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चिकित्सकों की कमी पूरी नहीं हुई और खोल् दी एक दर्जन नई पीएससी
Updated Mon, 24 Sep 2018 01:24 AM IST
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चिकित्सकों की कमी पूरी नहीं हुई और खोल दी एक दर्जन नई पीएससी
व्यवस्था बनाने के लिए फार्मासिस्टों को तीन दिन के लिए किया अटैच
ललितपुर। स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सकों की कमी को नजरअंदाज करते हुए एक दर्जन नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोल दिए हैं। ऐसे में न तो नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और न ही पुराने स्वास्थ्य केंद्र ठीक से काम कर पा रहे हैं। वर्तमान में सीएमओ ने व्यवस्था बनाने के लिए नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में फार्मासिस्टों को तीन दिन के लिए अटैच कर दिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निर्धनों को स्वास्थ्य लाभ पहुंचाने के लिए आयुष्मान भारत योजना शुरू की है। इसमें पांच लाख रुपये के उपचार की व्यवस्था की गई है। लेकिन पूर्व से संचालित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में अब तक चिकित्सकों की तैनाती नहीं की जा सकी है। इतना ही नहीं, जिले में 12 नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोल दिए गए हैं। जिनमें भी चिकित्सकों व फार्मासिस्टों की तैनाती नहीं हुई है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ ग्रामीणों तक कितना पहुंचेगा, इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। जिले के नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सक न होने से आने वाले मरीजों को समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। मरीज उपचार की उम्मीद लेकर अस्पताल आते हैं। यहां पर चिकित्सक न मिलने पर मायूस होकर लौट जाते हैं। जिस पर लोगों को शहरों की ओर रुख करना पड़ता है। ऐसे में सामान्य मरीजों को भी निजी चिकित्सकों का सहारा लेना पड़ता है। अन्यथा ग्रामीण क्षेत्रों में झोलाछाप चिकित्सकों से उपचार कराना पड़ता है। इससे मरीज अपने को उपचार के नाम पर ठगा सा महसूस करते हैँ। वहीं मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. प्रताप सिंह ने बताय कि न्यू पीएससी पर आने वाले मरीजों को उपचार के लिए तीन दिन के लिए पास के पीएससी/सीएससी से एक चिकित्सक को अटैच किया गया है। जो तीन दिन न्यू पीएससी के ओपीडी कक्ष में बैठकर मरीजों का उपचार कर रहे हैँ। अन्य दिनों में केवल फार्मासिस्ट के सहारे संचालित किया जा रहा है। यह मरीजों को दवाएं देकर इलाज कर रहे हैँं। इन अस्पतालों में केवल एक फार्मासिस्ट, एक लैब सहायक, वार्ड व्याय, एनएम व अन्य चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी नियुक्त है। जो अस्पतालों में सेवाएं दे रहे हैं।
शासन को किया पत्राचार
जिले में चिकित्सकों की कमी है। जिसके लिए शासन को पत्राचार किया गया है। चिकित्सक मिलते ही इन अस्पतालों में नियुक्त किए जाएंगे।
डा. प्रताप सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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व्यवस्था बनाने के लिए फार्मासिस्टों को तीन दिन के लिए किया अटैच
ललितपुर। स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सकों की कमी को नजरअंदाज करते हुए एक दर्जन नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोल दिए हैं। ऐसे में न तो नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और न ही पुराने स्वास्थ्य केंद्र ठीक से काम कर पा रहे हैं। वर्तमान में सीएमओ ने व्यवस्था बनाने के लिए नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में फार्मासिस्टों को तीन दिन के लिए अटैच कर दिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निर्धनों को स्वास्थ्य लाभ पहुंचाने के लिए आयुष्मान भारत योजना शुरू की है। इसमें पांच लाख रुपये के उपचार की व्यवस्था की गई है। लेकिन पूर्व से संचालित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में अब तक चिकित्सकों की तैनाती नहीं की जा सकी है। इतना ही नहीं, जिले में 12 नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोल दिए गए हैं। जिनमें भी चिकित्सकों व फार्मासिस्टों की तैनाती नहीं हुई है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ ग्रामीणों तक कितना पहुंचेगा, इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। जिले के नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सक न होने से आने वाले मरीजों को समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। मरीज उपचार की उम्मीद लेकर अस्पताल आते हैं। यहां पर चिकित्सक न मिलने पर मायूस होकर लौट जाते हैं। जिस पर लोगों को शहरों की ओर रुख करना पड़ता है। ऐसे में सामान्य मरीजों को भी निजी चिकित्सकों का सहारा लेना पड़ता है। अन्यथा ग्रामीण क्षेत्रों में झोलाछाप चिकित्सकों से उपचार कराना पड़ता है। इससे मरीज अपने को उपचार के नाम पर ठगा सा महसूस करते हैँ। वहीं मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. प्रताप सिंह ने बताय कि न्यू पीएससी पर आने वाले मरीजों को उपचार के लिए तीन दिन के लिए पास के पीएससी/सीएससी से एक चिकित्सक को अटैच किया गया है। जो तीन दिन न्यू पीएससी के ओपीडी कक्ष में बैठकर मरीजों का उपचार कर रहे हैँ। अन्य दिनों में केवल फार्मासिस्ट के सहारे संचालित किया जा रहा है। यह मरीजों को दवाएं देकर इलाज कर रहे हैँं। इन अस्पतालों में केवल एक फार्मासिस्ट, एक लैब सहायक, वार्ड व्याय, एनएम व अन्य चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी नियुक्त है। जो अस्पतालों में सेवाएं दे रहे हैं।
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शासन को किया पत्राचार
जिले में चिकित्सकों की कमी है। जिसके लिए शासन को पत्राचार किया गया है। चिकित्सक मिलते ही इन अस्पतालों में नियुक्त किए जाएंगे।
डा. प्रताप सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी