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निकोटीन जहर से बढ़ता हृदय रोग, तंबाकू में तारकोल से होता फैफड़ों का कैंसर
Updated Fri, 01 Jun 2018 01:52 AM IST
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निकोटीन जहर, टार से होता फैफड़ों का कैंसर
विधिक शिविर में बताए तंबाकू के नुकसान
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
विश्व तंबाकू निषेध दिवस के मौके पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम ललितपुर द्वारा जिला चिकित्सालय के रैन बसेरा में एक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इसमें तंबाकू से होने वाली हानियों एवं विधिक कानूनों के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य न्यायाधीश परिवार न्यायालय मनोज कुमार अग्रवाल और प्राधिकरण के सचिव सतेंद्र सिंह वर्मा की उपस्थिति व सीएमएस डा. एसके वासबानी द्वारा की गई।
जिला जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ललितपुर के सचिव न्यायाधीश सत्येंद्र सिंह वर्मा ने कहा कि नशा करना ही गलत है चाहें वह तंबाकू हो या अन्य उत्पाद हो हमें प्रत्येक व्यक्ति को जागरूक करना होगा कि तंबाकू जैसा जहर नहीं बल्कि एक सुरक्षित जीवन चुनने की आवश्यकता है। आज कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे एडीजे परिवार न्यायालय मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि तम्बाकू नियंत्रण कानून 2003 का प्रभावी क्रियान्वयन बहुत ही जरूरी है। जिसकी धारा-4 के अन्तर्गत सार्वजनिक स्थानों पर धू्रमपान/तम्बाकू सेवन करना दंडनीय अपराध है। धारा-5 तम्बाकू उत्पादों का प्रचार-प्रसार करना अपराध है एवं धारा-6 के अन्तर्गत नाबालिग को तंबाकू उत्पाद बेचना एवं बिकवाना और शैक्षणिक संस्थाओं की 100 गज की परिधि में तंबाकू की बिक्री अपराध है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के द्वारा तम्बाकू नियंत्रण हेतु कार्यक्रम चलाया जा रहा है जो निश्चित ही समाजहित में है। कार्यक्रम में उपस्थित सभी ने हस्ताक्षर अभियान में भाग लिया। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. पवन सूद ने बताया कि तंबाकू एक जहर है और इसके सेवन से सिर से लेकर पैर तक अनगिनत बीमारियां होती है। कार्यक्रम की परामर्शदाता मंजूलता ने सभी को अवगत कराया कि तंबाकू में पाया जाने वाला निकोटीन नाम का जहर बड़ा ही खतरनाक होता है, जिससे व्यक्तियों को हृदय संबंधित रोग होते हैं तंबाकू में टार पाया जाता है जिसके कारण फेफडों का कैंसर होता है। कार्बन मोनो ऑक्साईड एक जहरीली गैस है जो ऑक्सीजन लेने वाली क्षमता को कम कर देती है और उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के अंतर्गत जिला चिकित्सालय के एनसीडी सैल कमरा नं. 4 में तंबाकू छोड़ने हेतु एक परामर्श केंद्र बनाया गया है। डा. सौरभ देवलिया ने तंबाकू छोड़ने हेतु दृढ़ संकल्पित होना बहुत जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि तंबाकू छोड़ना कोई कठिन नहीं है । इसी क्रम में कार्यक्रम के जनपद सलाहकार डा. रुद्रप्रताप सिंह बुन्देला ने उपस्थित सभी को अवगत कराया कि कार्यक्रम कार्यकर्ताओं द्वारा पूर्ण प्रयास किया जा रहा है कि जनपद को तंबाकू मुक्त बनाया जाये। सामाजिक कार्यकर्ता संजय त्रिपाठी ने सभी से आग्रह कर संदेश दिया कि आज के अवसर पर सभी शपथ लें कि आज से तंबाकू उत्पादों का सेवन नहीं करेंगे। डा. एसके वासबानी ने कहा कि व्यक्ति तंबाकू वह सेवन करना बंद करें, एक बार तंबाकू की लत जब व्यक्ति को लग जाती है तो इससे छुटकारा थोड़ा मुश्किल होता है। तंबाकू उत्पादों के सेवन से ही ब्लड प्रेसर, ब्लड शुगर, हाईपरटेंशन, नपुंसकता, पेट में घाव और कैंसर और अन्य खतरनाक जैसी बीमारियों का सामना करना पड़ता है। कार्यक्रम में अधिवक्ता नेमी चंद जैन, नीरज दुबे एलटी, राजीव जैन काउंसलर, अतिरिक्त जिला सूचना अधिकारी केबी मिश्र, एडीओ समाज कल्याण, संरक्षक सुरेंद्र पाल, सुमित कुमार, पवन, विनोद कुमार जैन, अयूब खां, प्रभूदयाल, अंकित उपस्थित रहे।
