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शांतिनगर के वाशिंदों का जल भराव ने छीना चैन
Updated Sun, 29 Jul 2018 06:40 AM IST
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शांतिनगर के लोगों का जलभराव ने छीना चैन
ललितपुर। वार्ड नंबर 23 रावतयाना प्रथम स्थित शांतिनगर जलभराव की समस्या से जूझ रहा है। बीते दिनों हुई बारिश का पानी बस्ती में घुटनों तक भरा हुआ है। कोई पानी के बीच से होकर निकल रहा है तो किसी ने आवाजाही के लिए घर के बाहर बालू भरी बोरियां डाल दी हैं। इन सबके बीच तमाम परिवारों की नींद जहरीले कीड़ों को लेकर उड़ी हुई है। इस मामले में नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारी मौन हैं।
शहर का तेजी से विस्तार हुआ है। इसमें कई नई बस्तियां भी विकसित हो गई हैं, लेकिन यहां लोगों ने मकान बनाते हुए गंदे पानी की निकासी पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया है। वहीं, नगर पालिका परिषद भी बेपरवाह रही। अब बारिश ने ऐसी बस्तियों में रहने वाले लोगों की मुसीबतें बढ़ा दी हैं। इन्हीं में से एक बस्ती शांतिनगर है। जहां पर करीब 50 परिवार रहते हैं, जिनके बीच गंदे पानी की निकासी के उचित इंतजाम नहीं हैं। घरों से निकलने वाला गंदा पानी खाली प्लॉटों में यहां-वहां भरता रहता है। लेकिन यह बरसात के मौसम में गंभीर हो जाती है। पिछले दिनों बारिश हुई तो बस्ती में जगह-जगह जलभराव हो गया। जिसकी निकासी संभव नहीं हो पा रही है। जो आसपास परिवार रह रहे हैं, उन्हें जलभराव के बीच से होकर निकलना पड़ रहा है। एक स्थान तो ऐसा है जहां एक ओर घर और दूसरी ओर हैंडपंप लगा है। जिस कारण शुद्ध पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। जब सभासद जहीर अली रानू को इसकी सूचना दी गई तो उन्होंने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। लेकिन वह उपजे हालातों से निपटने के लिए कुछ खास नहीं कर सके। हालांकि, इस दौरान उन्होंने नेहरू महाविद्यालय के सामने वाली नाली की सफाई जरूर करा दी। इससे इतना होगा कि शांतिनगर में अब जल भराव ज्यादा बड़ा रूप नहीं लेगा।
जलभराव के बीच निकलने को मजबूर
घर से चंद कदम की दूरी पर एक हैंडपंप लगा हुआ है। इससे वह खुद व बस्ती के लोग पानी भरते हैं। जब घर के बाहर जलभराव हुआ है। जल भराव में से बार-बार होकर निकलना पड़ता है तो नहाने का कोई मतलब नहीं रह जाता है।
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आदेश
जहरीले कीड़े कर रहे विचरण
शांतिनगर में पहले जलभराव बड़ा रूप नहीं लेता था, लेकिन दो सालों से जलभराव ने स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ा कर रखी है। जो मुख्य सड़क के पास नाली बनी हुई है वह जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो चुकी है, जिससे इसका पानी भी बहकर बस्ती में आ जाता है। जिससे जल भराव की समस्या गंभीर रूप ले गई है। यहां जहरीले कीड़ें विचरण कर रहे हैं, जिससे हर समय काटने का डर सताता रहता है।
शशि
जलभराव से बच्चों की हुई पढ़ाई प्रभावित
शांतिनगर में जलभराव होने से बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो गई है। घुटनों तक भरे पानी में से बच्चे निकलने से कतरा रहे हैं, ऐसे में उनका स्कूल जाना भी बंद हो गया है। उन्होंने कालोनाईजरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, जिससे इस तरह की समस्या से अन्य कोई परेशान न हो।
रवींद्र सिंह बुंदेला
क्षतिग्रस्त नाली की कराएंगे मरम्मत
शांतिनगर में मुख्य सड़क की नाली क्षतिग्रस्त है। इसकी तत्काल मरम्मत कराने की आवश्यकता है। इस संबंध में पालिकाध्यक्ष रजनी साहू एवं ईओ अवनींद्र कुमार से वार्ता करेंगे। जल भराव का समाधान करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। जहीर अली रानू, सभासद
वार्ड नंबर 23, रावतयाना प्रथम
एसडीएम का खटखटाया दरवाजा
बीते दिनों मुहल्लेवासियों ने मेन रोड से मुहल्ले में घुस रहे बारिश के पानी की ओर एसडीएम सदर का ध्यान खींचा था। इस दौरान एसडीएम को दिए शिकायती पत्र में उन्होंने जल भराव होने से मकानों में सीलन व नींव के कमजोर होने की आशंका जताई है। इसके बाद भी समस्या का हल नहीं हो सका है। जिससे मुहल्लेवासियों में असंतोष है। शिकायती पत्र पर राजबहादुर, मुलायम सिंह, शिवम, सुरेंद्र, कृष्ण प्रताप सिंह, बब्बू आदि के हस्ताक्षर बने हैं।
