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ंदन की पौधे रोपित कर कस्बे का वातावरण किया सुगंधित

Wed, 12 Sep 2018 01:44 AM IST
Updated Wed, 12 Sep 2018 01:44 AM IST
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ंदन की पौधे रोपित कर कस्बे का वातावरण किया सुगंधित
चंदन की पौधे रोपित कर कस्बे का वातावरण किया सुगंधित
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स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भैरो प्रसाद राय को याद किया
अमर उजाला ब्यूरो
बार (ललितपुर)। अपेक्स कान्वेंट पब्लिक स्कूल बार में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भैरो प्रसाद राय की जयंती पर उन्हें याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि गांधी बब्बा नाम से पहचाने वाले राय ने बार में चंदन की पौधे रोपित करवाकर कस्बे को वातावरण को सुगंधित करने का कार्य किया था। जब 1953 में ब्लाक बार के स्थान पर बानपुर को ब्लॉक बनाने की तैयारी पूरी हो चुकी थी। वन क्षेत्राधिकारी बीबी नोडियाल ने गांधी बब्बा की पुत्री लक्ष्मी देवी को सम्मानित किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कर्नल बीएस चौहान ने बताया की 1893 में जन्मे भैरो प्रसाद राय को बार के गांधी की उपाधि दी गई थी। बार के सभी कस्बावासी उन्हें गांधी बब्बा के नाम से पुकारते थे। उनका जन्म एक धनाड्य परिवार में हुआ था। बब्बा के पिता जमींदार थे। बचपन में ही पिता की मृत्यु हो जाने के बाद उनकी माता ने ही उनका लालन पालन किया। पढ़ाई में मन न लगने की के कारण उन्होंने तीसरी जमात के बाद ही अपनी पढ़ाई छोड़ दी थी। उन्होंने झांसी में स्वर्गीय धुले कर श्यामलाल, आजाद इंदीवर गीतकार, गोविंदास रिछारिया, सदाशिव मलकापुर और भगवान दास महोर जैसे कर्मठ नेताओं के संपर्क में आए। बताते हैं कि झांसी में एक अंग्रेज अफसर ने कड़ी चेतावनी देकर कहा कि वे अंग्रेजों का विरोध ना करें नहीं तो तुम्हें भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। फिर वे भी अंग्रेजों का विरोध करने में पीछे नहीं रहे। तब अंग्रेजी हुकूमत ने उन्हें जेल में डाल कर कड़ी यातनायें दी और उनकी जमींदारी खत्म कर दी । उनकी कुर्की कर दी गई। फिर भी वह देश सेवा से पीछे नहीं हटे, उन्होंने सन 1939 से लेकर 1945 तक पांच वर्ष तक अपने परिवार को ज्वार और सरकार की रोटी खिलाकर जिंदा रखा।15 अगस्त 1947 को देश आजाद हो गया उसके बाद भी वह अपने गांव के विकास के लिए सदैव तत्पर रहें । उन्होंने बार में सरकारी अस्पताल की स्थापना करवाई व चंदन वन के नाम से मशहूर ब्लॉक मुख्यालय बार में चंदन की पौध लाए थे। जब 1953 में ब्लाक बार के स्थान पर बानपुर को ब्लॉक बनाने की तैयारी पूरी हो चुकी थी तब बार के गांधी बब्बा ने लखनऊ जाकर विधानसभा के सामने बैठकर धरना प्रदर्शन कर ब्लाक बार को ब्लॉक मुख्यालय घोषित करवा कर पहचान दिलवाई थी। उनका 26 मार्च 1979 में निर्धन हो गया। गांधी बाबा के पौत्र गिरजा शंकर राय ने भैरो बाबा के नाम पर एक पुस्तकालय खोलने व प्राथमिक विद्यालयों की पुस्तकों में उनकी जीवन शैली को शामिल करने की अपील की। उन्होंने कहा पुस्तकालय के लिए पुस्तकें उपलब्ध वह स्वयं कराएंगे। उन्हें केवल पुस्तकालय के लिए कमरे की आवश्यकता है। तब कार्यक्रम में बैठे खंड विकास अधिकारी महेंद्र पल सिंह भदोरिया ने ब्लॉक मुख्यालय में ही एक कमरा कमरा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम के अंत में गणमान्य नागरिकों को सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि खंड विकास अधिकारी एमपी सिंह भदौरिया, विशिष्ट अतिथि वन क्षेत्राधिकारी बार बीबी नौडियाल, चिकित्सा अधीक्षक बार चतुर्भुज राजपूत, पूर्व प्राध्यापक स्वामी प्रसाद जोशी, ताजुद्दीन अहमद, माधव सिंह यादव, गोपी राय, कृष्ण कुमार राय, मगन वरसैया, दुर्ग सिंह यादव, रामसहाय राजपूत, जितेंद्र यादव, अंकित साहू उपस्थित रहे। संचालन अरविंद गोस्वामी ने किया और अपेक्स कान्वेंट के प्रबंधक आर एस दिवाकर ने सभी का आभार व्यक्त किया।
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