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विधिक शिविर में बताए तंबाकू के नुकसान
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
विश्व तंबाकू निषेध दिवस के मौके पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम ललितपुर द्वारा जिला चिकित्सालय के रैन बसेरा में एक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इसमें तंबाकू से होने वाली हानियों एवं विधिक कानूनों के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य न्यायाधीश परिवार न्यायालय मनोज कुमार अग्रवाल और प्राधिकरण के सचिव सतेंद्र सिंह वर्मा की उपस्थिति व सीएमएस डा. एसके वासबानी द्वारा की गई।
जिला जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ललितपुर के सचिव न्यायाधीश सत्येंद्र सिंह वर्मा ने कहा कि नशा करना ही गलत है चाहें वह तंबाकू हो या अन्य उत्पाद हो हमें प्रत्येक व्यक्ति को जागरूक करना होगा कि तंबाकू जैसा जहर नहीं बल्कि एक सुरक्षित जीवन चुनने की आवश्यकता है। आज कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे एडीजे परिवार न्यायालय मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि तम्बाकू नियंत्रण कानून 2003 का प्रभावी क्रियान्वयन बहुत ही जरूरी है। जिसकी धारा-4 के अन्तर्गत सार्वजनिक स्थानों पर धू्रमपान/तम्बाकू सेवन करना दंडनीय अपराध है। धारा-5 तम्बाकू उत्पादों का प्रचार-प्रसार करना अपराध है एवं धारा-6 के अन्तर्गत नाबालिग को तंबाकू उत्पाद बेचना एवं बिकवाना और शैक्षणिक संस्थाओं की 100 गज की परिधि में तंबाकू की बिक्री अपराध है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के द्वारा तम्बाकू नियंत्रण हेतु कार्यक्रम चलाया जा रहा है जो निश्चित ही समाजहित में है। कार्यक्रम में उपस्थित सभी ने हस्ताक्षर अभियान में भाग लिया। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. पवन सूद ने बताया कि तंबाकू एक जहर है और इसके सेवन से सिर से लेकर पैर तक अनगिनत बीमारियां होती है। कार्यक्रम की परामर्शदाता मंजूलता ने सभी को अवगत कराया कि तंबाकू में पाया जाने वाला निकोटीन नाम का जहर बड़ा ही खतरनाक होता है, जिससे व्यक्तियों को हृदय संबंधित रोग होते हैं तंबाकू में टार पाया जाता है जिसके कारण फेफडों का कैंसर होता है। कार्बन मोनो ऑक्साईड एक जहरीली गैस है जो ऑक्सीजन लेने वाली क्षमता को कम कर देती है और उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के अंतर्गत जिला चिकित्सालय के एनसीडी सैल कमरा नं. 4 में तंबाकू छोड़ने हेतु एक परामर्श केंद्र बनाया गया है। डा. सौरभ देवलिया ने तंबाकू छोड़ने हेतु दृढ़ संकल्पित होना बहुत जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि तंबाकू छोड़ना कोई कठिन नहीं है । इसी क्रम में कार्यक्रम के जनपद सलाहकार डा. रुद्रप्रताप सिंह बुन्देला ने उपस्थित सभी को अवगत कराया कि कार्यक्रम कार्यकर्ताओं द्वारा पूर्ण प्रयास किया जा रहा है कि जनपद को तंबाकू मुक्त बनाया जाये। सामाजिक कार्यकर्ता संजय त्रिपाठी ने सभी से आग्रह कर संदेश दिया कि आज के अवसर पर सभी शपथ लें कि आज से तंबाकू उत्पादों का सेवन नहीं करेंगे। डा. एसके वासबानी ने कहा कि व्यक्ति तंबाकू वह सेवन करना बंद करें, एक बार तंबाकू की लत जब व्यक्ति को लग जाती है तो इससे छुटकारा थोड़ा मुश्किल होता है। तंबाकू उत्पादों के सेवन से ही ब्लड प्रेसर, ब्लड शुगर, हाईपरटेंशन, नपुंसकता, पेट में घाव और कैंसर और अन्य खतरनाक जैसी बीमारियों का सामना करना पड़ता है। कार्यक्रम में अधिवक्ता नेमी चंद जैन, नीरज दुबे एलटी, राजीव जैन काउंसलर, अतिरिक्त जिला सूचना अधिकारी केबी मिश्र, एडीओ समाज कल्याण, संरक्षक सुरेंद्र पाल, सुमित कुमार, पवन, विनोद कुमार जैन, अयूब खां, प्रभूदयाल, अंकित उपस्थित रहे।
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