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ललितपुर। वार्ड नंबर 23 रावतयाना प्रथम स्थित शांतिनगर जलभराव की समस्या से जूझ रहा है। बीते दिनों हुई बारिश का पानी बस्ती में घुटनों तक भरा हुआ है। कोई पानी के बीच से होकर निकल रहा है तो किसी ने आवाजाही के लिए घर के बाहर बालू भरी बोरियां डाल दी हैं। इन सबके बीच तमाम परिवारों की नींद जहरीले कीड़ों को लेकर उड़ी हुई है। इस मामले में नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारी मौन हैं।
शहर का तेजी से विस्तार हुआ है। इसमें कई नई बस्तियां भी विकसित हो गई हैं, लेकिन यहां लोगों ने मकान बनाते हुए गंदे पानी की निकासी पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया है। वहीं, नगर पालिका परिषद भी बेपरवाह रही। अब बारिश ने ऐसी बस्तियों में रहने वाले लोगों की मुसीबतें बढ़ा दी हैं। इन्हीं में से एक बस्ती शांतिनगर है। जहां पर करीब 50 परिवार रहते हैं, जिनके बीच गंदे पानी की निकासी के उचित इंतजाम नहीं हैं। घरों से निकलने वाला गंदा पानी खाली प्लॉटों में यहां-वहां भरता रहता है। लेकिन यह बरसात के मौसम में गंभीर हो जाती है। पिछले दिनों बारिश हुई तो बस्ती में जगह-जगह जलभराव हो गया। जिसकी निकासी संभव नहीं हो पा रही है। जो आसपास परिवार रह रहे हैं, उन्हें जलभराव के बीच से होकर निकलना पड़ रहा है। एक स्थान तो ऐसा है जहां एक ओर घर और दूसरी ओर हैंडपंप लगा है। जिस कारण शुद्ध पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। जब सभासद जहीर अली रानू को इसकी सूचना दी गई तो उन्होंने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। लेकिन वह उपजे हालातों से निपटने के लिए कुछ खास नहीं कर सके। हालांकि, इस दौरान उन्होंने नेहरू महाविद्यालय के सामने वाली नाली की सफाई जरूर करा दी। इससे इतना होगा कि शांतिनगर में अब जल भराव ज्यादा बड़ा रूप नहीं लेगा।
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जलभराव के बीच निकलने को मजबूर
घर से चंद कदम की दूरी पर एक हैंडपंप लगा हुआ है। इससे वह खुद व बस्ती के लोग पानी भरते हैं। जब घर के बाहर जलभराव हुआ है। जल भराव में से बार-बार होकर निकलना पड़ता है तो नहाने का कोई मतलब नहीं रह जाता है।
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जहरीले कीड़े कर रहे विचरण
शांतिनगर में पहले जलभराव बड़ा रूप नहीं लेता था, लेकिन दो सालों से जलभराव ने स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ा कर रखी है। जो मुख्य सड़क के पास नाली बनी हुई है वह जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो चुकी है, जिससे इसका पानी भी बहकर बस्ती में आ जाता है। जिससे जल भराव की समस्या गंभीर रूप ले गई है। यहां जहरीले कीड़ें विचरण कर रहे हैं, जिससे हर समय काटने का डर सताता रहता है।
शशि
जलभराव से बच्चों की हुई पढ़ाई प्रभावित
शांतिनगर में जलभराव होने से बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो गई है। घुटनों तक भरे पानी में से बच्चे निकलने से कतरा रहे हैं, ऐसे में उनका स्कूल जाना भी बंद हो गया है। उन्होंने कालोनाईजरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, जिससे इस तरह की समस्या से अन्य कोई परेशान न हो।
रवींद्र सिंह बुंदेला
क्षतिग्रस्त नाली की कराएंगे मरम्मत
शांतिनगर में मुख्य सड़क की नाली क्षतिग्रस्त है। इसकी तत्काल मरम्मत कराने की आवश्यकता है। इस संबंध में पालिकाध्यक्ष रजनी साहू एवं ईओ अवनींद्र कुमार से वार्ता करेंगे। जल भराव का समाधान करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। जहीर अली रानू, सभासद
वार्ड नंबर 23, रावतयाना प्रथम
एसडीएम का खटखटाया दरवाजा
बीते दिनों मुहल्लेवासियों ने मेन रोड से मुहल्ले में घुस रहे बारिश के पानी की ओर एसडीएम सदर का ध्यान खींचा था। इस दौरान एसडीएम को दिए शिकायती पत्र में उन्होंने जल भराव होने से मकानों में सीलन व नींव के कमजोर होने की आशंका जताई है। इसके बाद भी समस्या का हल नहीं हो सका है। जिससे मुहल्लेवासियों में असंतोष है। शिकायती पत्र पर राजबहादुर, मुलायम सिंह, शिवम, सुरेंद्र, कृष्ण प्रताप सिंह, बब्बू आदि के हस्ताक्षर बने हैं।