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प्रधान एवं सचिवों पर प्रशासन ने कसा शिकंजा
Updated Sun, 29 Oct 2017 02:10 AM IST
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प्रधान और सचिवों पर प्रशासन ने कसा शिकंजा
मनरेगा में मांग के सापेक्ष नहीं दिया जा रहा रोजगार
डीसी मनरेगा ने प्रधान और सचिवों को कार्रवाई के लिए चेताया
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
जिला प्रशासन ने मनरेगा में मांग के सापेक्ष श्रमिकों को रोजगार नहीं दिए जाने के मामले में प्रधान और सचिवों पर विभागीय शिकंजा कस दिया है। डीसी मनरेगा ने तीन ब्लाक के प्रधान और सचिवों को लक्ष्य पूर्ण नहीं होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में प्रधान एवं सचिवों की उदासीनता के चलते लक्ष्य के सापेक्ष श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। ऐसी स्थिति करीब छह महीने से बनी हुई है। जिस पर उपायुक्त मनरेगा जय सिंह ने लक्ष्यपूर्ति नहीं करने वाली ग्राम पंचायतों को चिह्नित कराया। इसमें ग्राम प्रधान कुआतला धर्मेंद्र सिंह, ग्राम प्रधान चौसा सुधा राजा, ग्राम प्रधान करमुहारा बालकुंवर, ग्राम प्रधान कल्यानपुरा नीतेश कुमार, ग्राम प्रधान धमकना मंदाकनी, ग्राम प्रधान मऊ संगीता, ग्राम प्रधान असऊपुरा हरीराम, ग्राम प्रधान बम्होरीसर हरीराम, ग्राम प्रधान कड़ेसराकलां, ग्राम प्रधान मुकटौरा बलबीर सिंह, ग्राम प्रधान अगौरा हल्ले, ग्राम प्रधान खटौरा छिमादर, ग्राम प्रधान पथराई राजपाल चिह्नित हुए। वहीं, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी कुआतला विशाखा मिश्रा, अमित जैन द्वितीय, प्रकाश वर्मा, दानवीर सिंह, अजय प्रताप, दीनदयाल, शिवानी, ओमप्रकाश तिवारी, आलोक, कोमल सिंह को भी अल्टीमेटम दिया गया है। डीसी मनरेगा ने लिखे पत्र में कहा कि तीन दिन के अंदर लक्ष्य के सापेक्ष श्रमिकों को रोजगार नहीं दिया गया तो पंचायत सचिव के विरूद्घ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी तो ग्राम प्रधान के खिलाफ जिला पंचायत राज अधिनियम की धारा 95 छ के तहत कार्रवाई प्रस्तावित कर दी जाएगी। इससे पहले आधा दर्जन से ज्यादा रोजगार सेवकों को सेवा समाप्ति की हिदायत दी चुकी है। यही नहीं, नौ तकनीकी सहायक के स्थल परिवर्तन कर दिए गए हैं। जिला प्रशासन के कड़े रुख से मनरेगा कर्मियों में हड़कंप मचा हुआ है।
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मनरेगा में मांग के सापेक्ष नहीं दिया जा रहा रोजगार
डीसी मनरेगा ने प्रधान और सचिवों को कार्रवाई के लिए चेताया
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
जिला प्रशासन ने मनरेगा में मांग के सापेक्ष श्रमिकों को रोजगार नहीं दिए जाने के मामले में प्रधान और सचिवों पर विभागीय शिकंजा कस दिया है। डीसी मनरेगा ने तीन ब्लाक के प्रधान और सचिवों को लक्ष्य पूर्ण नहीं होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में प्रधान एवं सचिवों की उदासीनता के चलते लक्ष्य के सापेक्ष श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। ऐसी स्थिति करीब छह महीने से बनी हुई है। जिस पर उपायुक्त मनरेगा जय सिंह ने लक्ष्यपूर्ति नहीं करने वाली ग्राम पंचायतों को चिह्नित कराया। इसमें ग्राम प्रधान कुआतला धर्मेंद्र सिंह, ग्राम प्रधान चौसा सुधा राजा, ग्राम प्रधान करमुहारा बालकुंवर, ग्राम प्रधान कल्यानपुरा नीतेश कुमार, ग्राम प्रधान धमकना मंदाकनी, ग्राम प्रधान मऊ संगीता, ग्राम प्रधान असऊपुरा हरीराम, ग्राम प्रधान बम्होरीसर हरीराम, ग्राम प्रधान कड़ेसराकलां, ग्राम प्रधान मुकटौरा बलबीर सिंह, ग्राम प्रधान अगौरा हल्ले, ग्राम प्रधान खटौरा छिमादर, ग्राम प्रधान पथराई राजपाल चिह्नित हुए। वहीं, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी कुआतला विशाखा मिश्रा, अमित जैन द्वितीय, प्रकाश वर्मा, दानवीर सिंह, अजय प्रताप, दीनदयाल, शिवानी, ओमप्रकाश तिवारी, आलोक, कोमल सिंह को भी अल्टीमेटम दिया गया है। डीसी मनरेगा ने लिखे पत्र में कहा कि तीन दिन के अंदर लक्ष्य के सापेक्ष श्रमिकों को रोजगार नहीं दिया गया तो पंचायत सचिव के विरूद्घ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी तो ग्राम प्रधान के खिलाफ जिला पंचायत राज अधिनियम की धारा 95 छ के तहत कार्रवाई प्रस्तावित कर दी जाएगी। इससे पहले आधा दर्जन से ज्यादा रोजगार सेवकों को सेवा समाप्ति की हिदायत दी चुकी है। यही नहीं, नौ तकनीकी सहायक के स्थल परिवर्तन कर दिए गए हैं। जिला प्रशासन के कड़े रुख से मनरेगा कर्मियों में हड़कंप मचा हुआ है।
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