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युवा: माध्यमिक शिक्षा में भी दिव्यांग बच्चों को मिलेगी विशेष सुविधा
Updated Tue, 27 Mar 2018 01:47 AM IST
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माध्यमिक शिक्षा में भी दिव्यांगों को मिलेगी सुविधा
जीआईसी में किया गया कार्यशाला का आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
बेसिक शिक्षा परिषद में दिव्यांग बच्चों को शिक्षा की विशेष सुविधा के साथ-साथ अब अगले सत्र से माध्यमिक विद्यालयों की कक्षाओं में भी विशेष शिक्षा की सुविधा मिलेगी। कक्षा आठ के बाद दिव्यांग बच्चों को आगे की शिक्षा के लिए परेशान नहीं होना होगा। इसी संबंध में सोमवार को राजकीय इंटर कॉलेज में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन भी किया गया।
सोमवार को आईईडीएसएस योजना के अंतर्गत जनपद के राजकीय इंटर कॉलेज ललितपुर सभागार में एक दिवसीय ओरियंटेशन ऑॅफ प्रिंसिपल, एजूकेशन एडमिनिस्ट्रिेटर्स, गार्जियंस कार्ययोजना का आयोजन हुआ। इसमें जनपद ललितपुर के समस्त राजकीय इंटर कॉलेज और हाईस्कूल के प्रधानाध्यापकों द्वारा प्रतिभाग किया गया। कार्यशाला में सर्व शिक्षा अभियान से आए हुए समेकित शिक्षा के समन्वयक व दो रिसोर्स टीचर ज्ञानेश चंद्र तिवारी, मदनमोहन राज ने प्रधानाचार्यों को शिक्षा विभाग द्वारा विकलांगता के आंकलन के संबंध में विस्तृत ढंग से श्रेणीवार तरीके से समझाया। कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक वीरेंद्र कुमार दुबे ने कहा कि माध्यमिक स्तर पर विकलांगों के लिए समावेशी शिक्षा योजना का उद्देश्य सभी विकलांग छात्रों को समावेशी और अनुकूल माध्यम उपलब्ध करवाना है। जनपद के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के समस्त प्रधानाचार्यों को जिला विद्यालय निरीक्षक ने निर्देश दिया कि नवीन शैक्षिक सत्र में समस्त दिव्यांग छात्र-छात्राओं को प्रवेश देना अनिवार्य है। यदि किसी विद्यालय से यह सूचना प्राप्त होती है कि विकलांग छात्र-छात्राओं का प्रवेश लेने से मना कर दिया तो संबंधित प्रधानाचार्य के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा दिव्यांग बच्चों को यूनिफार्म, पाठ्य पुस्तकें, उपकरण आदि की नि:शुल्क सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। जिला विद्यालय निरीक्षक ने कहा कि वर्तमान समाज के उत्थान की जिम्मेदारी शिक्षकों पर है। दिव्यांग छात्र-छात्राओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना हमारा कर्तव्य है। नवीन शैक्षिक सत्र प्रारंभ होने से पूर्व जनपद के समस्त प्रधानाचार्यों की एक शैक्षिक गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा, जिसमें नवीन सत्र के लिए प्रत्येक प्रधानाचार्य को एक टारगेट दिया जाएगा। वहीं, उन्होंने बताया कि अच्छा काम करने वाले प्रधानाचार्य को पुरस्कृत किया जाएगा और कार्य के प्रति उदासीन रहने वाले प्रधानाचार्यों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशिक्षार्थियों का पंजीकरण कराया गया, परेंट काउंसलिंग के साथ-साथ समस्या एवं समाधान पर भी चर्चा की गयी। कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य राजकीय इंटर कॉलेज ललितपुर राजेंद्र कुमार त्रिपाठी ने सभी का आभार व्यक्त किया।
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जीआईसी में किया गया कार्यशाला का आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
बेसिक शिक्षा परिषद में दिव्यांग बच्चों को शिक्षा की विशेष सुविधा के साथ-साथ अब अगले सत्र से माध्यमिक विद्यालयों की कक्षाओं में भी विशेष शिक्षा की सुविधा मिलेगी। कक्षा आठ के बाद दिव्यांग बच्चों को आगे की शिक्षा के लिए परेशान नहीं होना होगा। इसी संबंध में सोमवार को राजकीय इंटर कॉलेज में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन भी किया गया।
सोमवार को आईईडीएसएस योजना के अंतर्गत जनपद के राजकीय इंटर कॉलेज ललितपुर सभागार में एक दिवसीय ओरियंटेशन ऑॅफ प्रिंसिपल, एजूकेशन एडमिनिस्ट्रिेटर्स, गार्जियंस कार्ययोजना का आयोजन हुआ। इसमें जनपद ललितपुर के समस्त राजकीय इंटर कॉलेज और हाईस्कूल के प्रधानाध्यापकों द्वारा प्रतिभाग किया गया। कार्यशाला में सर्व शिक्षा अभियान से आए हुए समेकित शिक्षा के समन्वयक व दो रिसोर्स टीचर ज्ञानेश चंद्र तिवारी, मदनमोहन राज ने प्रधानाचार्यों को शिक्षा विभाग द्वारा विकलांगता के आंकलन के संबंध में विस्तृत ढंग से श्रेणीवार तरीके से समझाया। कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक वीरेंद्र कुमार दुबे ने कहा कि माध्यमिक स्तर पर विकलांगों के लिए समावेशी शिक्षा योजना का उद्देश्य सभी विकलांग छात्रों को समावेशी और अनुकूल माध्यम उपलब्ध करवाना है। जनपद के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के समस्त प्रधानाचार्यों को जिला विद्यालय निरीक्षक ने निर्देश दिया कि नवीन शैक्षिक सत्र में समस्त दिव्यांग छात्र-छात्राओं को प्रवेश देना अनिवार्य है। यदि किसी विद्यालय से यह सूचना प्राप्त होती है कि विकलांग छात्र-छात्राओं का प्रवेश लेने से मना कर दिया तो संबंधित प्रधानाचार्य के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा दिव्यांग बच्चों को यूनिफार्म, पाठ्य पुस्तकें, उपकरण आदि की नि:शुल्क सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। जिला विद्यालय निरीक्षक ने कहा कि वर्तमान समाज के उत्थान की जिम्मेदारी शिक्षकों पर है। दिव्यांग छात्र-छात्राओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना हमारा कर्तव्य है। नवीन शैक्षिक सत्र प्रारंभ होने से पूर्व जनपद के समस्त प्रधानाचार्यों की एक शैक्षिक गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा, जिसमें नवीन सत्र के लिए प्रत्येक प्रधानाचार्य को एक टारगेट दिया जाएगा। वहीं, उन्होंने बताया कि अच्छा काम करने वाले प्रधानाचार्य को पुरस्कृत किया जाएगा और कार्य के प्रति उदासीन रहने वाले प्रधानाचार्यों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशिक्षार्थियों का पंजीकरण कराया गया, परेंट काउंसलिंग के साथ-साथ समस्या एवं समाधान पर भी चर्चा की गयी। कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य राजकीय इंटर कॉलेज ललितपुर राजेंद्र कुमार त्रिपाठी ने सभी का आभार व्यक्त किया।
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