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जिले की अधिकांश सड़कों पर दौड़ रहे डग्गामार वाहन
Updated Fri, 14 Sep 2018 01:40 AM IST
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जिले की अधिकांश सड़कों पर दौड़ रहे डग्गामार वाहन
ललितपुर। जिले की अधिकांश सड़कों पर डग्गामार वाहनों की भरमार बनी हुई है। इन वाहनों के खिलाफ कोई अभियान नहीं चलाया गया और न ही इन वाहनों के खिलाफ कोई कार्रवाई होती है। यातायात नियमों के पालन कराने के लिए जगह-जगह पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है। एआरटीओ विभाग का सचल दस्ता सड़क पर दौड़ता रहता है। इसके बावजूद डग्गामार वाहनों पर लगाम नहीं लग पा रही है। इसका खामियाजा लोगों को चुटहिल होकर या जान देकर भुगतना पड़ता है।
जिला मुख्यालय में 10 सवारी वाहनों के स्टैंड अघोषित रूप से चल रहे हैं। इन स्टैंडों से प्रतिदिन लगभग दो हजार कामर्शियल वाहनों का संचालन होता है। जहां पर सबसे ज्यादा संख्या में आटो और चार पहिया सवारी वाहन हैं। परिवहन विभाग ने सवारी वाहनों में सवारी बिठाने की संख्या को निर्धारित किया है। लेकिन नियमों की परवाह न करते हुए चार पहिया सवारी वाहन व आटो आदि अन्य वाहनों में निर्धारित संख्या से अधिक बिठाया जाता है। इससे सवारियों को यात्रा करने में भी भारी कठिनाई होती है। यह सभी परिवहन विभाग, यातायात और पुलिस पिकेट पर तैनात सिपाहियों के सामने किया जाता है। वहीं, परिवहन विभाग के अधिकारी भी सड़कों पर फर्राटा भरते है। लेकिन विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के चलते यह वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं।
जिले के रेलवे स्टेशन से चार पहिया सवारी वाहन चलाए जा रहे हैं, जो मध्यप्रदेश के चंदेरी, अशोक नगर व आनंदपुर तक जाते हैं। इन वाहनों में सवारियों की संख्या अधिक होती है तो वहीं, समान भी अधिक ढोया जाता है। इसके साथ ही जेल चौराहा, तुवन चौराहा, इलाइट, शहजाद नदी, कैलगुवां तिराहे से यह वाहन चलाए जा रहे हैं। जो आसपास के साथ ही अन्य गांव के लिए जाते हैं। जो सवारियों को वाहनों में ठूंस कर ले जाते है। हद तो तब हो जाती है जब यह वाहन हाईवे की सड़कों पर दौड़ रहेे है वहीं, परिवहन विभाग के अधिकारी भी हाईवे पर फर्राटा भरते हैं लेकिन वाहनों पर सवारी लटकाकर चलने वाले वाहनों पर नजर नहीं पड़ती है।
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वाहनों की जांच लगातार की जा रही है। निर्धारित सवारियों की संख्या से अधिक सवारियां वाहनों में मिलने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सत्येंद्र कुमार, सहायक परिवहन अधिकारी ललितपुर
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ललितपुर। जिले की अधिकांश सड़कों पर डग्गामार वाहनों की भरमार बनी हुई है। इन वाहनों के खिलाफ कोई अभियान नहीं चलाया गया और न ही इन वाहनों के खिलाफ कोई कार्रवाई होती है। यातायात नियमों के पालन कराने के लिए जगह-जगह पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है। एआरटीओ विभाग का सचल दस्ता सड़क पर दौड़ता रहता है। इसके बावजूद डग्गामार वाहनों पर लगाम नहीं लग पा रही है। इसका खामियाजा लोगों को चुटहिल होकर या जान देकर भुगतना पड़ता है।
जिला मुख्यालय में 10 सवारी वाहनों के स्टैंड अघोषित रूप से चल रहे हैं। इन स्टैंडों से प्रतिदिन लगभग दो हजार कामर्शियल वाहनों का संचालन होता है। जहां पर सबसे ज्यादा संख्या में आटो और चार पहिया सवारी वाहन हैं। परिवहन विभाग ने सवारी वाहनों में सवारी बिठाने की संख्या को निर्धारित किया है। लेकिन नियमों की परवाह न करते हुए चार पहिया सवारी वाहन व आटो आदि अन्य वाहनों में निर्धारित संख्या से अधिक बिठाया जाता है। इससे सवारियों को यात्रा करने में भी भारी कठिनाई होती है। यह सभी परिवहन विभाग, यातायात और पुलिस पिकेट पर तैनात सिपाहियों के सामने किया जाता है। वहीं, परिवहन विभाग के अधिकारी भी सड़कों पर फर्राटा भरते है। लेकिन विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के चलते यह वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं।
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जिले के रेलवे स्टेशन से चार पहिया सवारी वाहन चलाए जा रहे हैं, जो मध्यप्रदेश के चंदेरी, अशोक नगर व आनंदपुर तक जाते हैं। इन वाहनों में सवारियों की संख्या अधिक होती है तो वहीं, समान भी अधिक ढोया जाता है। इसके साथ ही जेल चौराहा, तुवन चौराहा, इलाइट, शहजाद नदी, कैलगुवां तिराहे से यह वाहन चलाए जा रहे हैं। जो आसपास के साथ ही अन्य गांव के लिए जाते हैं। जो सवारियों को वाहनों में ठूंस कर ले जाते है। हद तो तब हो जाती है जब यह वाहन हाईवे की सड़कों पर दौड़ रहेे है वहीं, परिवहन विभाग के अधिकारी भी हाईवे पर फर्राटा भरते हैं लेकिन वाहनों पर सवारी लटकाकर चलने वाले वाहनों पर नजर नहीं पड़ती है।
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वाहनों की जांच लगातार की जा रही है। निर्धारित सवारियों की संख्या से अधिक सवारियां वाहनों में मिलने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सत्येंद्र कुमार, सहायक परिवहन अधिकारी ललितपुर