंभे भी टूट गए। शहर को बिजली आपूर्ति करने वाली रोड़ा 132 केवी विद्युत सब स्टेशन से गल्ला मंडी व नझाई सब स्टेशन को आने वाली 66 केवी और 33 केवी लाइनें शनिवार की शाम करीब साढ़े पांच बजे ब्रेक डाउन में आ गईं। हालांकि 66 केवी लाइन पहले 20 मिनट तक बंद रही और शाम 5.50 बजे आपूर्ति सुचारु हो गई, लेकिन फिर शाम को ही 15 मिनट बाद 6.05 बजे 66 केवी लाइन की आपूर्ति ठप हो गई, जिससे फीडर नंबर एक, गोविंदनगर, पिसनारी, एक नंबर, चंदेरा, राजघाट और देवगढ़ फीडर के अंतर्गत मुहल्लों व गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। इसमें राजघाट और देवगढ़ फीडरों को छोड़कर शहर के उक्त फीडरों की बिजली आपूर्ति देर शाम 7.35 बजे सुचारु हो गई, लेकिन कुछ ही देर बाद फिर चली गई, जो रात्रि पौने ग्यारह बजे सुचारु हो सकी। इस प्रकार रौंड़ा 132 से निकली 33 केवी लाइन पर तेज आंधी के चलते चंदेरा औद्योगिक आस्थान के पीछे की ओर एक बबूूल का पेड़ जा गिरा, जिसके चलते फीडर नंबर तीन, चार, पांच, नेहरू नगर, तालाबपुरा और घंटाघर फीडरों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। पेट्रोलिंग करने के बाद बिजली कर्मचारियों द्वारा रात्रि करीब 10.50 बजे बिजली आपूर्ति सुचारु की जा सकी। शहर में फीडर नंबर चार के अंतर्गत पुलिस लाइन और पुलिस लाइन में ही कंट्रोल रूम के पास तार टूट गया था। सिविल लाइन क्षेत्र में विजया बैंक और डीएम आवास के पास भी तार टूूटने से बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। वहीं, देवगढ़ फीडर के अंतर्गत ग्राम महेशपुरा, फौजपुरा, ढंगा समेत कई क्षेत्रों और राजघाट फीडर के अंतर्गत भी कई गांवों में भी शनिवार की शाम को करीब साढ़े पांच बजे आई आंधी में हाइटेंशन लाइन टूटने के चलते बिजली आपूर्ति रात और दूसरे दिन रविवार को दोपहर ढाई बजे के बाद तक ठप रही। दोपहर बाद भी विद्युत कर्मचारी पेट्रोलिंग का कार्य करते रहे। जबकि दूसरे दिन रविवार की सुबह करीब दस बजे गोविंदनगर फीडर के अंतर्गत कांशीराम कालोनी समेत दो स्थानों पर हाइटेंशन तार टूटने से तीन घंटे बिजली बाधित रही। इसी प्रकार बाईपास विद्युत सब स्टेशन के अंतर्गत शनिवार की रात में गई नदनवारा फीडर की बिजली अगले दिन सुबह नौ बजे, कल्यानपुरा फीडर की बिजली सुबह 10 बजे और मसौरा-खितवांस फीडर की बिजली रविवार को सुबह करीब सवा 11 बजे सुचारु हो सकी। इसी प्रकार तालबेहट क्षेत्र के अंतर्गत शनिवार की शाम को साढ़े पांच बजे आंधी तूफान के कारण तालबेहट नगर में 66 केवी लाइन पर पेड़ गिरने के कारण सभी फीडरों की बिजली ठप हो गई, जो रात्रि साढ़े दस बजे सुचारु हो सकी। यहां एमईएस और माताटीला के पास हाइटेंशन लाइनों पर पेड़ गिर गए, जिससे रात्रि 11.45 बजे इन फीडरों की बिजली सुचारु हो सकी। वहीं पूराकलां, बिजरौठा व शहजाद फीडरों की बिजली रात भर गुल रही, जो अगले दिन सुबह किसी प्रकार सुचारु कराई गई। वहीं शनिवार की रात करीब 12 बजे जखौरा फीडर की 33 केवी लाइन में फाल्ट आ गया। रात्रि में फाल्ट नहीं खोजा जा सका, जिस पर सुबह होने पर पेट्रोलिंग कराई, तो खंभों से तार उतरे पड़े मिले। जिस पर जखौरा सब स्टेशन की बिजली रविवार को दोपहर 2 बजे सुचारु हो सकी। इसी प्रकार बांसी सब स्टेशन के अंतर्गत बार फीडर के ग्राम करमई और गरिया में दो-दो खंभे टूटे मिले। वहीं बिजरौठा गांव में तो एक टीन की चद्दर ही तेज आंधी में उड़कर हाइटेंशन लाइनों से जा टकराई। वहीं बिरधा सब स्टेशन के अंतर्गत भी अधिकांश फीडरों की बिजली रात भर गुल रही। जबकि नाराहट फीडर के अंतर्गत आधा सैकड़ा से अधिक गांव की बिजली अगले दिन दोपहर बाद ही सुचारु की जा सकी। बताया गया कि नाराहट फीडर के अंतर्गत जगह-जगह हाइटेंशन लाइनों पर पेड़ गिर गए तो कई जगह हाइटेंशन लाइनों के खंभे टूट गए।
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